Lazy And Unfit Reasons: रोजाना चिलचिलाती गर्मी में निकलने के बाद जब आप अपने घर पहुंचते हैं, तो कितनी ज्यादा थकान महसूस होती है। क्योंकि हमारा दिमाग पूरे दिन इतना प्रेशर लेकर काम करता है कि इसका असर शाम को आकर कमजोरी के रूप में महसूस कर सकते हैं। दिनभर का वर्क लोड और सही डाइट न लेना भी थकान और कमजोरी का कारण बनते हैं। कुछ लोगों को तो फोन की बुरी लत होती है।
कहीं आप भी तो दिनभर फोन में रील्स स्क्रॉल तो नहीं करते रहते है? अगर ऐसा है तो आप भी देश के उन 50% अडल्ट में शामिल हैं, जो फिजिकली बिल्कुल एक्टिव नहीं रहते हैं। जो लोग फिजिकल एक्टिविटी नहीं करते हैं, उनके लिए एक्टिव रहना मुश्किल होता है।
स्टडी क्या कहती है
ऐसे लोग एक घंटे भी कसरत नहीं करते हैं। अगर फिट रहना चाहते हैं तो एक्टिव तो रहना होगा। एक तो भाग दौड़ भरी जिंदगी में खुद को एक्टिव और फिट रखना किसी टास्क से कम नहीं है। 'द लैंसेट ग्लोबल हेल्थ' (Lancet Global Health) की रिपोर्ट में सामने आया कि 2022 में भारत के 50% अडल्ट फिजिकली एक्टिव नहीं थे। पुरुषों के मुकावले भारत की महिलाएं और ज्यादा पीछे हैं। इन 50% लोगों में 42% पुरुष और 57% महिलाएं शामिल हैं।
अच्छी सेहत की नजर से WHO ने हर सप्ताह 150 मिनट मीडियम एक्सरसाइज या फिर हर हफ्ते 75 मिनट तेज स्पीड से एक्सरसाइज करने को सही बताया है। कोई इससे कम करता है तो वह सेहत के लिए सही नहीं है। रिपोर्ट में कहा गया है, देश की आधे से ज्यादा आबादी इस गाइडलाइन को पूरा नहीं कर पा रही है। वैश्विक स्तर पर 60 साल या इससे उम्र के लोगों में फिजिकली एक्टिविटी कम हो रही है।
2030 तक 60% अनफिट
स्टडी में कहा गया है कि देश में अपर्याप्त फिजिकली एक्टिविटी जहां साल 2000 में 22% थी, जो 2010 में 34% हो गए। स्टडी के अनुसार, अगर यही हाल रहा तो 2030 तक भारत की करीब 60% आबादी फिजिकली अनफिट हो जाएगी और 15% सुधार करने का वैश्विक लक्ष्य यानी की ग्लोबल गोल्स सपना बनकर रह जाएगा।
https://www.youtube.com/watch?v=LyTnfn_Q9v8
डब्ल्यूएचओ के मुताबिक, फिजिकली एक्टिव न रहने से डायबिटीज और हार्ट डिजीज का खतरा बढ़ जाता है। 2023 में की गई एक रिसर्च रिपोर्ट के मुताबिक, 2021 में भारत में 10.1 करोड़ लोग डायबिटीज से पीड़ित थे।
ये भी पढ़ें- पीरियड में हद से ज्यादा दर्द को न करें इग्नोर, कईं बॉलीवुड एक्ट्रेस हो चुकी हैं इस बीमारी की शिकार
Disclaimer: ऊपर दी गई जानकारी पर अमल करने से पहले डॉक्टर की राय अवश्य ले लें। News24 की ओर से कोई जानकारी का दावा नहीं किया जा रहा है।
Lazy And Unfit Reasons: रोजाना चिलचिलाती गर्मी में निकलने के बाद जब आप अपने घर पहुंचते हैं, तो कितनी ज्यादा थकान महसूस होती है। क्योंकि हमारा दिमाग पूरे दिन इतना प्रेशर लेकर काम करता है कि इसका असर शाम को आकर कमजोरी के रूप में महसूस कर सकते हैं। दिनभर का वर्क लोड और सही डाइट न लेना भी थकान और कमजोरी का कारण बनते हैं। कुछ लोगों को तो फोन की बुरी लत होती है।
कहीं आप भी तो दिनभर फोन में रील्स स्क्रॉल तो नहीं करते रहते है? अगर ऐसा है तो आप भी देश के उन 50% अडल्ट में शामिल हैं, जो फिजिकली बिल्कुल एक्टिव नहीं रहते हैं। जो लोग फिजिकल एक्टिविटी नहीं करते हैं, उनके लिए एक्टिव रहना मुश्किल होता है।
स्टडी क्या कहती है
ऐसे लोग एक घंटे भी कसरत नहीं करते हैं। अगर फिट रहना चाहते हैं तो एक्टिव तो रहना होगा। एक तो भाग दौड़ भरी जिंदगी में खुद को एक्टिव और फिट रखना किसी टास्क से कम नहीं है। ‘द लैंसेट ग्लोबल हेल्थ’ (Lancet Global Health) की रिपोर्ट में सामने आया कि 2022 में भारत के 50% अडल्ट फिजिकली एक्टिव नहीं थे। पुरुषों के मुकावले भारत की महिलाएं और ज्यादा पीछे हैं। इन 50% लोगों में 42% पुरुष और 57% महिलाएं शामिल हैं।
अच्छी सेहत की नजर से WHO ने हर सप्ताह 150 मिनट मीडियम एक्सरसाइज या फिर हर हफ्ते 75 मिनट तेज स्पीड से एक्सरसाइज करने को सही बताया है। कोई इससे कम करता है तो वह सेहत के लिए सही नहीं है। रिपोर्ट में कहा गया है, देश की आधे से ज्यादा आबादी इस गाइडलाइन को पूरा नहीं कर पा रही है। वैश्विक स्तर पर 60 साल या इससे उम्र के लोगों में फिजिकली एक्टिविटी कम हो रही है।
2030 तक 60% अनफिट
स्टडी में कहा गया है कि देश में अपर्याप्त फिजिकली एक्टिविटी जहां साल 2000 में 22% थी, जो 2010 में 34% हो गए। स्टडी के अनुसार, अगर यही हाल रहा तो 2030 तक भारत की करीब 60% आबादी फिजिकली अनफिट हो जाएगी और 15% सुधार करने का वैश्विक लक्ष्य यानी की ग्लोबल गोल्स सपना बनकर रह जाएगा।
डब्ल्यूएचओ के मुताबिक, फिजिकली एक्टिव न रहने से डायबिटीज और हार्ट डिजीज का खतरा बढ़ जाता है। 2023 में की गई एक रिसर्च रिपोर्ट के मुताबिक, 2021 में भारत में 10.1 करोड़ लोग डायबिटीज से पीड़ित थे।
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Disclaimer: ऊपर दी गई जानकारी पर अमल करने से पहले डॉक्टर की राय अवश्य ले लें। News24 की ओर से कोई जानकारी का दावा नहीं किया जा रहा है।