बाहर बारिश हो रही है हाथ में गर्म चाय है और मौसम ऐसा कि बस बैठकर अपनी मनपसंद सीरीज या मूवी देखे लें, तो आप मूवी शुरू करते हैं कि स्क्रीन पर बफरिंग होने लगती और कुछ ही सेकंड में 4K की जगह वीडियो 144p की धुंधली क्वालिटी में दिखाई देने लगता है. अगर बारिश में आपके साथ भी ऐसा होता है तो इसमें सिर्फ इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर की गलती नहीं है. दरअसल बारिश और इंटरनेट की स्पीड के बीच भी एक कनेक्शन हैं. तो जान लेते हैं कैसे बारिश तेज इंटरनेट स्पीड पर ब्रेक लगा देती है.
बारिश की बूंदें सिग्नल को करती हैं कमजोर
हमें लगता है कि इंटरनेट हवा से सीधे हमारे फोन तक पहुंचता है लेकिन इसे पीछे रेडियो वेव्स यानी इलेक्ट्रोमैग्नेटिक तरंगों का बड़ा रोल होता है. सामान्य मौसम में सेल टावर से निकलने वालली ये तरंगे आसानी से फोन तक पहुंच जाती हैं. लेकिन तेज बारिश के दौरान इनके रास्ते में पानी की लाखों बूंदें आ जाती है.
पानी की बूंदें रेडियो वेव्स को सोखने के साथ-साथ उन्हें अलग-अलग दिशाओं में बिखेर सकत है. इस वजह से फोन तक पहुंचने वाला सिग्नल कमजोर हो जाता है. टेक्निकल भाषा में इसे रेन एटेन्यूएशन या रेन फेड कहा जाता है. बारिश जितनी तेज होती है सिग्नल पर उतना ज्यादा असर हो सकता है.
बारिश में बढ़ जाता है डिजिटल ट्रैफिक
इंटरनेट स्लो होने की वजह सिर्फ बारिश की बूंदें नहीं है.जब बाहर तेज बारिश होती है तो ज्यादातर लोग घरों में ही रहना पसंद करते हैं. ऐसे में मोबाइल पर सोशल मीडिया चलाने, वीडियो देखने, ऑनलाइन गेम खेलने और फिल्में स्ट्रीम करने वालों की संख्या अचानक बढ़ जाती है.
इसका सीधा असर आपके इलाक के मोबाइल टावर पर पड़ता है. एक साथ बड़ी संख्या में लोग इंटरनेट इस्तेमाल करते हैं तो टावर पर लोड बढ़ जाता है. इसे ऐसे समझ सकते हैं कि चार लेन की सड़क पर अचानक हजारों वाहन आ जाएं. रास्ता वहीं रहता है लेकिन ट्रैफिक बढ़ने से हर गाड़ी की स्पीड कम हो जाती है.
ब्रॉडबैंड होने पर भी नहीं मिलती पूरी राहत
अगर आपको लगता है कि फाइबर ऑप्टिक या ब्राडबैंड कनेक्शन होने की वजह से बारिश का आपके इंटरनेट पर कोई असर नहीं पड़ेगा तो ऐसा हमेशा नहीं होता. फाइबर ऑप्टिक केबल पर पानी का सीधा असर ज्यादा नहीं पड़ता लेकिन इससे आसपास लगे जंक्शन बॉक्स, कनेक्शन पॉइंट और दूसरी नेटवर्किंग उपकरणों में पानी घुसने पर परेशानी हो सकती है.
कई जगहों पर पानी भरने से केबलिंग और कनेक्शन में खराबी आ सकती है. इसके अलावा तेज बारिश के साथ आने वाली आंधी में मोबाइल टावर के एंटीना अपनी जगह से थोड़ा ही हिल जाएं तो सिग्नल कवरेज प्रभावित हो सकता है. इसका असर पूरे इलाके के इंटरनेट पर देखने को मिल सकता है.
