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कहीं नींद तो नहीं है मोटापे की वजह? हेल्थ एक्सपर्ट से जानें, दोनों के बीच का कनेक्शन
Sleep Apnea Symptoms: मोटापा और नींद की समस्या एक-दूसरे से संबंधित होते हैं। हेल्थ एक्सपर्ट बताते हैं कि अगर आप ज्यादा सोते हैं, तो भी मोटे हो सकते हैं। वहीं, अगर आप कम सोते हैं, तो भी आपका वजन बढ़ सकता है। मगर इन दोनों के बीच क्या संबंध है? इस रिपोर्ट में जानते हैं सब कुछ।
Sleep Apnea Symptoms: स्लीप एपनिया एक गंभीर नींद से जुड़ी बीमारी है। नींद की इस बीमारी में लोगों की सांसें रुक जाती हैं। समय रहते इसका इलाज करना जरूरी हो जाता है क्योंकि यह समस्या ज्यादा बढ़ जाए, तो गंभीर बीमारी हो सकती है। कुछ रिपोर्ट्स में पाया गया है कि स्लीप एपनिया से मोटापा बढ़ सकता है। हालांकि, इसके अलावा भी स्लीप एपनिया के कई और कारण भी हैं मोटापा बढ़ने के, जैसे शराब पीना या स्ट्रेस लेना। स्लीप एपनिया से ब्लड प्रेशर हाई होने की समस्या भी हो सकती है, जिससे हार्ट अटैक का रिस्क बढ़ता है। चलिए जानते हैं स्लीप एपनिया कैसी बीमारी है और क्या सच में इससे मोटापा बढ़ सकता है।
क्या है स्लीप एपनिया?
स्लीप एपनिया और मोटापे के बीच संबंध की यह जानकारी हम आपको हेल्थ ओपीडी (Health OPD) नाम के यूट्यूब पेज पर शेयर किए गए एक वीडियो द्वारा दे रहे हैं। इस वीडियो में डॉक्टर हेमन्त कुमार मोटापे और स्लीप एपनिया के संबंध को दर्शा रहे हैं। स्लीप एपनिया, एक ऐसी बीमारी है जिसमें लोगों के साथ अक्सर सोते समय सांस रुकने या धीमी होने की समस्या होती है। दरअसल, इस डिसऑर्डर में सोते वक्त लोगों के वायुमार्ग में रुकावट आती है।
ये भी पढ़ें- कोलन कैंसर की पहली स्टेज के शुरुआती संकेत क्या?
ओबेसिटी पर क्या बोले डॉक्टर?
डॉक्टर हेमन्त बताते हैं कि ओबेसिटी यानी शरीर में एक्स्ट्रा फैट्स का जमना कोई रेयर नहीं, बल्कि अब के समय में एक गंभीर और कॉमन बीमारी बन चुकी है। यह बीमारी एक समय पर कम लोगों को प्रभावित करती थी, लेकिन अब बीपी और शुगर की तरह यह बीमारी भी कॉमन और लाइफस्टाइल डिजीज बन चुकी है। ओबेसिटी, 30 से अधिक उम्र के लोगों में कॉमन बीमारी हो गई है, जो ज्यादा वजन के चलते ही होती है।
क्या स्लीप एपनिया से मोटापा बढ़ता है?
ऐसा संभव है कि स्लीप एपनिया से वजन बढ़ने की बीमारी हो सकती है, क्योंकि पर्याप्त नींद न लेना वेट गेन का एक कारण है। इससे मेटाबॉलिज्म पर असर पड़ता है, जिससे भूख बढ़ती है और खाना खाने के बाद भी पेट भरा हुआ महसूस नहीं होता है।
स्लीप एपनिया के शुरुआती संकेत
दिन में नींद आना।
जोर-जोर से खर्राटे लेना।
सोते समय सांसें रुकना।
रात के समय जागने और हांफने की समस्या होना।
हाई बीपी के साथ मोटापा और कमजोर याददाश्त भी इस बीमारी के संकेत हैं।
Sleep Apnea Symptoms: स्लीप एपनिया एक गंभीर नींद से जुड़ी बीमारी है। नींद की इस बीमारी में लोगों की सांसें रुक जाती हैं। समय रहते इसका इलाज करना जरूरी हो जाता है क्योंकि यह समस्या ज्यादा बढ़ जाए, तो गंभीर बीमारी हो सकती है। कुछ रिपोर्ट्स में पाया गया है कि स्लीप एपनिया से मोटापा बढ़ सकता है। हालांकि, इसके अलावा भी स्लीप एपनिया के कई और कारण भी हैं मोटापा बढ़ने के, जैसे शराब पीना या स्ट्रेस लेना। स्लीप एपनिया से ब्लड प्रेशर हाई होने की समस्या भी हो सकती है, जिससे हार्ट अटैक का रिस्क बढ़ता है। चलिए जानते हैं स्लीप एपनिया कैसी बीमारी है और क्या सच में इससे मोटापा बढ़ सकता है।
क्या है स्लीप एपनिया?
स्लीप एपनिया और मोटापे के बीच संबंध की यह जानकारी हम आपको हेल्थ ओपीडी (Health OPD) नाम के यूट्यूब पेज पर शेयर किए गए एक वीडियो द्वारा दे रहे हैं। इस वीडियो में डॉक्टर हेमन्त कुमार मोटापे और स्लीप एपनिया के संबंध को दर्शा रहे हैं। स्लीप एपनिया, एक ऐसी बीमारी है जिसमें लोगों के साथ अक्सर सोते समय सांस रुकने या धीमी होने की समस्या होती है। दरअसल, इस डिसऑर्डर में सोते वक्त लोगों के वायुमार्ग में रुकावट आती है।
डॉक्टर हेमन्त बताते हैं कि ओबेसिटी यानी शरीर में एक्स्ट्रा फैट्स का जमना कोई रेयर नहीं, बल्कि अब के समय में एक गंभीर और कॉमन बीमारी बन चुकी है। यह बीमारी एक समय पर कम लोगों को प्रभावित करती थी, लेकिन अब बीपी और शुगर की तरह यह बीमारी भी कॉमन और लाइफस्टाइल डिजीज बन चुकी है। ओबेसिटी, 30 से अधिक उम्र के लोगों में कॉमन बीमारी हो गई है, जो ज्यादा वजन के चलते ही होती है।
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क्या स्लीप एपनिया से मोटापा बढ़ता है?
ऐसा संभव है कि स्लीप एपनिया से वजन बढ़ने की बीमारी हो सकती है, क्योंकि पर्याप्त नींद न लेना वेट गेन का एक कारण है। इससे मेटाबॉलिज्म पर असर पड़ता है, जिससे भूख बढ़ती है और खाना खाने के बाद भी पेट भरा हुआ महसूस नहीं होता है।
स्लीप एपनिया के शुरुआती संकेत
दिन में नींद आना।
जोर-जोर से खर्राटे लेना।
सोते समय सांसें रुकना।
रात के समय जागने और हांफने की समस्या होना।
हाई बीपी के साथ मोटापा और कमजोर याददाश्त भी इस बीमारी के संकेत हैं।