Google Chrome यूजर सावधान! मंडरा रहा है साइबर अटैक का खतरा, जानें कैसे बचें

CERT-In ने Google Chrome को लेकर चेतावनी दी है, जिन्हें हाई-रिस्क कैटेगरी में रखा गया है. ये खामियां हैकर को दूर से सिस्टम पर आर्बिट्रेरी कोड रन करने की अनुमति दे सकती हैं. जानें कौन-से वर्जन सबसे ज्यादा प्रभावित हैं और क्यों तुरंत अपडेट करना जरूरी है.

google chorme and hacker

Photo-News24 GFX

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गूगल क्रोम इस्तेमाल करने वाले लोगों के लिए एक बार फिर खतरे की चेतावनी जारी की गई है. भारत की साइबर सुरक्षा एजेंसी CERT-In ने बताया है कि क्रोम ब्राउजर में ऐसी गंभीर खामियां मिली हैं जिनका फायदा उठाकर हैकर सिस्टम को दूर से ही नुकसान पहुंचा सकते हैं. इसलिए Windows, macOS और Linux पर क्रोम चलाने वालों को तुरंत नया अपडेट इंस्टॉल करने की सलाह दी गई है.

एडवाइजरी में खामियों का खुलासा

CERT-In ने अपने एडवाइजरी नोट CIVN-2025-0330 में क्रोम से जुड़े दो बड़े सिक्योरिटी जोखिमों का जिक्र किया है. इन कमजोरियों को CVE-2025-13223 और CVE-2025-13224 नाम दिया गया है, और दोनों को हाई-रिस्क कैटेगरी में रखा गया है. इन खामियों की वजह से सिस्टम की सर्विसेज रुक सकती हैं और हैकर बिना जानकारी के कंप्यूटर पर अपनी मनचाही कमांड चला सकते हैं.

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‘टाइप कन्फ्यूजन’ से हैकर को मिलता है रास्ता

साइबर एक्सपर्ट्स के अनुसार यह समस्या ‘Type Confusion’ के कारण पैदा होती है. यह ऐसी स्थिति है जहां कोड किसी संसाधन तक ऐसे डेटा टाइप से पहुंचने की कोशिश करता है जो उस ऑब्जेक्ट के मूल डेटा टाइप से मेल नहीं खाता. इस भ्रम की वजह से हैकर सिस्टम की सुरक्षा पर वार कर पाते हैं और रिमोटली आर्बिट्रेरी कोड चला सकते हैं.

V8 इंजन में गड़बड़ी बनी मुख्य वजह

CERT-In ने बताया कि यह खामी क्रोम के V8 इंजन में पाई गई है, जो जावास्क्रिप्ट और वेब असेंबली को रन करता है. इसी कमजोरी का उपयोग करके हैकर एक खास तरह से तैयार किया गया HTML पेज भेजकर सिस्टम की मेमोरी को करप्ट कर सकते हैं. गूगल ने भी माना है कि CVE-2025-13223 जैसी खामी की मौजूदगी का उसे पहले से पता था.

कौन-कौन से वर्जन हैं सबसे ज्यादा प्रभावित

एजेंसी के अनुसार Windows के 142.0.7444.175/.176 से पहले के वर्जन, macOS के 142.0.7444.176 से पहले के वर्जन और Linux के 142.0.7444.175 से पुराने वर्जन इस खतरे से प्रभावित हैं. यानी अगर आपका ब्राउजर इनसे नीचे का वर्जन चला रहा है, तो आपका सिस्टम जोखिम में हो सकता है.

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अभी अपडेट करें और खतरा कम करें

CERT-In ने सभी यूजर्स को सलाह दी है कि तुरंत अपने गूगल क्रोम को 142.0.7444.175/.176 वर्जन पर अपडेट कर लें. अपडेट चेक करने के लिए क्रोम मेन्यू खोलें, ‘Help’ पर जाएं और ‘About Google Chrome’ ऑप्शन पर क्लिक करें. यहां आपको लेटेस्ट वर्जन दिखाई देगा और अपडेट अपने-आप डाउनलोड होना शुरू हो जाएगा.

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लेखक के बारे में

Mikita Acharya

Mikita Acharya

मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत
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