5G की स्पीड ज्यादा, लेकिन बारिश में चुनौती भी ज्यादा
नई टेक्नोलॉजी के साथ मोबाइल नेटवर्क की फ्रीक्वेंसी भी बढ़ रही है. 5जी नेटवर्क हाई-फ्रीक्वेंसी बैंड का इस्तेमाल करता है इसका फायदा ये है कि ज्यादा डेटा तेजी से ट्रांसफर किया जा सकता है. लेकिन हाई-फ्रीक्वेंसी सिंग्नल की वेवलेंथ छोटी होती इसलिए उन्हें दीवारों, पेड़-पौधों और दूसरी रुकावटों को पार करने में ज्यादा परेशानी हो सकती है.
बारिश की बूंदें भी ऐसे सिग्नल को प्रभावित कर सकती है. यही वजह है कि कुछ कंडीशन में बारिश के दौरान 5जी कनेकशन कमजोर महसूस हो सकता है. हालांकि, हर जगह 5G पर बारिश का असर एक जैसा नहीं होता. यह नेटवर्क की फ्रीक्वेंसी, टावर की दूरी, बारिश की तीव्रता और आसपास की परिस्थितियों पर भी निर्भर करता है.
बारिश में Wi-Fi स्लो हो तो क्या करें
अगर घर में बारिश के दौरान Wifi स्पीड कम हो जाती है तो आप 5GHz की जगह 2.4GHz बैंड इस्तेमाल करके देख सकते हैं. 2.4GHz बैंड की रेंज आमतौर पर ज्यादा होती है ये दीवारों जैसी रुकावटों को 5GHz के मुकाबले बेहतर तरीके से पार कर सकता है. हालांकि, 5GHz बैंड सामान्य परिस्थितियों में ज्यादा तेज स्पीड दे सकता है.
मोबाइल में 5G की जगह 4G आजमाएं
अगर बारिश के दौरान फोन का 5G नेटवर्क बार-बार गायब हो रहा है या स्पीड लगातार ऊपर नीच हो रही है तो मोबाइल की नेटवर्क सेटिंग में जाकर कुछ समय के लिए 4जी पर स्विच करके देख सकते हैं. कई मामलों में 4जी सिग्नल ज्यादा स्थिर कनेक्शन दे सकता है. इसका मतलब ये नहीं है कि बारिश में हर 5जी नेटवर्क स्लो हो जाएगा. ये असर आपके इलाके के टावर, इस्तेमाल हो रहे बैंड और मौसम की स्थिती पर निर्भर करता है.
राउटर को सही जगह रखना भी जरूरी
बारिश में राउटर की जगह पर भी ध्यान देन चाहिए. इसे खिड़की के बिल्कुल पास, सीलन वाली दीवार के सामने या ऐसी जगह पर न रखें जहां पानी या नमी पहुंचने का खतरा हो. राउटर को सूखी और खुली जगह पर रखना बेहतर होता है. साथ ही राउटर को जमी पर रखने की बजाये थोड़ी ऊंचाई पर रखें और उसके आसपास ज्यादा इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस या मोटी दीवार जैसी रुकावटें न हो. इससे Wi-Fi सिग्नल को घर में बेहतर तरीके से फैलने में मदद मिल सकती है.
बारिश में इंटरनेट स्लो होने की वजह सिर्फ एक नहीं
कुल मिलाकर बारिश के दौरान इंटरनेट स्लो होने के पीछे एक नहीं बल्कि कई वजहें हो सकती हैं. तेज बारिश रेडियो सिग्नल को प्रभावित कर सकती है, वहीं घरों में ज्यादा लोगों के इंटरनेट इस्तेमाल करने से नेटवर्क पर लोड बढ़ जाता है. इसके अलावा टावर, केबलिंग या नेटवर्क उपकरणों में पानी और तूफान से होने वाली खराबी भी कनेक्टिविटी को प्रभावित कर सकती है.