नया फोन भी हो जाएगा कबाड़! ये 5 गलतियां स्मार्टफोन को कर देती हैं सुपर स्लो

क्या आपका स्मार्टफोन पहले से धीमा हो गया है? हो सकता है इसकी वजह फोन नहीं, बल्कि आपकी रोजमर्रा की कुछ गलत आदतें हों. जानिए कौन-सी 5 आदतें आपके स्मार्टफोन की स्पीड और परफॉर्मेंस की सबसे बड़ी दुश्मन हैं.

slow phone

ये छोटी गलतियां बर्बाद कर रही हैं आपके फोन की परफॉर्मेंस. (AI Generated Image)

आज के समय में स्मार्टफोन सिर्फ एक गैजेट नहीं, बल्कि हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है. अलार्म से दिन की शुरुआत हो या फिर रात को सोशल मीडिया स्क्रॉल करते हुए दिन खत्म करना, हर काम में फोन की भूमिका बढ़ गई है. लेकिन अक्सर लोग शिकायत करते हैं कि कुछ महीनों बाद उनका फोन पहले जैसा तेज नहीं चलता. फोन हैंग होने लगता है, ऐप्स खुलने में समय लेते हैं और बैटरी भी तेजी से खत्म होने लगती है. कई बार इसकी वजह फोन नहीं, बल्कि हमारी अपनी कुछ गलत आदतें होती हैं. अगर समय रहते इन्हें नहीं बदला जाए तो नया स्मार्टफोन भी जल्दी स्लो पड़ सकता है.

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स्टोरेज को हमेशा फुल रखना गलत

कई लोग फोन में फोटो, वीडियो, स्क्रीनशॉट और वॉट्सऐप फाइल्स इतनी ज्यादा जमा कर लेते हैं कि स्टोरेज लगभग पूरी भर जाती है. जब फोन में खाली जगह कम बचती है, तो प्रोसेसर और सिस्टम को ठीक से काम करने में दिक्कत होने लगती है. बेहतर परफॉर्मेंस के लिए फोन में कम से कम 15 से 20 प्रतिशत स्टोरेज खाली रहनी चाहिए. इसलिए समय-समय पर ट्रैश फोल्डर खाली करें, डुप्लीकेट फाइल्स हटाएं और अनावश्यक मीडिया डेटा डिलीट करते रहें.

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बैकग्राउंड में चलते ऐप्स भी परेशानी

किसी ऐप से बाहर निकलने के बाद सिर्फ होम बटन दबा देना काफी नहीं होता. कई ऐप्स बैकग्राउंड में लगातार चलते रहते हैं और फोन की RAM व प्रोसेसर का इस्तेमाल करते रहते हैं. खासकर सोशल मीडिया, गेमिंग और नेविगेशन ऐप्स ज्यादा संसाधन खपत करते हैं. ऐसे में समय-समय पर Recent Apps सेक्शन में जाकर बेवजह खुले ऐप्स को पूरी तरह बंद करना जरूरी है.

कैशे डेटा को नजरअंदाज है गलती

हर ऐप और वेबसाइट इस्तेमाल के दौरान कुछ डेटा फोन में सेव करती है, जिसे कैशे कहा जाता है. इसका मकसद ऐप्स को जल्दी लोड करना होता है, लेकिन लंबे समय तक कैशे जमा होने पर यही डेटा फोन की स्पीड कम कर सकता है. इसलिए Settings में जाकर ज्यादा इस्तेमाल होने वाले ऐप्स का कैशे समय-समय पर क्लियर करना चाहिए.

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महीनों तक फोन रीस्टार्ट न करना

बहुत से लोग अपने स्मार्टफोन को हफ्तों या महीनों तक रीस्टार्ट नहीं करते. लगातार इस्तेमाल की वजह से फोन में टेम्परेरी फाइल्स और छोटे-छोटे सिस्टम ग्लिच जमा होते रहते हैं, जो उसकी परफॉर्मेंस पर असर डाल सकते हैं. विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि फोन को सप्ताह में कम से कम एक बार रीस्टार्ट जरूर करना चाहिए. इससे RAM रिफ्रेश होती है और सिस्टम बेहतर तरीके से काम करता है.

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अनावश्यक ऐप्स भी कम कर देते हैं परफॉर्मेंस

नया फोन खरीदते ही कई लोग जरूरत से ज्यादा ऐप्स डाउनलोड कर लेते हैं. इनमें से कई ऐप्स बाद में इस्तेमाल भी नहीं होते, लेकिन स्टोरेज घेरते रहते हैं और बैकग्राउंड में संसाधन भी खर्च करते हैं. ऐसे ऐप्स को हटाने से न सिर्फ स्टोरेज खाली होती है, बल्कि फोन की स्पीड और बैटरी परफॉर्मेंस भी बेहतर हो सकती है.

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लेखक के बारे में

Mikita Acharya

Mikita Acharya

मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत
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