पश्चिम बंगाल में I-PAC के दफ्तरों पर हुई ED की छापेमारी में बाधा डालने के आरोपों को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और राज्य सरकार के अधिकारियों के खिलाफ दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. ईडी की ओर से पेश हुए भारत के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने इस अनुरोध का विरोध करते हुए कहा कि यदि राज्य कार्यवाही में देरी करना चाहता है, तो उसे इसके वैध कारण बताने होंगे. न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति केवी विश्वनाथन की पीठ ने सुनवाई स्थगित करने से इनकार कर दिया और पश्चिम बंगाल सरकार को अपनी दलीलें पेश करने को कहा. पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से मामले को 5 जजों की संविधान पीठ के पास भेजने की मांग की गई.
ED raids at I-PAC | Solicitor General of India, Tushar Mehta, appearing for the ED, opposed the request, submitting that if the State seeks to delay proceedings, it must provide valid reasons.A bench of Justices Prashant Kumar Mishra and K. V. Vishwanathan refused to adjourn… https://t.co/Z8tgZuD6DQ
— ANI (@ANI) March 18, 2026










