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महाराष्ट्र में महायुति के नेता मंत्री नहीं बनाए जाने से नाराज, तीनों दलों के नेताओं की बढ़ी टेंशन

Maharashtra Cabinet Expansion Controversy: महाराष्ट्र की फडणवीस कैबिनेट के गठन के बाद महायुति के नेता नाराज है। सरकार में जगह नहीं मिलने से कई नेता नाराजगी जाहिर कर रहे हैं। एक नेता ने तो पदों से इस्तीफा ही दे दिया है। आइए जानते हैं कि मामला क्या है?

Maharashtra Mahayuti Leaders Controversy: महाराष्ट्र की फडणवीस सरकार का रविवार को विस्तार हुआ। 30 से ज्यादा नेताओं ने कैबिनैट और राज्य मंत्रियों ने पद की शपथ ली, लेकिन कैबिनेट के गठन के बाद सोमवार को महायुति के नेताओं में नाराजगी देखने को मिली। सरकार में जगह नहीं मिलने से कई नेता नाराजगी जाहिर कर रहे हैं। पहले अजीत पवार की NCP के वरिष्ठ नेता छगन भुजबल ने अपनी नाराजगी जाहिर की। इसके बाद अब भाजपा के वरिष्ठ नेता सुधीर मुंगटीवार ने भी अपनी नाराजगी जाहिर की है। एकनाथ शिंदे वाली शिवसेना के तानाजी सावंत ने मौन रखकर अपनी नाराजगी दर्शाई। शिवसेना के ही राजेंद्र गावित और विजय शिवतारे ने नाराजगी जताई है तो भाजपा के संजय कूटे ने भावुक पोस्ट लिखकर अपनी भावनाओं को जाहिर किया।

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सुधीर मुनगंटीवार औ डॉ संजय कुटे ने क्या लिखा?

भाजपा के वरिष्ठ नेता सुधीर मुंगटीवार ने बताया कि उन्हें 14 दिसंबर की शाम को बताया गया कि आपका नाम मंत्रियों की लिस्ट में है, लेकिन सेंट्रल से 3-4 नाम हटाए जा सकते हैं। सुधीर ने अपनी पार्टी पर तंज कसते हुए कहा कि जिनका बेटा हमारी पार्टी के लिए चुनाव लड़ा, उन्हें मंत्री बनाया गया। मंत्री गणेश नाईक का नाम न लेते हुए मुंगटीवार हमलावर नज़र आए। उधर फडणवीस के करीबी होकर भी मंत्री न बनाए जाने से नाराज डॉ संजय कूटे भी नाराज नज़र आए और उन्होंने अपने दिल का दर्द एक फेसबुक पोस्ट लिखकर बयां कर दिया।

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छगन भुजबल ने राज्यसभा का ऑफर ठुकराया

वहीं मंत्री नहीं बनाए जाने से नाराज अजीत पवार की NCP के कद्दावर नेता छगन भुजबल ने सोमवार को विधानसभा का कामकाज छोड़कर सीधे नासिक का रूख किया। उन्होंने कहा कि अगले 2 दिन में एक बड़ी रैली करके छगन भुजबल अपने आगे की रणनीति तय करेंगे। नाराज भुजबल को पार्टी ने मनाने की काफी कोशिश की। उन्हें राज्यसभा में भेजे जाने का ऑफर दिया, लेकिन भुजबल ने इस ऑफर को ठुकराते हुए कहा कि राज्यसभा पहले ही मांगी थी। अब विधानसभा चुनाव के बाद राज्यसभा जाने का फैसला लेता हूं तो अपने वोटर्स के साथ अन्याय होगा।

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गावित सावंत और शिवतारे ने तलवारें खींची

पालघर से विधायक राजेन्द्र गावित ने कहा कि आदिवासी लोग फ़ोन करके पूछ रहे हैं कि आदिवासियों की ज़रूरत आपकी पार्टी को है या नहीं। शिवसेना विधायक विजय शिवतारे ने कहा कि मंत्री नहीं बनाया गया, कोई बात नहीं लेकिन हमारे साथ किए गए बर्ताव का बुरा लगा। तीनों नेता मिलने को भी तैयार नहीं थे। शिवतारे ने कहा कि ढाई साल के बाद मंत्री बनाया जाता है तो भी मंत्री नहीं बनूंगा। शिवसेना के तानाजी सावंत ने अपने सोशल मीडिया प्रोफाइल से चुनावी चिह्न धनुषबाण को हटा दिया और उस जगह बालासाहब ठाकरे की तस्वीर लगाते हुए लिखा शिवसैनिक।

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भोंडेकर का इस्तीफा

भंडारा से एकनाथ शिंदे की शिवसेना के विधायक नरेंद्र भोंडेकर ने मंत्री नहीं बनाए जाने से नाराज होकर पार्टी के उपनेता पद और विदर्भ समन्वयक पद से इस्तीफ़ा दे दिया है।

First published on: Dec 17, 2024 11:11 AM

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Vinod Jagdale

मै विनोद जगदाले,पिछले 18 साल से पत्रकारिता में कार्यरत,पिछले 8 साल से न्यूज़ 24 मुंबई ब्युरो में बतौर ब्युरो चीफ़ (associate editor) काम कर रहा हूँ, महाराष्ट्र की राजनीति की हर उस ख़बर का मै गवाह रहा हूँ जो देशमें सुर्ख़ियों में रही,15 साल से पोलिटिकल बीट पर काम करते हुए 13 पुरस्कार हासिल कर चुका हूँ |

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Khushbu Goyal

मै विनोद जगदाले,पिछले 18 साल से पत्रकारिता में कार्यरत,पिछले 8 साल से न्यूज़ 24 मुंबई ब्युरो में बतौर ब्युरो चीफ़ (associate editor) काम कर रहा हूँ, महाराष्ट्र की राजनीति की हर उस ख़बर का मै गवाह रहा हूँ जो देशमें सुर्ख़ियों में रही,15 साल से पोलिटिकल बीट पर काम करते हुए 13 पुरस्कार हासिल कर चुका हूँ |

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