लैपटॉप से फोन चार्ज करना सही या गलत? सच जानकर चौंक जाएंगे आप!

कहीं आप भी लैपटॉप से फोन चार्ज करके बड़ी गलती तो नहीं कर रहे? सच जानकर आपकी टेंशन दूर हो जाएगी जानिए क्या ये तरीका सुरक्षित है या आपकी बैटरी को धीरे-धीरे नुकसान पहुंचा रहा है.

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लैपटॉप से फोन चार्ज करना सही या गलत? (Photo-Freepik)

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Kya Laptop Se Phone Charge Karna Safe Hai: फोन की बैटरी अगर ठीक उसी वक्त खत्म हो जाए जब आपको उसकी सबसे ज्यादा जरूरत हो, तो परेशानी होना तय है. ऐसे में अगर चार्जर पास में न हो, तो ज्यादातर लोग लैपटॉप से USB के जरिए फोन चार्ज करने लगते हैं. लेकिन मन में एक सवाल जरूर आता है क्या ये तरीका वाकई सुरक्षित है या इससे फोन की बैटरी को नुकसान हो सकता है? आइए समझते हैं.

लैपटॉप से फोन चार्जिंग कैसे काम करती है

आजकल ज्यादातर स्मार्टफोन और लैपटॉप USB-C पोर्ट और USB Power Delivery (USB-PD) टेक्नोलॉजी के साथ आते हैं. इसका फायदा यह है कि फोन और चार्जर आपस में बात करके तय करते हैं कि कितनी पावर लेनी है. यानी अगर चार्जर ज्यादा ताकतवर है, तब भी फोन उतनी ही बिजली लेता है जितनी उसे जरूरत होती है. इससे ओवरचार्जिंग या ज्यादा पावर का खतरा कम हो जाता है.

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क्या यह तरीका सुरक्षित है?

अगर सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए तो लैपटॉप से फोन चार्ज करना पूरी तरह सुरक्षित है. बस ध्यान रखने वाली बात यह है कि आपका फोन और चार्जर दोनों USB-C Power Delivery को सपोर्ट करते हों. इससे चार्जिंग के दौरान पावर का संतुलन बना रहता है और डिवाइस सुरक्षित रहता है.

केबल की क्वालिटी क्यों है जरूरी

चार्जिंग में केबल की भूमिका भी काफी अहम होती है. अगर आप सस्ती या खराब क्वालिटी की केबल इस्तेमाल करते हैं, तो चार्जिंग अस्थिर हो सकती है. इससे फोन गर्म हो सकता है या बैटरी पर असर पड़ सकता है. इसलिए हमेशा अच्छी क्वालिटी या ओरिजिनल केबल का ही इस्तेमाल करना बेहतर रहता है.

क्या ज्यादा वॉट वाला चार्जर नुकसान पहुंचाता है?

आज के स्मार्टफोन इस तरह डिजाइन किए जाते हैं कि वे खुद को सुरक्षित रख सकें. इसलिए अगर आप 65W या 100W के लैपटॉप चार्जर से भी फोन चार्ज करते हैं, तो भी फोन उतनी ही पावर लेगा जितनी उसे चाहिए. इसका मतलब है कि ज्यादा वॉट का चार्जर सीधे तौर पर नुकसान नहीं पहुंचाता.

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क्या फोन की स्पीड या परफॉर्मेंस पर असर पड़ता है?

चार्जर का काम सिर्फ बैटरी को पावर देना होता है, इसका फोन की स्पीड या परफॉर्मेंस से कोई सीधा संबंध नहीं होता. हां, अगर चार्जिंग के दौरान फोन थोड़ा गर्म हो जाता है, तो हीट को कंट्रोल करने के लिए फोन कुछ समय के लिए अपनी परफॉर्मेंस कम कर सकता है. यह एक सामान्य प्रक्रिया है और इसमें चिंता करने की जरूरत नहीं है.

किन बातों का रखें खास ध्यान

अगर आप लैपटॉप से फोन चार्ज कर रहे हैं, तो कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है. हमेशा अच्छी और भरोसेमंद केबल इस्तेमाल करें. यह भी सुनिश्चित करें कि आपका फोन और चार्जर एक ही टेक्नोलॉजी को सपोर्ट करते हों. सही तरीके से इस्तेमाल करने पर लैपटॉप से चार्जिंग एक आसान और सुरक्षित विकल्प है, खासकर तब जब आपके पास फोन चार्जर उपलब्ध न हो.

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लेखक के बारे में

Mikita Acharya

Mikita Acharya

मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत
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