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उम्र के साथ बढ़ जाता है BP का खतरा, इन 6 बातों को न करें इग्नोर

High Blood Pressure: हाई ब्लड प्रेशर उम्र के साथ एक साइलेंट खतरा बन जाता है, जो जेनेटिक, जीवनशैली की आदतों, मोटापे, सोडियम और पोटेशियम फूड्स, तनाव, पुरानी बीमारियों, दवाओं और हार्मोन बदलाव से प्रभावित होता है। इसकी रोकथाम के लिए रेगुलर जांच और जीवनशैली में बदलाव जरूरी हैं। 

Edited By : Deepti Sharma | Updated: Jun 19, 2024 14:36
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Image Credit: Freepik

High Blood Pressure: आप हाई बीपी को नहीं देख सकते हैं, जिसे हाइपरटेंशन भी कहा जाता है। ज्यादातर समय, आप इसे महसूस भी नहीं कर सकते हैं, लेकिन अगर आप हाइपरटेंशन से पीड़ित हैं या प्री हाइपरटेंशन से ग्रस्त हैं, तो आपकी सेहत पर इसके प्रभावों को समझना जरूरी है। बीपी में पूरे दिन सामान्य उतार-चढ़ाव होता रहता है। जब आप आराम कर रहे होते हैं या सो रहे होते हैं तो यह गिरता है और सुबह के दौरान बढ़ता है।

अगर आप तनाव में होते हैं, उत्साहित होते हैं या व्यायाम करते हैं तो भी बढ़ता है। लेकिन बीपी का लेवल बहुत अधिक बढ़ जाता है, तो यह ब्लड वेसल्स को नुकसान पहुंचा सकता है और उन्हें सख्त या कमजोर कर सकता है। यह असर हार्ट अटैक के जोखिम को दोगुना कर सकता है बल्कि स्ट्रोक का खतरा भी बढ़ता है।

हार्ट फेलियर, देखने में परेशानी, किडनी की समस्या, डिमेंशिया और peripheral artery disease (जो आपके पैरों में दर्द का कारण बनता है) जैसी समस्याओं को बढ़ा सकता है। शरीर की हड्डियों को कमजोर कर सकता है और पुरुषों में इरेक्टाइल डिस्फंक्शन भी कर सकता है।

कारण और रिस्क फैक्टर

अगर आप स्मोकिंग करते हैं या आपका वजन ज्यादा है। आप कम फाइबर वाले फूड्स खाते हैं या नमक अधिक खाते हैं। इसके अलावा ज्यादा शराब पीते हैं, तनाव में रहते हैं या बिल्कुल शारीरिक गतिविधि नहीं करते हैं, तो हाई बीपी का जोखिम बढ़ सकता है। हाई ब्लड प्रेशर के कुछ कारणों को कंट्रोल नहीं किया जा सकता है, जिसमें आपके जीन शामिल होते हैं। उम्र बढ़ने की भी भूमिका होती है।

कैसे करें रोकथाम

हेल्दी लाइफस्टाइल हाई बीपी और इसके हानिकारक प्रभावों के खिलाफ लड़ सकता है। अगर आपको पहले से ही प्री हाइपरटेंशन या हाइपरटेंशन है तो भी इसे कम करने में भी मदद कर सकते हैं।

वजन कम करें

ज्यादा वजन और खासकर आपके पेट के आसपास जमा फैट खून की मात्रा को बढ़ाकर और दबाव को कंट्रोल करने वाले हार्मोन के संतुलन को बदलकर बीपी बढ़ा सकता है। इसलिए वेट को मैनेज करें।

शराब का सेवन कम करें

शराब का सेवन सीमित करना बहुत जरूरी है। अगर आप दिन में दो से ज्यादा ड्रिंक्स लेते हैं, तो ऐसा न करें। क्योंकि थोड़ी शराब पीने से आर्टरी पर ज्यादा इफेक्ट नहीं पड़ता है, लेकिन ज्यादा शराब पीने से इसका उल्टा असर हो सकता है।

 ज्यादा चलें

एक्सरसाइज और अन्य प्रकार की फिजिकल एक्टिविटी आर्टरी को लचीला बनाए रखने में मदद करती हैं। अगर आपको पहले से ही हाई बीपी की शिकायत है, तो रेगुलर एक्सरसाइज करने से भी बीपी ठीक रहता है।

हेल्दी डाइट

कैल्शियम, मैग्नीशियम और पोटेशियम (कम फैट वाले और डेयरी प्रोडक्ट, जैसे दूध और दही, साथ ही साथ बीन्स में पाए जाने वाले मिनरल) आपके शरीर को बीपी को कंट्रोल करने में मदद करते हैं। सैचुरेटेड फैट (मांस, पनीर, मक्खन, भरपूर फैट वाले डेयरी उत्पादों और कई प्रोसेस्ड फूड में पाया जाता है) भी रक्तचाप बढ़ा सकता है।

स्मोकिंग न करें

स्मोकिंग आर्टरी को नुकसान पहुंचाता है और दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। जब आप सिगरेट पीते हैं, तो तम्बाकू प्रोडक्ट में मौजूद केमिकल ब्लड प्रेशर भी बढ़ाते हैं।

तनाव को कम करें

तनाव से होने वाला रिएक्शन हार्मोन जारी करता है, जो बीपी को बढ़ाता है। अगर आप रेगुलर रूप से ब्रीदिंग एक्सरसाइज और फिटनेस के लिए एक्टिविटी करते हैं, तो आप बेहतर महसूस करेंगे।

ये भी पढ़ें- ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में रामबाण हैं ये 5 सब्जियां, डायबिटीज वालों के लिए वरदान

Disclaimer: ऊपर दी गई जानकारी पर अमल करने से पहले डॉक्टर की राय अवश्य ले लें। News24 की ओर से कोई जानकारी का दावा नहीं किया जा रहा है।  

First published on: Jun 19, 2024 02:36 PM

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