अब WhatsApp पर कोई नहीं पढ़ पाएगा आपकी सीक्रेट चैट! Meta लाया ये धांसू फीचर
WhatsApp ने Meta AI के लिए नया Incognito Chat फीचर लॉन्च किया है. कंपनी का दावा है कि अब आपकी AI चैट न कोई पढ़ पाएगा और न ही सर्वर पर सेव होगी. चैट बंद करते ही मैसेज अपने आप गायब हो जाएंगे.
News24 AI द्वारा निर्मित • संपादकीय टीम द्वारा जांचा गया
व्हाट्सएप के नए इनकॉग्निटो चैट फीचर की मुख्य बातें
व्हाट्सएप ने मेटा एआई के लिए 'इनकॉग्निटो चैट' फीचर पेश किया है, जो यूजर्स को एआई के साथ गोपनीय बातचीत करने की सुविधा देता है।
यह फीचर प्राइवेट प्रोसेसिंग टेक्नोलॉजी पर आधारित है, जिसमें एआई से जुड़ी प्रोसेसिंग एक ट्रस्टेड एग्जीक्यूशन एनवायरनमेंट (TEE) में होती है।
कंपनी का दावा है कि इनकॉग्निटो चैट में की गई बातचीत को मेटा भी एक्सेस नहीं कर पाएगा और चैट लॉग कंपनी के सर्वर पर सेव नहीं होंगे।
WhatsApp Incognito Chat with Meta AI: WhatsApp अब अपने यूजर्स के लिए एक ऐसा फीचर लेकर आया है, जो प्राइवेसी को लेकर लोगों की सबसे बड़ी चिंता को कम कर सकता है. अक्सर लोग AI चैट के दौरान यह सोचकर परेशान रहते हैं कि कहीं उनकी बातचीत कंपनी पढ़ तो नहीं रही. इसी को ध्यान में रखते हुए WhatsApp ने नया Incognito Chat with Meta AI फीचर पेश किया है. कंपनी का दावा है कि इस फीचर के जरिए की गई बातचीत पूरी तरह निजी और सुरक्षित रहेगी.
क्या है Incognito Chat फीचर?
WhatsAppने अपने Meta AI के लिए नया इनकॉग्निटो चैट फीचर जोड़ा है. इसकी मदद से यूजर्स AI के साथ सीक्रेट तरीके से बातचीत कर सकेंगे. कंपनी ने इस फीचर को खासतौर पर प्राइवेट चैटिंग एक्सपीरियंस देने के लिए तैयार किया है, ताकि यूजर्स बिना किसी डर के AI का इस्तेमाल कर सकें.
कैसे काम करती है यह टेक्नोलॉजी?
मेटा के मुताबिक यह फीचर Private Processing Technology पर बेस्ड है. इसमें AI से जुड़ी पूरी प्रोसेसिंग एक Trusted Execution Environment यानी TEE के अंदर होती है. आसान भाषा में कहें तो आपकी चैट एक सुरक्षित डिजिटल माहौल में रहती है, जहां कोई बाहरी व्यक्ति उसे एक्सेस नहीं कर सकता.
Photo- Meta (WhatsApp Blog)
क्या Meta भी नहीं पढ़ पाएगा आपकी चैट?
कंपनी का दावा है कि इनकॉग्निटो चैट में की गई बातचीत को Meta भी एक्सेस नहीं कर पाएगा. यानी यूजर और AI के बीच जो भी चैट होगी, वह पूरी तरह प्राइवेट रहेगी. Meta का कहना है कि यह पहला बड़ा AI प्लेटफॉर्म है, जिसमें चैट लॉग कंपनी के सर्वर पर सेव नहीं किए जाते.
इस फीचर की सबसे खास बात यह है कि AI के साथ की गई चैट अस्थायी रूप से भी सेव नहीं होती. जैसे ही यूजर चैट से बाहर निकलता है, सभी मैसेज अपने आप डिलीट हो जाते हैं. इससे किसी भी निजी जानकारी के लीक होने का खतरा काफी कम हो जाता है.
एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन जैसी सिक्योरिटी
WhatsApp ने इस फीचर की सुरक्षा की तुलना एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन से की है. कंपनी के अनुसार चैट का डेटा इतना सुरक्षित रहेगा कि उसे न तो कोई बाहरी व्यक्ति देख सकेगा और न ही कंपनी खुद उसे पढ़ पाएगी.
WhatsApp में Meta AI कैसे इस्तेमाल करें?
Meta AI को इस्तेमाल करना काफी आसान है. इसके लिए WhatsApp में दिए गए Meta AI आइकन पर क्लिक करना होगा. वहां पहले से कुछ प्रॉम्प्ट दिखाई देंगे, जिनका इस्तेमाल किया जा सकता है. यूजर्स AI के साथ चैट करने के अलावा इमेज से जुड़े फीचर्स का भी इस्तेमाल कर सकते हैं.
WhatsApp Incognito Chat with Meta AI: WhatsApp अब अपने यूजर्स के लिए एक ऐसा फीचर लेकर आया है, जो प्राइवेसी को लेकर लोगों की सबसे बड़ी चिंता को कम कर सकता है. अक्सर लोग AI चैट के दौरान यह सोचकर परेशान रहते हैं कि कहीं उनकी बातचीत कंपनी पढ़ तो नहीं रही. इसी को ध्यान में रखते हुए WhatsApp ने नया Incognito Chat with Meta AI फीचर पेश किया है. कंपनी का दावा है कि इस फीचर के जरिए की गई बातचीत पूरी तरह निजी और सुरक्षित रहेगी.
क्या है Incognito Chat फीचर?
WhatsAppने अपने Meta AI के लिए नया इनकॉग्निटो चैट फीचर जोड़ा है. इसकी मदद से यूजर्स AI के साथ सीक्रेट तरीके से बातचीत कर सकेंगे. कंपनी ने इस फीचर को खासतौर पर प्राइवेट चैटिंग एक्सपीरियंस देने के लिए तैयार किया है, ताकि यूजर्स बिना किसी डर के AI का इस्तेमाल कर सकें.
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कैसे काम करती है यह टेक्नोलॉजी?
मेटा के मुताबिक यह फीचर Private Processing Technology पर बेस्ड है. इसमें AI से जुड़ी पूरी प्रोसेसिंग एक Trusted Execution Environment यानी TEE के अंदर होती है. आसान भाषा में कहें तो आपकी चैट एक सुरक्षित डिजिटल माहौल में रहती है, जहां कोई बाहरी व्यक्ति उसे एक्सेस नहीं कर सकता.
Photo- Meta (WhatsApp Blog)
क्या Meta भी नहीं पढ़ पाएगा आपकी चैट?
कंपनी का दावा है कि इनकॉग्निटो चैट में की गई बातचीत को Meta भी एक्सेस नहीं कर पाएगा. यानी यूजर और AI के बीच जो भी चैट होगी, वह पूरी तरह प्राइवेट रहेगी. Meta का कहना है कि यह पहला बड़ा AI प्लेटफॉर्म है, जिसमें चैट लॉग कंपनी के सर्वर पर सेव नहीं किए जाते.
इस फीचर की सबसे खास बात यह है कि AI के साथ की गई चैट अस्थायी रूप से भी सेव नहीं होती. जैसे ही यूजर चैट से बाहर निकलता है, सभी मैसेज अपने आप डिलीट हो जाते हैं. इससे किसी भी निजी जानकारी के लीक होने का खतरा काफी कम हो जाता है.
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एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन जैसी सिक्योरिटी
WhatsApp ने इस फीचर की सुरक्षा की तुलना एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन से की है. कंपनी के अनुसार चैट का डेटा इतना सुरक्षित रहेगा कि उसे न तो कोई बाहरी व्यक्ति देख सकेगा और न ही कंपनी खुद उसे पढ़ पाएगी.
WhatsApp में Meta AI कैसे इस्तेमाल करें?
Meta AI को इस्तेमाल करना काफी आसान है. इसके लिए WhatsApp में दिए गए Meta AI आइकन पर क्लिक करना होगा. वहां पहले से कुछ प्रॉम्प्ट दिखाई देंगे, जिनका इस्तेमाल किया जा सकता है. यूजर्स AI के साथ चैट करने के अलावा इमेज से जुड़े फीचर्स का भी इस्तेमाल कर सकते हैं.