राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का राष्ट्र के नाम संबोधन, कहा-हर क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ी है

नई दिल्ली: भारत की आजादी के 75 साल पूरे होने के उपलक्ष में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज राष्ट्र को संबोधित किया। यह राष्ट्रपति के तौर पर राष्ट्र के नाम यह उनका पहला संबोधन है। राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में कहा कि आज देश में स्वास्थ्य, शिक्षा और अर्थ-व्यवस्था तथा इनके साथ जुड़े अन्य क्षेत्रों में […]

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नई दिल्ली: भारत की आजादी के 75 साल पूरे होने के उपलक्ष में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज राष्ट्र को संबोधित किया। यह राष्ट्रपति के तौर पर राष्ट्र के नाम यह उनका पहला संबोधन है। राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में कहा कि आज देश में स्वास्थ्य, शिक्षा और अर्थ-व्यवस्था तथा इनके साथ जुड़े अन्य क्षेत्रों में जो अच्छे बदलाव दिखाई दे रहे हैं उनके मूल में सुशासन पर विशेष बल दिए जाने की प्रमुख भूमिका है। हमारे देश की बहुत सी उम्मीदें हमारी बेटियों पर टिकी हुई हैं।

उन्होंने कहा, ‘महिलाएं अनेक रूढ़ियों और बाधाओं को पार करते हुए आगे बढ़ रही हैं। माजिक और राजनीतिक प्रक्रियाओं में उनकी बढ़ती भागीदारी निर्णायक साबित होगी। आज हमारी पंचायती राज संस्थाओं में निर्वाचित महिला प्रतिनिधियों की संख्या चौदह लाख से कहीं अधिक है।’

राष्ट्रपति ने कहा, ‘पिछले वर्ष से हर 15 नवंबर को ‘जन-जातीय गौरव दिवस’ के रूप में मनाने का सरकार का निर्णय स्वागत-योग्य है। हमारे जन-जातीय महानायक केवल स्थानीय या क्षेत्रीय प्रतीक नहीं हैं बल्कि वे पूरे देश के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।’

उन्होंने कहा कि आजादी का अमृत महोत्सव मार्च 2021 में दांडी यात्रा की स्मृति को फिर से जीवंत रूप देकर शुरू किया गया। उस युगांतरकारी आंदोलन ने हमारे संघर्ष को विश्व-पटल पर स्थापित किया। उसे सम्मान देकर हमारे इस महोत्सव की शुरुआत की गई। यह महोत्सव भारत की जनता को समर्पित है। देश के प्रत्येक नागरिक से मेरा अनुरोध है कि वे अपने मूल कर्तव्यों के बारे में जानें, उनका पालन करें, जिससे हमारा राष्ट्र नई ऊंचाइयों को छू सके। भारत के नए आत्म-विश्वास का स्रोत देश के युवा, किसान और सबसे बढ़कर देश की महिलाएं हैं।

 

First published on: Aug 14, 2022 07:22 PM

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