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मिडिल ईस्ट तनाव का असर Amazon पर! AWS सर्विस में आई बड़ी रुकावट, लाखों यूजर्स हुए प्रभावित

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर अब इंटरनेट और क्लाउड सर्विस तक पहुंच गया है. Amazon के AWS सर्वर में आई रुकावट ने करोड़ों यूजर्स को प्रभावित किया. ड्रोन हमले से जुड़ी इस घटना ने टेक दुनिया में हलचल मचा दी है. जानिए आखिर कितना बड़ा है इसका असर.

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Written By: Mikita Acharya Updated: Mar 24, 2026 13:08
मिडिल ईस्ट तनाव का असर अब टेक दुनिया पर!

AWS Bahrain Disruption: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर अब सिर्फ जमीन और आसमान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसका असर टेक्नोलॉजी सेक्टर पर भी साफ दिखने लगा है. Amazon ने पुष्टि की है कि उसके AWS क्लाउड सर्विस में बहरीन (Bahrain) रीजन में रुकावट आई है. यह समस्या ऐसे समय पर सामने आई है जब पूरे इलाके में सुरक्षा हालात पहले से ही संवेदनशील बने हुए हैं.

ड्रोन गतिविधि रुकावट की वजह

Reuters रिपोर्ट के मुताबिक, Amazon ने इस आउटेज के पीछे ड्रोन से जुड़ी गतिविधियों को जिम्मेदार बताया है. हालांकि कंपनी ने ज्यादा तकनीकी जानकारी साझा नहीं की, लेकिन इतना जरूर कहा कि सुरक्षा कारणों की वजह से सेवाएं प्रभावित हुई हैं और उन्हें सामान्य करने की कोशिश जारी है. Amazon ने यह भी बताया कि जिन ग्राहकों की सेवाएं प्रभावित हुई हैं, उनके वर्कलोड को दूसरे AWS रीजन में शिफ्ट किया जा रहा है. इसका मकसद डाउनटाइम को कम करना है, ताकि यूजर्स को ज्यादा परेशानी न हो और सर्विस जल्दी बहाल हो सके.

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बड़े लेवल पर दिख रहा असर

यह समस्या ऐसे समय पर सामने आई है जब अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव की वजह से खाड़ी क्षेत्र की कई सिविल सुविधाएं प्रभावित हो रही हैं. ऐसे में यह घटना सिर्फ एक टेक्निकल दिक्कत नहीं, बल्कि बड़े स्तर पर इंफ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा को लेकर चिंता भी बढ़ा रही है.

डेटा सेंटर क्यों हैं इतने अहम

आज के समय में AWS जैसे क्लाउड प्लेटफॉर्म डिजिटल दुनिया की रीढ़ माने जाते हैं. बैंकिंग, ऑनलाइन शॉपिंग, लॉजिस्टिक्स और सरकारी सेवाएं सब कुछ इन्हीं डेटा सेंटर पर निर्भर करता है. ऐसे में अगर किसी एक रीजन में भी दिक्कत आती है, तो उसका असर कई सेक्टर तक पहुंच सकता है.

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पहले भी सामने आ चुकी हैं ऐसी घटनाएं

यह पहली बार नहीं है जब AWS को इस तरह की समस्या का सामना करना पड़ा है. इससे पहले भी खाड़ी क्षेत्र में ड्रोन हमलों के चलते UAE और बहरीन के कुछ डेटा सेंटर प्रभावित हुए थे. इन घटनाओं में पावर सप्लाई और नेटवर्क कनेक्टिविटी पर असर पड़ा था, जिससे सेवाएं बाधित हुई थीं.

रिकवरी में लगता है समय

जब इंफ्रास्ट्रक्चर को फिजिकल नुकसान पहुंचता है, तो उसे ठीक करने में समय लगना स्वाभाविक है. रिपोर्ट्स के अनुसार, कुछ मामलों में आग लगने और ऑटोमैटिक सिस्टम के एक्टिव होने से पानी का भी नुकसान हुआ, जिससे स्थिति और जटिल हो गई. ऐसे में सेवाओं को पूरी तरह बहाल करना आसान नहीं होता.

बता दें, AWS दुनिया का सबसे बड़ा क्लाउड सर्विस प्रोवाइडर है और करोड़ों ऐप्स व डेटा को संभालता है. ऐसे में किसी एक रीजन में आई छोटी सी रुकावट भी कई इंडस्ट्रीज को प्रभावित कर सकती है. आज की डेटा-ड्रिवन दुनिया में एक छोटा आउटेज भी दूर तक असर डाल सकता है.

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First published on: Mar 24, 2026 01:03 PM

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