कैसे पता चलेगा बच्चे को हो गया है ऑटिज्म? यहां जानिए कैसे दिखते हैं Autism के लक्षण

Autism Symptoms: ऑटिज्म मस्तिष्क से जुड़ी एक न्यूरोलॉजिकल स्थिति है जिसमें व्यक्ति का व्यवहार, बोलने और सीखने के तरीके पर प्रभाव पड़ता है. ऐसे में यहां जानिए अगर किसी बच्चे को ऑटिज्म की दिक्कत है तो किस तरह के लक्षण नजर आने लगते हैं.

Autism Symptoms

ऑटिज्म होने पर कैसे पता चलता है, जानिए यहां.

Autism Signs: ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसोर्डर दिमाग से जुड़ी एक दिक्कत है जिसमें व्यक्ति के बोलने, सीखने और लोगों से बात करने का तरीका प्रभावित होता है. इस कंडीशन में व्यवहार में भी कई तरह के बदलाव नजर आते हैं. इसे स्पेक्ट्र्म कंडीशन इसीलिए कहा जाता है क्योंकि इसमें कई तरह के लक्षण नजर आते हैं जो एकदूसरे से कई लेवल्स पर अलग हो सकते हैं. ऑटिज्म को लेकर जागरूकता फैलाने के लिए ही हर साल 2 अप्रैल को वर्ल्ड ऑटिज्म अवेयरनेस डे (World Autism Awareness Day) मनाया जाता है. ऑटिज्म डिसोर्डर बचपन में शुरू होता है, इसीलिए बच्चे को ऑटिज्म है या नहीं इसे कम उम्र में ही पहचाना जा सकता है. ऐसे में यहां जानिए किन लक्षणों (Autism Symptoms) से पता चला है कि बच्चे को ऑटिज्म है या नहीं.

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ऑटिज्म के लक्षम कैसे नजर आते हैं

  • ऑटिज्म होने पर बच्चा आई कॉन्टेक्ट यानी नजरें मिलाने से परहेज करने लगता है.
  • बच्चे के चेहरे पर किसी तरह के भाव नजर नहीं आते हैं, यानी वह दुखी है, खुश है या गुस्सा है यह उसके चेहरे को देखकर नहीं पहचाना जाता.
  • एक साल का होने के बाद भी बच्चा अपनी उम्र के बाकी बच्चों की तरह आसान खेलों को नहीं समझ पाता है.
  • बच्चा 3 साल का होने के बाद भी बाकी बच्चों के साथ खेलने नहीं जाता है या उन्हें खेलते हुए नॉटिस नहीं करता है.
  • 5 साल का होने के बाद भी बच्चा गाता नहीं है, नाचता नहीं है या वह बाकी बच्चों की तरह एक्टिव नहीं होता है.

बच्चे की सोशल स्किल्स डेवलप नहीं होतीं

ऑटिज्म में बच्चे की सोशल स्किल्स डेवलप नहीं होती हैं. बच्चा अपना नाम सुनकर भी रिस्पोंड नहीं करता है. वह अकेले रहना पसंद करता है और खुद से किसी से बातचीत शुरू नहीं करता है. ऑटिज्म में बच्चा एक ही बात को अक्सर दोरहराता रहता है. वह अपने इमोशंस को दिखाता नहीं है और उसे यह समझने में भी दिक्कत होती है कि कोई और क्या महसूस कर रहा है.

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एक ही मूवमेंट दोहराता है

जिन बच्चों को ऑटिज्म होता है वह अक्सर ही एक ही मूवमेंट को बार-बार दोहराने लगले हैं. बच्चा चाहे कुर्सी पर आगे-पीछे हो रहा हो या फिर घूम रहा हो, वह मूवमेंट को रोकता नहीं है. कई बार बच्चा अपने आपको ही काटने लगता है, नोंचने लगता है या फिर अपना सिर दीवार पर मारना शुरू कर देता है. बच्चा कोर्डिनेटेड नहीं दिखता है और क्लम्जी होता है, वह इस तरह के पैटर्न्स में मूव करता है जो दूसरे लोगों को नॉर्मल नहीं लगता है.

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डॉक्टर से कब मिलना चाहिए

हर बच्चे का दिमाग अपनी अलग गति से डेवलप होता है. लेकिन, ऑटिज्म में बच्चे की ब्रेन डेवलपमेंट डिले हो जाती है यानी बहुत ज्यादा धीमी दिखने लगती है. इसमें बच्चे के बोलने की स्किल्स और सोशल इंटरेक्शंस पर भी असर पड़ता है. ऐसे में अगर आपको 3 साल तक की उम्र में बच्चे की डेवलपमेंट धीमी दिख रही है और ऑटिज्म के लक्षण नजर आ रहे हैं तो डॉक्टर से संपर्क करें.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Seema Thakur

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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