वात-पित्त और कफ का संतुलन बिगड़ा तो होंगे इन बीमारियों का शिकार, जानें कैसे करें बचाव
Edited By Deepti Sharma

vaat pith cough
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vaat pith cough
Vaat, Pith and Cough: आयुर्वेद में वात, पित्त और कफ का भारी महत्व है क्योंकि ये तीनों शरीर को हेल्दी या अनहेल्दी रखने में मुख्य कारण होते हैं। लेकिन ज्यादातर लोग इस बात को नहीं जातने हैं। कोरोना काल के बाद से ही आयुर्वेद की तरफ लोगों की दिलचस्पी काफी ज्यादा बढ़ी है। एक तरह से देखा जाए तो आयुर्वेद में उपचार जड़ी-बूटियों से से किया जाता है। वात-पित्त और कफ ये तीनों का संतुलन अच्छे हेल्थ की निशानी होता है।
अगर कोई गड़बड़ हो जाए तो तबियत खराब हो जाती है। इन्हें आयुर्वेद में त्रिदोष भी कहा जाता है। आयुर्वेद के अनुसार, कफ दोष में 28 बीमारियां, पित्त में 40 बीमारियां और वात दोष में 80 तरह की बीमारियां होती हैं। कफ की समस्या चेस्ट के ऊपरी भाग में होती है। वहीं, पित्त की परेशानी चेस्ट के नीचे और कमर में होती है और वात की परेशानी कमर के नीचे वाले भाग और हाथों में होती है।
Disclaimer: इस लेख में बताई गई जानकारी और सुझाव को पाठक अमल करने से पहले डॉक्टर या संबंधित एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें। News24 की ओर से किसी जानकारी और सूचना को लेकर कोई दावा नहीं किया जा रहा है।
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