Gaurav Pandey
लिखने-पढ़ने का शौक है। राजनीति में दूर-दूर से रुचि है। अखबार की दुनिया के बाद अब डिजिटल के मैदान में हूं। आठ साल से ज्यादा समय से देश-विदेश की खबरें लिख रहा हूं। दैनिक जागरण और अमर उजाला जैसे संस्थानों में सेवाएं दी हैं।
Read More---विज्ञापन---
मच्छरों का साइज भले ही छोटा होता हो लेकिन इन्होंने पूरी दुनिया को परेशान कर रखा है। वहीं, अब यह समस्या और गंभीर हो गई है। वैज्ञानिकों को ऐसे मच्छर मिले हैं जो जेनेटिक रूप से म्यूटेट हो चुके हैं और इन पर कीटनाशकों का असर भी नहीं पड़ रहा है। इस तरह के बेहद खतरनाक मच्छर तंजानिया में पहली बार पाए गए हैं। यूनिवर्सिटी ऑफ ग्लासगो और तंजानिया के इफाकारा हेल्थ इंस्टीट्यूट ने वॉर्निंग दी है कि ये म्यूटेंट मच्छर मलेरिया के खिलाफ इंसानों की जंग को बेहद कमजोर कर सकते हैं।
द सन की एक रिपोर्ट के अनुसार स्टडी के लीड ऑथर और पीएचडी स्टूडेंट जोल ओडेरो ने कहा कि मलेरिया के संक्रमण को खत्म करने के लिए दशकों से चली आ रही प्रोग्रेस पर इन म्यूटेंट मच्छरों की वजह से संकट पैदा हो गया है। रिसर्चर्स ने तंजानिया की 10 लोकेशंस से मिले मच्छरों की जांच की और पाया कि इनमें से कुछ ने डीडीटी कीटनाशक के खिलाफ प्रतिरोधक क्षमता डेवलप कर ली है। रिसर्चर्स के अनुसार ऐसा एक जेनेटिक म्यूटेशन की वजह से हुआ है जिसको L976F कहा जाता है।
Mosquitoes have genetically mutated to survive insecticide, scientists have found.
Malaria-carrying insects which can resist the long-banned pesticide DDT have been discovered in Tanzania for the first time.#MutantMosquitoes pic.twitter.com/Pjil7uPSi7
— Deepak Kr Pandey (@DeepakKrPa43212) October 8, 2024
मॉलीक्यूलर इकोलॉजी में पब्लिश हुई इस रिसर्च के दौरान तंजानिया के मोरोगोरो इलाके के मच्छरों को जब कीटनाशक के संपर्क में लाया गया तो उनमें से केवल 66 प्रतिशत मामलों में मच्छरों की मौत हुई। जबकि अन्य मच्छरों के साथ ऐसा किया गया तो लगभग 100 प्रतिशत मर गए थे। बता दें कि ऐसा पहली बार देखा गया है कि मलेरिया फैलाने वाले मच्छरों में किसी भी केमिकल के खिलाफ इस तरह का नॉक डाउन रेजिस्टेंस देखा गया है। इन मच्छरों ने हेल्थ एक्सपर्ट्स की चिंता काफी बढ़ा दी है।
ये भी पढ़ें: लंच से पहले चाय पीना सही है या फिर नहीं? क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स
मच्छर कई तरह के घातक वायरस कैरी करते हैं। इन वायरस से मलेरिया, येलो फीवर और डेंगू जैसी समस्याएं हो सकती हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार साल 2022 में मलेरिया की वजह से 6 लाख लोगों की मौत हुई थी। जब मच्छर काटते हैं तो मलेरिया का कारण बने वाले पैरासाइट्स इंसान के खून में पहुंच जाते हैं जो इंसान को बीमार कर देते हैं। इनसे बचने के लिए प्रोटेक्टिव कपड़े पहनने, उचित दवाइयां लेने, वैक्सीनेशन और कीटनाशकों का इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है।
ये भी पढ़ें: एक बैक्टीरिया जिससे शरीर को 4 फायदे, कमी हो तो 4 दिक्कतें तय
न्यूज 24 पर पढ़ें हेल्थ, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।