---विज्ञापन---

Explainer angle-right

दुनिया को लड़ाकू विमान JF-17 बेचने निकला कंगाल पाकिस्तान, कई देश खड़े कतार में; पर बनाने के पैसे ही नहीं

JF-17 विमान का 58% प्रोडक्शन और फाइनल असेंबली पाकिस्तान में होती है. वहीं, 42% प्रोडेक्शन चीन में होता है, जो एवियोनिक्स सप्लाई करता है. इसका इंजन रूस की कंपनी 'क्लिमोव' बनाती है.

---विज्ञापन---

पाकिस्तान का दावा है कि पिछले कुछ महीनों में पांच देशों ने उसके JF-17 लड़ाकू विमान खरीदने में दिलचस्पी दिखाई है. इराक, बांग्लादेश और इंडोनेशिया के अलावा सऊदी अरब और लीबिया भी इस फाइटर जेट को खरीदने की कतार में बताए जा रहे हैं. पाकिस्तान पूरे साल में 20 से भी कम ये लड़ाकू विमान बनाता है और ये भी उसकी खुद की वायुसेना के लिए. इस विमान का 58% प्रोडक्शन और फाइनल असेंबली पाकिस्तान में होती है. वहीं, 42% प्रोडेक्शन चीन में होता है, जो एवियोनिक्स सप्लाई करता है. इसका इंजन रूस की कंपनी ‘क्लिमोव’ बनाती है.

सस्ते होने से बढ़ी मांग

JF-17 थंडर एक हल्का, हर मौसम में काम करने वाला लड़ाकू विमान है. इसे पाकिस्तान एयरोनॉटिकल कॉम्प्लेक्स और चीन के AVIC चेंगदू ने मिलकर बनाया है. JF-17 की सबसे बड़ी खूबी इसकी कीमत है. जहां राफेल या F-16 जैसे विमानों की कीमत 100 मिलियन डॉलर से ऊपर होती है, वहीं JF-17 महज 40 से 50 मिलियन डॉलर में मिल जाता है. यही वजह है कि इसकी ज्यादा मांग बताई जा रही है.

---विज्ञापन---

यह भी पढ़ें : ‘इंटरनेशनल कोर्ट का आदेश नहीं मानते हम’, सिंधु जल संधि पर पाकिस्तान को भारत ने दिया झटका

कौन दिखा रहा दिलचस्पी?

बेशक ये विमान सस्ते हैं, लेकिन अभी तक ये सिर्फ अजरबैजान, नाइजीरिया और म्यांमार को ही बेचे गए हैं. सबसे पहले म्यांमार ने साल 2015 में खरीदा था, छह विमान अब तक डिलीवर हो चुके हैं. नाइजीरिया ने साल 2021 में अपनी एयर फोर्स में तीन विमान शामिल किए थे. अजरबैजान ने साल 2024 में 40 जेट का ऑर्डर दिया. यह डील करीब 1.6 बिलियन यूएस डॉलर में की गई थी. नवंबर 2025 में, अजरबैजान ने अपनी विक्ट्री डे परेड में पांच JF-17 विमान भी दिखाए थे.

---विज्ञापन---

खुद की पूरी नहीं हो रही जरूरत

पाकिस्तान हर साल केवल 16 से 18 विमान ही बना पाता है, जो उसकी अपनी वायुसेना के लिए भी कम पड़ रहे हैं. अभी पाकिस्तानी वायुसेना में 150 से ज्यादा JF-17 लड़ाकू विमान हैं. पाकिस्तान को अभी भी 250 से ज्यादा पुराने डसॉल्ट मिराज और चीनी F-7 को बदलने की जरूरत है.

यह भी पढ़ें : क्या है मजीद ब्रिगेड? नाम लेते ही कांप उठती है पाकिस्तानी आर्मी, Pak में आत्मघाती हमलों के लिए कुख्यात

---विज्ञापन---

बनाने के पैसे ही नहीं

रिपोर्ट्स के मुताबिक, लीबिया और बांग्लादेश दोनों 16-16 विमान खरीदने की योजना बना रहे हैं. सऊदी अरब शायद 50 विमान खरीद सकता है, तो इंडोनेशिया करीब 40 विमान खरीदने का प्लान कर रहा है. लेकिन सबसे बड़ी दिक्कत ये है कि अगर इतने बड़े ऑर्डर पाकिस्तान के पास आते हैं तो ना उसके पास पैसा है और ना ही संसाधन. पाकिस्तान की मौजूदा आर्थिक स्थिति इसमें सबसे बड़ी रोड़ा बनकर उभरेगी. हालांकि, कुछ एक्सपर्ट्स की मानें तो चीन इस सप्लाई को पूरा करने में मदद कर सकता है.

First published on: Feb 03, 2026 08:37 PM

End of Article
---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola