---विज्ञापन---

महिलाएं कहां सबसे ज्यादा कर रही हैं काम? पहली बार सामने आए जिलावार रोजगार आंकड़ों ने किया हैरान

Working Women NSO Data: देश के करीब 57.8 प्रतिशत जिलों में महिलाओं की श्रम बल भागीदारी दर (LFPR) 40 प्रतिशत या उससे अधिक रही. आपको बता दें कि रोजगार के यह आंकड़े पीरियोडिक लेबर फोर्स सर्वे (PLFS) के तहत जारी किए गए हैं.

---विज्ञापन---

21वीं सदी में महिलाएं लगभग हर क्षेत्र में पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी हैं, चाहे वो बिजनेस करना हो या चांद पर जाना हो. भारत में बड़ी संख्या में महिलाएं जॉब करती हैं और अपने परिवार का खर्च भी उठा रही हैं. हालांकि हाल ही में पहली बार सामने आए जिलावार रोजगार आंकड़ों ने जो तस्वीर दिखाई, उसने सभी को हैरान कर दिया. राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) की ओर से शुक्रवार को जारी जिला स्तरीय श्रम बाजार अनुमानों में महिलाओं की श्रम बल भागीदारी में राज्यों और जिलों के बीच बड़ा अंतर दिखाई दिया है.

देश में महिलाओं का श्रम बल भागीदारी दर कितना?

रिपोर्ट के मुताबिक, देश के करीब 57.8 प्रतिशत जिलों में महिलाओं की श्रम बल भागीदारी दर (LFPR) 40 प्रतिशत या उससे अधिक रही. आपको बता दें कि रोजगार के यह आंकड़े पीरियोडिक लेबर फोर्स सर्वे (PLFS) के तहत जारी किए गए हैं. पहली बार इस स्तर पर जिलावार श्रम बल भागीदारी दर, वर्कर पॉपुलेशन रेशो (WPR), बेरोजगारी दर और NEET से जुड़े आंकड़े उपलब्ध कराए गए हैं. NEET में 15 से 29 वर्ष की उम्र के वे युवा शामिल हैं, जो न रोजगार में हैं, न शिक्षा ले रहे हैं और न ही किसी प्रशिक्षण से जुड़े हैं.

---विज्ञापन---

यह भी पढ़ें: UP Family ID: एक परिवार, एक पहचान… अब हर परिवार को मिलेगी 12 अंकों की यूनिक आईडी! जानें घर बैठे आवेदन का पूरा तरीका

कहां है महिलाओं की श्रम भागीदारी सबसे ज्यादा और सबसे कम?

सर्वे के मुताबिक प्रमुख जिलों में गुजरात का सूरत कुल श्रम बल भागीदारी दर के मामले में सबसे आगे रहा. यहां LFPR 68.6 प्रतिशत दर्ज की गई, जबकि श्रमिक जनसंख्या अनुपात 67.8 प्रतिशत रहा. इसके बाद बिहार के अररिया और तमिलनाडु के सलेम का स्थान रहा. वहीं, बिहार के दरभंगा में इन दोनों मानकों पर सबसे निचले स्तर के आंकड़े दर्ज किए गए. देश के करीब 98 प्रतिशत जिलों में 15 वर्ष और उससे अधिक उम्र की आबादी के लिए LFPR और WPR 40 से 80 प्रतिशत के दायरे में रहे.

---विज्ञापन---

महिलाओं की भागीदारी में बड़ा अंतर

महिला श्रम भागीदारी के आंकड़े जिलों के बीच काफी अलग तस्वीर दिखाते हैं. हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर में महिला LFPR सबसे अधिक 80.9 प्रतिशत दर्ज की गई. इसके बाद ओडिशा के मयूरभंज में 71.8 प्रतिशत, जम्मू-कश्मीर के बडगाम में 71.4 प्रतिशत और छत्तीसगढ़ के सरगुजा में 69 प्रतिशत महिला LFPR रही. इसके उलट पूर्वी दिल्ली में महिला LFPR 18.9 प्रतिशत दर्ज की गई. बिहार के सीवान में यह 24.7 प्रतिशत और पंजाब के पटियाला में 39.3 प्रतिशत रही. इससे साफ होता है कि महिलाओं की रोजगार और श्रम बाजार में भागीदारी जिलों के स्तर पर काफी असमान है.

यह भी पढ़ें: UP Teacher Bharti 2026: यूपी में 15000 से ज्यादा शिक्षकों की बंपर भर्ती का ऐलान, जानें कब से शुरू होंगे आवेदन

---विज्ञापन---

First published on: Sep 18, 2026 11:27 PM

End of Article

About the Author

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला न्यूज 24 के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हुए हैं. मूल रूप से नोएडा, उत्तर प्रदेश के रहने वाले आकर्ष ने पत्रकारिता का सफर 2016 में प्रिंट मीडिया से शुरू हुआ, बाद में उन्होंने डिजिटल मीडिया का रुख किया. आकर्ष शुक्ला ने गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री हासिल की. आकर्ष ने दिल्ली के अखबार वूमेन एक्सप्रेस में काम किया. इसके बाद नवोदय टाइम्स, ओपेरा न्यूज, वनइंडिया, इंडिया डॉट कॉम (जी मीडिया ग्रुप) में विभिन्न पदों पर कार्य किया. आकर्ष शुक्ला अक्टूबर, 2025 से न्यूज24 से जुड़े हुए हैं, जहां वो मुख्य रूप से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय और राजनीति से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं. इसके साथ ही आकर्ष शिफ्ट हेड के तौर पर टीम का नेतृत्व भी करते हैं. आकर्ष ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के अलावा संसद से जुड़ी खबरों को कवर किया है. उनकी राजनीति में गहरी रुचि है, इस कारण वह राजनीति से जुड़ी खबरों को आसान शब्दों में लिखने में माहिर हैं. डिग्री और डिप्लोमा: आकर्ष शुक्ला ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक (BA) की डिग्री के बाद गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. आकर्ष शुक्ला ने DICS इंस्टीट्यूट से कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में 2 साल का डिप्लोमा भी किया है. पत्रकारिता में अनुभव: 10 वर्ष से अधिक

Read More
---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola