30 करोड़ साल पुरानी रहस्यमयी खोपड़ी से खुला राज, मिल गया धरती का सबसे पहला ‘शाकाहारी’ जीव
कनाडा में 30 करोड़ साल पुरानी एक रहस्यमयी खोपड़ी मिली है. वैज्ञानिकों को यह खोपड़ी कनाडा के नोवा स्कोटिया में एक पेड़ की लकड़ी के अवशेषों में मिली है. इस खोज के बारे में एक स्टडी नेचर इकोलॉजी एंड इवोल्यूशन जर्नल में पब्लिश हुई थी. वैज्ञानिकों का मानना है कि यह धरती के सबसे पहले शाकाहारी जीवों में से एक की हो सकती है.
Edited By : Versha Singh|Updated: Feb 12, 2026 21:31
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कनाडा में 30 करोड़ साल पुरानी एक रहस्यमयी खोपड़ी मिली है. वैज्ञानिकों को यह खोपड़ी कनाडा के नोवा स्कोटिया में एक पेड़ की लकड़ी के अवशेषों में मिली है. इस खोज के बारे में एक स्टडी नेचर इकोलॉजी एंड इवोल्यूशन जर्नल में पब्लिश हुई थी. वैज्ञानिकों का मानना है कि यह धरती के सबसे पहले शाकाहारी जीवों में से एक की हो सकती है.
पहले वैज्ञानिकों का मानना था कि जब जानवर पहली बार पानी से जमीन पर आए, तो वे सभी मीट खाते थे. उनका मानना था कि जानवरों को पौधे खाने का तरीका समझने में बहुत लंबा समय लगा. लेकिन 30 करोड़ साल पुरानी इस खोपड़ी से यह साबित हो जाता है कि जानवरों ने पहले सोचे गए समय से लाखों साल पहले घास खाना शुरू कर दिया था. अब तक माना जाता था कि धरती पर शाकाहारी जीवों का विकास बहुत बाद में हुआ, लेकिन इस खोज ने उन सभी धारणाओं को बदल दिया है.
दांतों की बनावट से खुला राज
इस शोध के मुताबिक, इस जीव की खोपड़ी और जबड़ों की बनावट अनोखी है. इसके मुंह के ऊपरी हिस्से और जबड़ों में ऐसे दांत पाए गए हैं जो पौधों और रेशेदार वनस्पतियों को पीसने के लिए बने थे. वैज्ञानिकों का कहना है कि यह जीव छिपकली जैसा दिखता था.
शोधकर्ताओं का मानना है कि यह खोज हमें यह समझने में मदद करती है कि कैसे रीढ़ वाले जीवों ने मांस खाना छोड़कर पौधों को अपना आहार बनाया.
कनाडा में 30 करोड़ साल पुरानी एक रहस्यमयी खोपड़ी मिली है. वैज्ञानिकों को यह खोपड़ी कनाडा के नोवा स्कोटिया में एक पेड़ की लकड़ी के अवशेषों में मिली है. इस खोज के बारे में एक स्टडी नेचर इकोलॉजी एंड इवोल्यूशन जर्नल में पब्लिश हुई थी. वैज्ञानिकों का मानना है कि यह धरती के सबसे पहले शाकाहारी जीवों में से एक की हो सकती है.
पहले वैज्ञानिकों का मानना था कि जब जानवर पहली बार पानी से जमीन पर आए, तो वे सभी मीट खाते थे. उनका मानना था कि जानवरों को पौधे खाने का तरीका समझने में बहुत लंबा समय लगा. लेकिन 30 करोड़ साल पुरानी इस खोपड़ी से यह साबित हो जाता है कि जानवरों ने पहले सोचे गए समय से लाखों साल पहले घास खाना शुरू कर दिया था. अब तक माना जाता था कि धरती पर शाकाहारी जीवों का विकास बहुत बाद में हुआ, लेकिन इस खोज ने उन सभी धारणाओं को बदल दिया है.
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दांतों की बनावट से खुला राज
इस शोध के मुताबिक, इस जीव की खोपड़ी और जबड़ों की बनावट अनोखी है. इसके मुंह के ऊपरी हिस्से और जबड़ों में ऐसे दांत पाए गए हैं जो पौधों और रेशेदार वनस्पतियों को पीसने के लिए बने थे. वैज्ञानिकों का कहना है कि यह जीव छिपकली जैसा दिखता था.
शोधकर्ताओं का मानना है कि यह खोज हमें यह समझने में मदद करती है कि कैसे रीढ़ वाले जीवों ने मांस खाना छोड़कर पौधों को अपना आहार बनाया.