कंटेंट किएटर्स के लिए Koyal AI है खास, मिनटों में आवाज से बनेगा वीडियो

AI के इस दौर में लोगों का समय और मेहनत बचाने के लिए एक से बढ़कर एक नए-नए टूल आ रहे हैं. इसी क्रम में दिल्ली के गौरी और मेहुल नाम के भाई-बहन की जोड़ी ने मिलकर ‘कोयल एआई’ नाम से एक स्टार्टअप शुरू किया. यह स्टार्टअप AI प्लेटफॉर्म आवाज को तुरंत वीडियो में बदल देता है. इस AI प्लेटफॉर्म से वीडियो बनाना आसान और सस्ता हो गया है.

koyal ai in india

फोटो सोर्स- DD न्यूज

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Koyal AI: हम सभी बचपन से अपनी दादी या नानी से कहानियां सुनकर ही बड़े हुए हैं. देखते-देखते कहानी कहने का तरीका बदलता गया. पहले के समय में लोग कहानी, गीत या किस्से केवल सुनते थे. लेकिन फिर रेडियो, टीवी और सिनेमा के माध्यम से कहानी कहने के तरीके में बहुत बड़ा बदलाव आया. इसके साथ ही लोगों की जेब पर भी इसकी खूब असर पड़ा. आज के समय में भी वीडियो ए़़डिटिंग में कंटेंट क्रिएटर्स को हफ्तों तक एक प्रोजेक्ट पर ही कड़ी मेहनत करनी पड़ती है. इसी मुश्किल को देखते हुए इसे कम करने के लिए एक भारतीय स्टार्टअप शुरु हुआ है. इस स्टार्टअप का नाम Koyal AI है. जिस तरह कोयल की आवाज मन मोह लेती है, उसी तरह यह स्टार्टअप भी आवाज को ही अपनी सबसे बड़ी ताकत बनाता है.

दिल्ली में हुई इस भारतीय स्टार्टअप की शुरुआत

AI के इस दौर में लोगों का समय और मेहनत बचाने के लिए एक से बढ़कर एक नए-नए टूल आ रहे हैं. इसी क्रम में दिल्ली के गौरी और मेहुल नाम के भाई-बहन की जोड़ी ने मिलकर ‘कोयल एआई’ नाम से एक स्टार्टअप शुरू किया. यह स्टार्टअप AI प्लेटफॉर्म आवाज को तुरंत वीडियो में बदल देता है. इस AI प्लेटफॉर्म से वीडियो बनाना आसान और सस्ता हो गया है.

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‘कोयल’ छोटे म्यूजिशियन, टीचर, यूट्यूबर, पॉडकास्टर और बिजनेस ओनर्स जैसे क्रिएटर्स के लिए काफी मददगार साबित होने वाला है. यह प्लेटफॉर्म वॉइस को वीडियो में बदलकर कहानी कहने की ताकत देता है. पहले वीडियो बनाने में कई सप्ताह लग जाते थे लेकिन अब यह काम मिनटों में हो जाता है.

बता दें कि इसकी खासियत ये है कि केवल वॉइस रिकॉर्डिंग से तुरंत वीडियो बन जाता है. चाहे गाना हो, पॉडकास्ट हो या कोई साधारण वॉइस नोट, कुछ ही मिनटों में उससे पूरा वीडियो तैयार हो जाता है, जिसमें किरदार, उनकी मूवमेंट और लिप-सिंक सब शामिल होते हैं.

सभी क्रिएटर्स एक ही समस्या से हैं परेशान- गौरी

गौरी ने जानकारी देते हुए बताया कि कई बार हमने देखा है कि छोटे म्यूजीशियन, यूट्यूबर या फिर कंटेंट क्रिएटर्स को एक ही तरह की दिक्कतें होती हैं. किएटर्स के लिए कई बार वीडियो बनाना काफी महंगा हो जाता है. इसके अलावा क्रिएटर्स का वक्त भी ज्यादा लगता है. इन्हीं दिक्कतों को देखते हुए हमने इस पर काम शुरु किया.

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क्या है ‘कोयल’ की सबसे बड़ी ताकत?

कोयल एआई की सबसे बड़ी ताकत उसकी स्पीड (काम मिनटों में) है. कम समय में क्रिएटर्स के काम को आसान बनाना. इसके साथ ही वीड़ियो की क्वॉलिटी पर भी काम करना और कम पैसे में किएटर्स तक इसकी पहुंच शामिल है.

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Koyal AI को बनाने में कितना समय लगा?

गौरी और मेहुल को इस प्रोजेक्ट को पूरा करने में लगभग दो साल का समय लगा. इस प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए लगातार रिसर्च और एक्सपेरिमेंट्स चलता रहा. दोनों ने सोचा अगर सिर्फ आवाज है तो कहानी क्यों अटके? उसे उड़ान क्यों न मिले? दो साल तक लगातार इस पर काम करने के बाद टीम ने सबसे मुश्किल चुनौतियों को सुलझाया.

टीम ने ऐसे कैरेक्टर्स का इस्तेमाल किया जो स्वाभाविक लगें. साथ ही एक ही सीन में कई लोग बातचीत कर सकें. इसके अलावा चलते-फिरते कैरेक्टर्स भी लिप-सिंक से बिल्कुल मैच करें. उन्होंने कहा, आज कोयल छोटे सोशल मीडिया क्लिप्स से लेकर लंबी वेब सीरीज जैसी कहानियां बना सकता है.

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भारत के लिए Koyal AI क्यों है खास?

हालांकि दुनिया में AI वीडियो टूल्स पहले से मौजूद हैं, लेकिन भारत में ऑडियो-टू-वीडियो स्टोरीटेलिंग पर इतने बड़े स्तर पर काम पहली बार हुआ है. तो ये AI टूल भारत के कंटेंट क्रिएटर्स के लिए भी खास है.

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