कैंसर से ब्लड ग्रुप का क्या कनेक्शन है? क्या सच में 'O' ग्रुप सबसे सुरक्षित, जानिए किस Blood Group वालों को ज्यादा खतरा

Cancer By Blood Group: कैंसर एक ऐसी बीमारी है, जिससे बच पाना बहुत मुश्किल है. खराब लाइफस्टाइल, खानपान आदि इसकी बड़ी वजहों में से एक हैं. हालांकि, कई लोग दावा करते हैं कि कुछ ब्लड ग्रुप में कैंसर का सबसे ज्यादा खतरा रहता है. आइए जानते हैं कौन से बल्ड ग्रुप हैं वो और कितनी सच्चाई है इन दावों में.

Blood Group And Cancer Risk

ब्लड टाइप से भी रहता है कैंसर का खतरा?

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Khoon ke Group Se Cancer Ka Khatra: आज के समय में कैंसर के बढ़ते मामलों ने लोगों की चिंता काफी बढ़ा दी है. ऐसे बहुत से परिवार हैं, जिसमें किसी न किसी को इस गंभीर बीमारी का डर सताता है. आमतौर पर हम कैंसर के कारणों में धूम्रपान, खराब खानपान, प्रदूषण और जेनेटिक कारणों को ही जिम्मेदार मानते हैं. लेकिन अब मेडिकल रिसर्च यह संकेत दे रही है कि हमारा ब्लड ग्रुप भी कुछ हद तक कैंसर के जोखिम से जुड़ा हो सकता है. यानी सिर्फ जीवनशैली ही नहीं, बल्कि शरीर की जैविक बनावट भी इसमें भूमिका निभा सकती है. आइए जानते हैं पूरी डिटेल.

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कैंसर को लेकर क्या कहती है रिसर्च?

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कई अंतरराष्ट्रीय अध्ययनों में पाया गया है कि पेट के कैंसर यानी गैस्ट्रिक कैंसर (Gastric Cancer) का खतरा अलग-अलग ब्लड ग्रुप में भिन्न हो सकता है. कुछ शोधों के अनुसार ब्लड ग्रुप A वाले लोगों में, ब्लड ग्रुप O की तुलना में 13 से 19 प्रतिशत ज्यादा जोखिम पाया गया. ब्लड ग्रुप AB में यह खतरा करीब 18 प्रतिशत तक हो सकता है. गैस्ट्रिक कैंसर पेट की अंदरूनी परत में कोशिकाओं की असामान्य तरीके से बढ़ने से होता है, जो धीरे-धीरे हेल्दी टिशू को नुकसान पहुंचाता है. शुरुआती चरण में इसके लक्षण स्पष्ट नहीं होते, जिससे इसका पता देर से चलता है.

पैंक्रियाटिक कैंसर और ब्लड टाइप का क्या है संबंध

कुछ बड़ी हेल्थ स्टडीज में यह भी सामने आया कि पैंक्रियाज (Pancreas) यानी अग्न्याशय के कैंसर में भी ब्लड टाइप (Cancer By Blood Type) की भूमिका हो सकती है. रिपोर्ट्स के अनुसार ब्लड ग्रुप A में पैंक्रियाटिक कैंसर (Pancreatic Cancer) का जोखिम 32 प्रतिशत ज्यादा पाया गया, वहीं, ब्लड ग्रुप AB में यह जोखिम 51 प्रतिशत तक दिखा. बात करें ब्लड ग्रुप O की तो, उसमें कुल कैंसर का खतरा लगभग 16% कम पाया गया. हालांकि वैज्ञानिक यह भी स्पष्ट करते हैं कि यह जोखिम प्रतिशत के रूप में बढ़ता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि उस ब्लड ग्रुप वाले हर व्यक्ति को कैंसर होगा.

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हेलिकोबैक्टर पाइलोरी की भूमिका

विशेषज्ञों का मानना है कि ब्लड ग्रुप A वाले लोगों में हेलिकोबैक्टर पाइलोरी (Helicobacter Pylori) नामक बैक्टीरिया से संक्रमण की संभावना अधिक हो सकती है. यह बैक्टीरिया पेट के कैंसर का बड़ा कारण माना जाता है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुछ मामलों में इस बैक्टीरिया की गैरमौजूदगी में भी ब्लड ग्रुप A वालों में खतरा बना रह सकता है. वहीं, ब्लड ग्रुप AB में इस बैक्टीरिया की मौजूदगी रिस्क को और बढ़ा सकती है.

