Balraj Singh
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अगर आप एप्पल का मोबाइल फोन, घड़ी या दूसरे डिवाइस इस्तेमाल करते हैं तो आप खतरे में हैं। भारत के सरकारी तंत्र ने इन प्रोडक्ट्स की कई सारी खामियां पकड़ी हैं, जो साइबर अटैकर्स को आपके डिवाइस कंट्रोल की अनुमति दे सकती हैं। इस संबंध में सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने ऐसे प्रोडक्ट्स इस्तेमाल करने वाले लोगों को आगाह किया है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत काम करने वाली भारतीय कंप्यूटर आपातकालीन प्रतिक्रिया टीम ने कहा कि सफारी और अन्य ब्राउज़रों द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे वेबकिट ब्राउजर इंजन में वल्नेरेबिलिटी यानि डिवाइस कंट्रोल संबंधी सेंधमारी की बातें सामने आ रही हैं। यह एप्पल के आईफोन और घड़ियों में भी आता है। CERT-IN ने एक आधिकारिक बयान में कहा है, ‘सिक्युरिटी टूल में सर्टिफिकेशन संबंधी समस्या, कर्नेल में समस्या और वेबकिट टूल में कमी के कारण Apple उत्पादों में ये कमजोरियां मौजूद हैं। एक हमलावर विशेष रूप से तैयार किए गए अनुरोध भेजकर इन कमजोरियों का फायदा उठा सकता है’।
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प्रभावित उपकरणों की सूची में शामिल हैं
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बचने के लिए उपाय भी करना जरूरी
जो यूजर अपने पर्सनल डेटा को सुरक्षित करना चाहते हैं, उन्हें तुरंत अपने डिवाइस को नवीनतम वॉच-ओएस, टीवी-ओएस और मैक-ओएस संस्करणों में अपडेट करना चाहिए। साइबर सुरक्षा से संबंधित मुद्दों का प्रबंधन करने वाली राष्ट्रीय नोडल बॉडी ने यही एडवाइजरी जारी की है। मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि अगर सॉफ्टवेयर की कमजोरियों को ठीक नहीं किया गया तो साइबर अटैकर्स एप्पल की घड़ियों, टेलीविजन, आईफोन और मैकबुक तक पहुंचने में कामयाब हो सकते हैं। इस समस्या के समाधान के लिए Apple की ओर से जारी जरूरी अपडेट आधिकारिक वेबसाइट cert-in.org.in पर भी उपलब्ध हैं।
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