रविवार को पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे थे. इस दौरान उनके समर्थकों और विरोधियों में बहस के बाद झड़प शुरू हो गई. सांसद पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि इस सबके बीच एक शख्स उन्हें मारने के इरादे से चाकू लेकर भीड़ में घुसा था. जब पप्पू यादव पर हमला हुआ उस वक्त न्यूज़ 24 पप्पू यादव के आवास पर मौजूद था. अचानक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पहले पप्पू यादव पर जूता फेंका गया और फिर हमले की कोशिश हुई. उसके बाद समर्थकों ने उसे पकड़ लिया और पीटना शुरू किया.
‘मुझे मारने की साज़िश रची’
हमले के बाद पप्पू यादव ने कहा- ”मैंने पहले ही कई FIR दर्ज कराई हैं. मेरे वकील भी यहां मौजूद हैं. मैं डरूंगा नहीं. अगर कोई मुझे मारना चाहता है, तो आकर मार दे.” उन्होंने कहा- ”हमने हमलावरों को पकड़ा और पुलिस के हवाले कर दिया. मुझे मारने की साज़िश रची गई थी, लेकिन मैं बच गया”. पुलिस ने पप्पू यादव पर हमला करने के मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने उनके पास से एक चाकू भी बरामद किया है. पप्पू यादव ने कहा- ”कई बाबा मुझे ‘जलाने-मारने’ की बात कर रहे हैं.. अगर आज वहां पर इतने लोग मौजूद नहीं होते तो मैं खत्म हो जाता. कल रात ही मेरे परिजनों को भी परेशान किया गया है.”
दिल्ली पुलिस पर लगाया आरोप
पप्पू यादव के मीडिया कन्वीनर, जो झड़प के समय मौके पर मौजूद थे, उन्होंने कहा- ” हमलावरों ने पहले चप्पल निकाली और उसे फेंका. जब हमला करने के लिए चाकू निकाला गया, तो हमारे समर्थकों और साथियों ने हमलावर को पकड़ने की कोशिश की. मैं आगे बढ़ा और हमलावर और पप्पू यादव के बीच खड़ा हो गया और इसके नतीजे में मुझे बुरी तरह पीटा गया.” उन्होंने आगे कहा-”दिल्ली पुलिस खड़ी रही और उन्होंने ऐसा होने दिया. ये लोग ‘प्रयागराज पार्ट टू’ करने आए थे. वो आज अतीक अहमद वाली घटना को दोहराने आए थे. मैं ही था जिसने आज सुबह DCP से मुलाकात की थी और औपचारिक शिकायत दर्ज कराई थी कि सांसद पप्पू यादव आज आ रहे हैं और उन्हें सोशल मीडिया पर लगातार धमकियां मिल रही हैं. ये सब जानने के बावजूद, उन्होंने सिर्फ तीन या चार पुलिसकर्मी तैनात किए और वो भी बस गुंडों की सुरक्षा कर रहे थे. एक भी पुलिसकर्मी पप्पू यादव को बचाने के लिए आगे नहीं आया. कैमरों के पीछे तीन या चार लोग छिपे हुए थे. अचानक, किसी ने चाकू निकाला, किसी और ने चप्पल. सांसद ही निशाने पर थे, कोई और नहीं.”