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सिर्फ ब्लड ग्रुप को जिम्मेदार ठहराना सही नहीं

डॉक्टर साफ तौर पर कहते हैं कि ब्लड ग्रुप को कैंसर का सीधा कारण नहीं माना जा सकता. सूजन पर कंट्रोल, इम्यून सिस्टम की प्रतिक्रिया, सेल-टू-सेल इंटरैक्शन और पेट में एसिड लेवल जैसे कई फैक्टर इसमें भूमिका निभाते हैं. इनके अलावा खराब खानपान, तंबाकू का सेवन, ज्यादा शराब पीना, मोटापा, लंबे समय तक सूजन और पर्यावरणीय प्रदूषण जैसे कई अन्य कारण भी कैंसर के जोखिम को बढ़ाते हैं. इसलिए केवल ब्लड ग्रुप के आधार पर घबराने की जरूरत नहीं है, बल्कि पूरे डेली-रूटीन पर ध्यान देने की जरूरत है.

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बचाव के लिए अपनाएं स्वस्थ आदतें

चाहे आपका ब्लड ग्रुप A, B, AB या O हो, स्वस्थ जीवनशैली ही सबसे बड़ा बचाव है. संतुलित आहार, ताजे फल और सब्जियां, नियमित व्यायाम, तंबाकू और शराब से दूरी तथा समय-समय पर हेल्थ चेकअप कैंसर के खतरे को काफी हद तक कम कर सकते हैं. जागरूकता और सही जानकारी ही इस गंभीर बीमारी से बचाव का सबसे मजबूत हथियार है.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Azhar Naim

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अज़हर नईम एक डिजिटल पत्रकार हैं. अज़हर नईम News24 Bag Convergence में सब-एडिटर के रूप में कार्यरत हैं. यहां वह मुख्य रूप से लाइफस्टाइल, हेल्थ और वायरल सेक्शन से जुड़ी खबरें लिखते हैं. उन्होंने साल 2024 में श्री वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (BJMC) की डिग्री हासिल की. पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान उन्होंने इंडिया न्यूज और खबरफास्ट जैसे मीडिया संस्थानों के साथ काम किया, जहां उन्हें डिजिटल न्यूज रिपोर्टिंग और कंटेंट लेखन का अनुभव मिला. इसके बाद उन्होंने एक साल से ज्यादा समय तक (2024-2026) इंडिया डॉट कॉम (Zee Media) में ट्रेनी के तौर पर काम किया और हेल्थ, लाइफस्टाइल, वायरल, ट्रेंडिंग, न्यूज और टेक्नोलॉजी समेत कई बीट्स पर डिजिटल कंटेंट तैयार किया. अपने अब तक के अनुभव में अज़हर डिजिटल मीडिया के बदलते ट्रेंड्स को समझने, SEO-फ्रेंडली कंटेंट तैयार करने और पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए उपयोगी व आकर्षक स्टोरीज लिख रहे हैं. अज़हर नईम का पत्रकारिता में अनुभव कुल अनुभव: 2 साल से ज्यादा योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: उन्होंने श्री वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (BJMC) की डिग्री हासिल की. पिछला अनुभव: अज़हर ने न्यूज 24 से पहले इंडिया न्यूज़, खबरफास्ट और इंडिया डॉट कॉम (Zee Media) में अपनी पत्रकारिता की समझ और अनुभव को और मजबूत किया. अपने प्रोफेशनल सफर में उन्होंने दिल्ली ब्लास्ट, जम्मू-कश्मीर ब्लास्ट, ईरान-अमेरिका युद्ध, रूस-यूक्रेन युद्ध और कई विधानसभा चुनावों के अलावा लाइफस्टाइल और हेल्थ जैसे विविध विषयों पर कंटेंट तैयार किया है. विशेषज्ञता और फोकस अज़हर नईम को लाइफस्टाइल और हेल्थ का खासा अनुभव है, वह इन खबरों को आसान भाषा में समझाने में माहिर हैं और इन्हीं से जुड़ी स्टोरी पर लगातार काम कर रहे हैं. इसके अलावा उन्हें टिप्स और ट्रिक्स, स्किन केयर, हेयर केयर, किचन-गार्डनिंग और फैशन से जुड़ी खबरों में भी महारत हासिल है.
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