हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: Asian Games 2026election commissionBigg Boss 20

वॉशिंग मशीन में ज्यादा डिटर्जेंट डालते हैं? आज ही छोड़ दें ये आदत; जानें कैसे होता है नुकसान

वॉशिग मशीन में कपड़े धोते समय अक्सर लोग ये आम गलती करते हैं और वो है जरूरत से ज्यादा डिटर्जेंट डालने की. आइए जानते हैं ऐसा करने से मशीन को क्या नुकासान होता है और कितना डिटर्जेंट डालना सही है.

विज्ञापन
वॉशिंग मशीन में ज्यादा डिटर्जेंट डालना पड़ सकता है भारी!

आजकल वॉशिंग मशीन ने कपड़े कपड़े धोने का काम काफी आसान कर दिया है. कपड़े डालिए, डिटर्जेंट डालिए और बटन दबाते ही मशीन अपना काम शुरू कर देती है. लेकिन इसी दौरान कई लोग एक ऐसी गलती करते हैं,जो धीरे-धीरे कपड़ों और मशीन दोनों को नुकसान पहुंचा सकती है. दरअसल, जरूरत से ज्यादा डिटर्जेंट डालने से कपड़े ज्यादा साफ नहीं होते. उल्टा इससे मशीन की सफाई और काम करने की क्षमता पर असर पड़ सकता है.

ज्यादा डिटर्जेंट डालने से क्या होता है?

वाशिंग मशीन में जरूरत से ज्यादा डिटर्जेंट डालने पर बहुत ज्यादा झाग बनता है. ये झाग कपड़ो के रेशों में फंस सकता है और वो पूरी तरह साफ नहीं हो पाता. इसके कारण कपड़े धोने के बाद कड़क महसूस हो सकते हैं. कई बार कपड़ों पर सफेद निशान और अजीब गंध भी आने लगती है.

मशीन के अंदर भी जमा हो सकता है डिटर्जेंट

एक्स्ट्रा डिटर्जेंट सिर्फ कोही प्रभावित नहीं करता. इसका कुछ हिस्सा मशीन के ड्रम, पाइप, फिल्टर और दूसरे हिस्सों में जमा हो सकता है. इससे पानी की निकासी यानी ड्रेनेज प्रभावित हो सकती है और मशीन को सामान्य तरीके से काम करने में परेशानी हो सकती है.

विज्ञापन

ये भी पढे़ं-Airtel यूजर्स को झटका! 299 समेत 6 रिचार्ज प्लान बंद, 899 रुपये वाला प्लान भी हुआ महंगा

लंबे समय में मशीन को हो सकता है नुकसान

अगर लगातार ज्यादा डिटर्जेंट का इस्तेमाल किया जाए तो मशीन के अंदर अवशेष जमा होने लगते हैं. इससे ड्रेनेड सिस्टम जाम होने और धुलाई की क्षमता कम होने जैसी दिक्कतें आ सकती हैं. ज्यादा नमी और अवशेष के कारण रबर गैसकेट के आसपास फफूंद, काई और बैक्टीरिया भी पनप सकते हैं, जिससे मशीन से बदबू आने लगती है.

विज्ञापन

कितना डिटर्जेंट डालना सही है?

डिजर्टेंज की मात्रा मशीन के प्रकार,कपड़ों की संख्या, पानी और कपड़ों की गंदगी पर निर्भर करती है. फ्रंट-लोड वॉशिंग मशीन कम पानी इस्तेमाल करती हैं, इसलिए इनमें आमतौर पर कम डिटर्जेंट की जरूरत होती है. टॉप-लोड मशीन में मात्रा अलग हो सकती है. बहुत गंदे कपड़ों को पहले कुछ देर सादे पानी में भिगोने से भी कम डिटर्जेंट में अच्छी सफाई मिल सकती है. 

ये भी पढे़ं- 1% बैटरी पर कितनी देर चल सकता है फोन? जानें पुराने और नए फोन में कितना मिलेगा टाइम

विज्ञापन

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Mikita Acharya

मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola