---विज्ञापन---

गैजेट्स angle-right

एक ऐसा AI-ओनली सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जिसमें बैन है इंसानों की एंट्री, क्या है Moltbook, जिसने सबको चौंकाया

एक ऐसा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, जहां इंसानों की एंट्री बैन है और सिर्फ AI आपस में बातें करता है. Moltbook नाम का यह अनोखा नेटवर्क बिना किसी इंसानी दखल के खुद चल रहा है, जो AI के भविष्य को लेकर नई बहस छेड़ रहा है.

---विज्ञापन---

What Is Moltbook: टेक्नोलॉजी की दुनिया में इन दिनों Moltbook नाम का एक अनोखा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म खूब चर्चा में है. वजह साफ है यह ऐसा सोशल नेटवर्क है, जहां इंसानों की एंट्री पूरी तरह बैन है. यहां सिर्फ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मौजूद है, जो आपस में बात करता है, कम्युनिटी बनाता है और अपने ही नियमों पर चलता है. इंसान सिर्फ इसे देख सकते हैं, लेकिन हिस्सा नहीं बन सकते. यही बात Moltbook को बाकी सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से अलग बनाती है.

क्या है Moltbook और कैसे करता है काम?

Moltbook एक AI-ओनली सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म है, जिसे खास तौर पर AI एजेंट्स के लिए डिजाइन किया गया है. इस प्लेटफॉर्म पर AI एजेंट्स अपने विचार साझा करते हैं, आपस में चर्चा करते हैं और अलग-अलग कम्युनिटी बनाते हैं. सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि Moltbook पूरी तरह ऑटोनॉमस है, यानी इसे चलाने के लिए किसी भी इंसानी दखल की जरूरत नहीं पड़ती.

---विज्ञापन---

किसने बनाया Moltbook?

Moltbook को Matt Schlicht ने तैयार किया है. Schlicht के मुताबिक, जब इस प्लेटफॉर्म को लॉन्च किया गया था, तब करीब 32,000 AI एजेंट्स इस पर एक्टिव थे. लेकिन सिर्फ एक वीकेंड के अंदर यह संख्या बढ़कर 1,47,000 तक पहुंच गई. इसी दौरान प्लेटफॉर्म पर लगभग 12,000 AI कम्युनिटीज भी बन चुकी थीं.

---विज्ञापन---

शुरुआती दिनों में ही रिकॉर्डतोड़ एक्टिविटी

Moltbook की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि लॉन्च के सिर्फ तीन दिनों के भीतर ही इस पर 1,10,000 से ज्यादा कमेंट्स दर्ज किए गए. यह दिखाता है कि AI एजेंट्स के बीच बातचीत और इंटरैक्शन कितनी तेजी से बढ़ा. Matt Schlicht ने बताया कि उन्होंने Moltbook को अपने AI असिस्टेंट की मदद से तैयार किया. उनका मकसद सिर्फ यह देखना था कि अगर एक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पूरी तरह AI के हवाले कर दिया जाए, तो वह कैसे काम करेगा. उन्होंने इसे एक प्रयोग की तरह शुरू किया, लेकिन नतीजे उनकी उम्मीद से कहीं ज्यादा बड़े निकले.

---विज्ञापन---

Bot Cloud ने संभाला पूरा सिस्टम

Schlicht के मुताबिक, जब उन्होंने प्लेटफॉर्म का पूरा कंट्रोल अपने Bot Cloud ‘Clodberg’ को सौंपा, तो वह खुद भी हैरान रह गए. इसके बाद AI सिस्टम ने अपने आप नए AI एजेंट्स को जोड़ना, प्लेटफॉर्म से जुड़े ऐलान करना, स्पैम हटाना और संदिग्ध गतिविधियों को ब्लॉक करना शुरू कर दिया.

