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‘बांग्लादेश फर्स्ट’ वाले तारिक रहमान के पास पाकिस्तान के लिए क्या है ‘गेमप्लान’; क्या भारत के लिए बढ़ाएंगे चुनौती?

बांग्लादेश के 13वें आम चुनाव में तारिक रहमान की बीएनपी को प्रचंड बहुमत मिला है. तारिक रहमान जल्द ही प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे, जिसमें पीएम मोदी को भी बुलाया जा सकता है.

Author Edited By : Arif Khan
Updated: Feb 14, 2026 18:38

बांग्लादेश चुनाव में तारिक रहमान की प्रचंड जीत के बाद अब सब की नजर, इस पर टिकी है कि वह पाकिस्तान के साथ कैसे निपटेंगे. क्योंकि मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार के कार्यकाल में पाकिस्तान के साथ संबंधों में सुधार देखने को मिला है. अब सवाल है कि क्या तारिक रहमान प्रधानमंत्री बनने के बाद उसी नीति पर चलेंगे या उनके पास कुछ और प्लान है.

मोहम्मद यूनुस पर पाकिस्तान का बहुत ज्यादा समर्थन करने के भी आरोप लगे हैं. उन्होंने पाकिस्तान को वीजा नियमों में ढील दी. इसके साथ ही पाकिस्तान को बांग्लादेशी समुद्र तक बिना किसी रुकावट की पहुंच को आसान बना दिया. यह भारत में घुसने के लिए आतंकियों का एक रूट बन सकता है.

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भारत के साथ कैसे रहे हैं रिश्ते

बांग्लादेश में इससे पहले जब 2001 और 2007 के बीच बीएनपी की सरकार थी, तब दोनों देशों के बीच संबंध उतार-चढ़ाव वाले थे. भारत ने तत्कालीन बांग्लादेश सरकार पर आतंकियों को अपनी धरती का इस्तेमाल करने देने का आरोप लगाया था.

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इस बार क्या बदल सकता है?

इस बार चीजें अलग हो सकती हैं. क्योंकि उस वक्त जमात-ए-इस्लामी, बीएनपी सरकार की सहयोगी थी. लेकिन इस बार जमात-ए-इस्लामी ने बीएनपी के खिलाफ चुनाव लड़ा है. जमात, तारिक की आंधी में बुरे तरीके से हार गई. ऐसे में यह हो सकता है कि बांग्लादेश में कट्टरवाद पर लगाम लगे.

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पाकिस्तान के लिए क्या है ‘गेमप्लान’

अंदाजा लगाया जा रहा है कि तारिक पूरी तरह से पाकिस्तान से दूरी नहीं बनाएंगे. पाकिस्तान के साथ ही तारिक रहमान भारत के साथ संबंधों को मजबूत करने पर भी ध्यान देंगे. बीएनपी ने अपने घोषणा पत्र में भारत के साथ संबंधों पर खुलकर कोई वादा नहीं किया था. हालांकि, पड़ोसी मुल्कों के साथ अच्छे संबंधों बनाने पर जोर देने की बात जरूर कही गई थी.

एनडीटीवी ने अपनी रिपोर्ट में एक अधिकारी के हवाले से लिखा है कि तारिक रहमान पाकिस्तान के साथ सामान्य संबंध रखेंगे. लेकिन वह बांग्लादेश को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई का गढ़ नहीं बनने देंगे. जैसा यूनुस के कार्यकाल के दौरान हुआ था. अभी तारिक रहमान का सबसे बड़ा काम अपने हिंसाग्रस्त देश में शांति लाना है.

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भारत को सतर्क रहने की क्यों जरूरत?

भारत को पाकिस्तान के साथ बांग्लादेश के अच्छे संबंधों से कोई एतराज नहीं होगा. लेकिन भारत को इससे सतर्क रहने की जरूरत होगी कि कहीं तारिक रहमान, यूनुस के नक्शे कदम पर न चलें. पिछले कुछ महीनों में पाकिस्तान सेना और आईएसआई कर्मियों के कई हाई-प्रोफाइल दौरे बांग्लादेश के हुए हैं. इन दौरों का मकसद साफ रूप से भारत को निशाना बनाने के लिए ठिकाने बनाना था.

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बांग्लादेश के 13वें आम चुनाव में प्रचंड बहुमत पाने वाले तारिक रहमान इस बात से बहुत अच्छी तरह वाकिफ हैं कि अगर पाकिस्तान को बांग्लादेश में ज्यादा घुसने दिया तो 1971 से पहले जैसी स्थिति हो सकती है.

First published on: Feb 14, 2026 04:23 PM

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