Amazon-Flipkart पर हो रहा देश की सुरक्षा से खिलवाड़! सरकार ने ठोका लाखों का जुर्माना, जानें पूरा मामला

ऑनलाइन शॉपिंग करते वक्त अगर आप भी आंख बंद करके भरोसा कर लेते हैं, तो सावधान हो जाइए. अमेजन और फ्लिपकार्ट जैसी बड़ी वेबसाइट्स पर गैरकानूनी वॉकी-टॉकी बिकने का खुलासा हुआ है. सरकार की जांच के बाद करोड़ों के जुर्माने और सख्त चेतावनी ने ई-कॉमर्स की हकीकत सामने ला दी है.

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अमेजन-फ्लिपकार्ट पर सरकार की कार्रवाई. (Photo-News24 GFX)

CCPA Fine On Amazon Flipkart: आज के डिजिटल दौर में हम हर छोटी-बड़ी चीज ऑनलाइन मंगवाने के आदी हो चुके हैं. कपड़े, मोबाइल, गैजेट्स से लेकर रोजमर्रा का सामान- सब कुछ एक क्लिक में घर पहुंच जाता है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जिन वेबसाइट्स पर आप भरोसा करते हैं, वहां कुछ ऐसा भी बिक सकता है जो कानून के खिलाफ हो? हाल ही में सामने आया एक मामला इसी भरोसे पर सवाल खड़ा करता है, जिसमें अमेजन और फ्लिपकार्ट जैसे बड़े ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर गैरकानूनी वॉकी-टॉकी की बिक्री का खुलासा हुआ है.

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कैसे सामने आया पूरा मामला

केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने खुद संज्ञान लेते हुए इस मामले की जांच शुरू की. जांच में पाया गया कि कई ई-कॉमर्स वेबसाइट्स बिना किसी जरूरी लाइसेंस और अनुमति के वॉकी-टॉकी यानी पर्सनल मोबाइल रेडियो डिवाइस बेच रही थीं. हैरानी की बात यह रही कि करीब 16,970 ऐसे प्रोडक्ट्स की लिस्टिंग की गई थी, जो तय सरकारी नियमों का साफ तौर पर उल्लंघन कर रहे थे.

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कंपनियों पर लगा भारी जुर्माना

इस गंभीर लापरवाही पर सीसीपीए ने सख्त रुख अपनाते हुए कुल 8 कंपनियों पर 44 लाख रुपये का जुर्माना लगाया. अमेजन, फ्लिपकार्ट, मीशो और मेटा (फेसबुक मार्केटप्लेस) पर 10-10 लाख रुपये का जुर्माना ठोका गया. वहीं जियोमार्ट, चिमिया, टॉक प्रो और मास्कमैन टॉयज पर 1-1 लाख रुपये का दंड लगाया गया है.

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उपभोक्ताओं के अधिकारों का उल्लंघन

उपभोक्ता मामलों की सचिव निधि खरे ने बताया कि इन प्लेटफॉर्म्स ने न सिर्फ नियमों की अनदेखी की, बल्कि भ्रामक जानकारी देकर उपभोक्ताओं के अधिकारों का भी हनन किया. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कुछ कंपनियों ने जुर्माना भर दिया है, जबकि कुछ से अभी भुगतान का इंतजार है.

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क्या कहता है भारत का कानून

भारत में बिना लाइसेंस सिर्फ वही वॉकी-टॉकी इस्तेमाल किए जा सकते हैं, जो 446.0 से 446.2 मेगाहर्ट्ज फ्रीक्वेंसी पर काम करते हों. इसके अलावा हर डिवाइस के पास ETA (Equipment Type Approval) सर्टिफिकेट होना जरूरी है. लेकिन जांच में पाया गया कि ऑनलाइन बिक रहे ज्यादातर डिवाइस इस तय सीमा से बाहर की फ्रीक्वेंसी पर काम कर रहे थे और उनके पास जरूरी प्रमाणपत्र भी नहीं था.

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‘हम सिर्फ बिचौलिये हैं’ की दलील खारिज

जब कंपनियों से जवाब मांगा गया तो कुछ प्लेटफॉर्म्स ने खुद को सिर्फ एक इंटरमीडियरी बताते हुए जिम्मेदारी से बचने की कोशिश की. उनका कहना था कि प्रोडक्ट्स थर्ड पार्टी सेलर्स बेचते हैं. लेकिन CCPA ने इस दलील को सिरे से खारिज कर दिया और साफ कहा कि जो प्लेटफॉर्म ऐसे प्रोडक्ट्स को प्रमोट करता है, वह अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकता.

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क्यों गंभीर है यह मामला

यह सिर्फ नियम तोड़ने का मामला नहीं है, बल्कि देश की सुरक्षा से जुड़ा बड़ा मुद्दा है. अनधिकृत रेडियो डिवाइस पुलिस, आपदा प्रबंधन और आपातकालीन सेवाओं के संचार नेटवर्क में दखल दे सकते हैं. इससे सार्वजनिक व्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा को सीधा खतरा हो सकता है.

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सरकार का अगला कदम

भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए सरकार ने रेडियो उपकरण बिक्री नियमावली 2025 जारी की है. अब ई-कॉमर्स कंपनियों को खुद ऑडिट करना होगा और यह सुनिश्चित करना होगा कि उनकी वेबसाइट पर बिकने वाला हर वॉकी-टॉकी सभी सरकारी नियमों और फ्रीक्वेंसी मानकों पर खरा उतरता हो.

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इस पूरे मामले से एक बात साफ है- ऑनलाइन शॉपिंग करते समय सिर्फ कीमत या ऑफर देखकर भरोसा करना सही नहीं. किसी भी इलेक्ट्रॉनिक या रेडियो डिवाइस को खरीदने से पहले उसके कानूनी मानकों और सर्टिफिकेट की जानकारी जरूर लें, ताकि बाद में लेने के देने न पड़ जाएं.

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लेखक के बारे में

Mikita Acharya

Mikita Acharya

मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत
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