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खामोशी से शरीर में पनपते हैं ये खतरनाक कैंसर, लक्षण दिखते हैं तब तक हो जाती है देर

Silent Killer Diseases: शरीर में आने वाले छोटे-छोटे लक्षणों के देखकर या महसूस करके ही हम ये पता लगता पाते हैं कि हमारे शरीर में कोई समस्या हो रही है या नहीं. लेकिन क्या आप जानते हैं कुछ कैंसर के प्रकार ऐसे भी होते हैं, जिनके लक्षण जबतक लोगों को मालूम चलते हैं, तबतक बहुत देर हो चुकी होती है. आइए जानते हैं.

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अक्सर हम यह मान लेते हैं कि कोई गंभीर बीमारी होगी तो शरीर पहले ही तेज दर्द या साफ लक्षणों के जरिए हमें चेतावनी दे देगा. लेकिन कैंसर (Cancer) के कुछ प्रकार इस सोच को पूरी तरह गलत साबित करते हैं. आपको जानकर हैरानी होगी कि कैंसर सालों तक शरीर के अंदर बिना किसी तरह के लक्षण दिए बढ़ते रहते हैं. न तेज दर्द, न अचानक तबीयत बिगड़ना और न ही ऐसा कोई संकेत, जिससे इंसान समय रहते डॉक्टर तक पहुंचे. यही वजह है कि जब इनके लक्षण साफ तौर पर नजर आते हैं, तब तक बीमारी काफी आगे बढ़ चुकी होती है. कैंसर की असली खतरनाक बात उसकी रफ्तार नहीं, बल्कि उसकी खामोशी होती है, जो मरीज को यह अहसास कराती है कि वह एकदम फिट है.

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महिलाओं के लिए साइलेंट किलर बना रहा ये कैंसर

डिम्बग्रंथि का कैंसर (Ovarian Cancer) महिलाओं में सबसे ज्यादा नजरअंदाज किए जाने वाले कैंसरों में से एक है. इसके शुरुआती लक्षण बेहद मामूली होते हैं, जैसे पेट का थोड़ा फूलना, जल्दी पेट भर जाना, गैस जैसी परेशानी या नीचे पेट में हल्की बेचैनी है. ज्यादातर महिलाएं इन्हें सामान्य पाचन समस्या या पीरियड्स से जुड़ी दिक्कत समझकर नजरअंदाज कर देती हैं. यही लापरवाही आगे जाकर बहुत खतरनाक साबित होती है. एक्सपर्ट्स बताते हैं कि, आंकड़ों के अनुसार, ओवरी कैंसर के लगभग दो-तिहाई मामले तब सामने आते हैं जब यह बीमारी तीसरे या चौथे स्टेज में पहुंच चुकी होती है और पेट के दूसरे हिस्सों में फैल जाती है.

पैंक्रियाज का कैंसर

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पैंक्रियाज यानी अग्न्याशय (Pancreatic Cancer) का कैंसर दुनिया के सबसे खतरनाक कैंसरों में गिना जाता है. इसकी सबसे बड़ी वजह है कि यह शुरू में लगभग कोई लक्षण नहीं देता. इसके लक्षणों में न दर्द, न पीलिया और न ही कोई बड़ी पाचन समस्या होती है. लेकिन देखा गया है कि, ज्यादातर मामलों में मरीज तब डॉक्टर के पास पहुंचता है जब तेज पेट दर्द, अचानक वजन कम होना या पीलिया दिखाई देता है. हालांकि, तब तक सर्जरी का विकल्प भी सीमित हो जाता है. यही कारण है कि पैंक्रियाज कैंसर के बहुत कम मरीज पूरी तरह ठीक हो पाते हैं और इसे सबसे घातक साइलेंट कैंसर भी माना जाता है.

फेफड़ों का कैंसर

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फेफड़ों का कैंसर (Lungs Cancer) एक ऐसा कैंसर है, जिसके कारण सबसे ज्यादा मौतें होती हैं. इसके शुरुआती संकेत अक्सर हल्के होते हैं. लंबे समय तक रहने वाली हल्की खांसी, थोड़ा-सा सांस फूलना या लगातार थकान को लोग सामान्य समझ लेते हैं, खासकर धूम्रपान करने वाले. इसका नतीजा यह होता है कि करीब 70 प्रतिशत मरीज तब डॉक्टर के पास पहुंचते हैं जब कैंसर तीसरे या चौथे स्टेज में पहुंच चुका होता है. अगर समय रहते जांच हो जाए, तो जान बचाई जा सकती है.

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First published on: Jan 25, 2026 08:02 AM

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About the Author

Azhar Naim

अज़हर नईम एक डिजिटल पत्रकार हैं. अज़हर नईम News24 Bag Convergence में सब-एडिटर के रूप में कार्यरत हैं. यहां वह मुख्य रूप से लाइफस्टाइल, हेल्थ और वायरल सेक्शन से जुड़ी खबरें लिखते हैं. उन्होंने साल 2024 में श्री वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (BJMC) की डिग्री हासिल की. पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान उन्होंने इंडिया न्यूज और खबरफास्ट जैसे मीडिया संस्थानों के साथ काम किया, जहां उन्हें डिजिटल न्यूज रिपोर्टिंग और कंटेंट लेखन का अनुभव मिला. इसके बाद उन्होंने एक साल से ज्यादा समय तक (2024-2026) इंडिया डॉट कॉम (Zee Media) में ट्रेनी के तौर पर काम किया और हेल्थ, लाइफस्टाइल, वायरल, ट्रेंडिंग, न्यूज और टेक्नोलॉजी समेत कई बीट्स पर डिजिटल कंटेंट तैयार किया. अपने अब तक के अनुभव में अज़हर डिजिटल मीडिया के बदलते ट्रेंड्स को समझने, SEO-फ्रेंडली कंटेंट तैयार करने और पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए उपयोगी व आकर्षक स्टोरीज लिख रहे हैं. अज़हर नईम का पत्रकारिता में अनुभव कुल अनुभव: 2 साल से ज्यादा योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: उन्होंने श्री वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (BJMC) की डिग्री हासिल की. पिछला अनुभव: अज़हर ने न्यूज 24 से पहले इंडिया न्यूज़, खबरफास्ट और इंडिया डॉट कॉम (Zee Media) में अपनी पत्रकारिता की समझ और अनुभव को और मजबूत किया. अपने प्रोफेशनल सफर में उन्होंने दिल्ली ब्लास्ट, जम्मू-कश्मीर ब्लास्ट, ईरान-अमेरिका युद्ध, रूस-यूक्रेन युद्ध और कई विधानसभा चुनावों के अलावा लाइफस्टाइल और हेल्थ जैसे विविध विषयों पर कंटेंट तैयार किया है. विशेषज्ञता और फोकस अज़हर नईम को लाइफस्टाइल और हेल्थ का खासा अनुभव है, वह इन खबरों को आसान भाषा में समझाने में माहिर हैं और इन्हीं से जुड़ी स्टोरी पर लगातार काम कर रहे हैं. इसके अलावा उन्हें टिप्स और ट्रिक्स, स्किन केयर, हेयर केयर, किचन-गार्डनिंग और फैशन से जुड़ी खबरों में भी महारत हासिल है.

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