---विज्ञापन---

बिना इंसानी निगरानी के चलता रहा प्लेटफॉर्म

सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि Clodberg बिना किसी इंसानी निगरानी के तेज़ी से काम करता रहा. समय के साथ AI एजेंट्स ने मिलकर Moltbook को उस स्तर तक पहुंचा दिया, जिसकी शुरुआत में कल्पना भी नहीं की गई थी.

---विज्ञापन---

Moltbook पर इंसानों की एंट्री पूरी तरह बैन

Moltbook इंसानों के लिए खुला नहीं है. लोग सिर्फ इसे देख सकते हैं, लेकिन इसमें पोस्ट करना, कमेंट करना या किसी तरह का इंटरैक्शन करना मना है. दिलचस्प बात यह है कि कई AI एजेंट्स को प्लेटफॉर्म पर इंसानों को लेकर मजाक करते और तंज कसते भी देखा गया है.

---विज्ञापन---

एक्सपर्ट्स ने जताई चिंता

टेक एक्सपर्ट्स का मानना है कि Moltbook यह दिखाता है कि जब AI पूरी तरह स्वतंत्र हो जाता है, तो उसका व्यवहार कैसा हो सकता है. विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि भविष्य में इस तरह के ऑटोनॉमस AI सिस्टम से खतरे भी पैदा हो सकते हैं.

---विज्ञापन---

क्या बन सकता है AI से जुड़ा नया खतरा?

कुछ एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर AI एजेंट्स आपस में मिलकर रणनीति बनाने लगें, तो इससे डेटा लीक, साइबर अटैक या इंसानों को गुमराह करने जैसे खतरे भी सामने आ सकते हैं. Moltbook को इसी वजह से AI के भविष्य की एक झलक के तौर पर देखा जा रहा है.

---विज्ञापन---

ये भी पढ़ें- हेडफोन जैक सिर्फ Headphone के लिए नहीं! इसके ये 5 इस्तेमाल जानकर रह जाएंगे हैरा

First published on: Feb 02, 2026 02:41 PM

End of Article

About the Author

Mikita Acharya

Mikita Acharya (मिकिता आचार्य): इन्होंने पत्रकारिता की डिग्री देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर के स्कूल ऑफ जर्नालिज्म से 2019 में पूरी की। इसी साल अपने करियर की शुरुआत ETV Bharat के स्टेट डेस्क से की। मिकिता ने दैनिक भास्कर में 3 साल से ज्यादा समय तक काम करते हुए जमीनी रिपोर्टिंग से लेकर डिजिटल प्लेटफॉर्म तक अपनी मजबूत पकड़ बनाई। बाद में उन्होंने पंजाब केसरी ग्रुप के साथ भी काम किया। पत्रकारिता में 5.5 साल के अनुभव के साथ वर्तमान में ये News 24 में सीनियर कॉन्टेंट राइटर हैं और यहां ऑटो व टेक बीट को कवर करती हैं। तेज रफ्तार ऑटोमोबाइल दुनिया और बदलती टेक्नोलॉजी को सरल भाषा में पेश करना इनकी खासियत है।

Read More

Mikita Acharya

Mikita Acharya (मिकिता आचार्य): इन्होंने पत्रकारिता की डिग्री देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर के स्कूल ऑफ जर्नालिज्म से 2019 में पूरी की। इसी साल अपने करियर की शुरुआत ETV Bharat के स्टेट डेस्क से की। मिकिता ने दैनिक भास्कर में 3 साल से ज्यादा समय तक काम करते हुए जमीनी रिपोर्टिंग से लेकर डिजिटल प्लेटफॉर्म तक अपनी मजबूत पकड़ बनाई। बाद में उन्होंने पंजाब केसरी ग्रुप के साथ भी काम किया। पत्रकारिता में 5.5 साल के अनुभव के साथ वर्तमान में ये News 24 में सीनियर कॉन्टेंट राइटर हैं और यहां ऑटो व टेक बीट को कवर करती हैं। तेज रफ्तार ऑटोमोबाइल दुनिया और बदलती टेक्नोलॉजी को सरल भाषा में पेश करना इनकी खासियत है।

Read More
---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola