---विज्ञापन---

क्या जेल जाने पर माफ हो जाएंगे राजपाल यादव के 9 करोड़? जानें कानून क्या कहता है

बॉलीवुड एक्टर राजपाल यादव इन दिनों तिहाड़ जेल में बंद है. रिपोर्ट्स के अनुसार एक्टर ने साल 2010 में फिल्म बनाने के लिए 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था, जिसे वे वापस नहीं लौटा पाएं और उन्हें जेल जाना पड़ा. लेकिन अब लोगों के मन में यह सवाल उठ रहा कि क्या जेल की सजा काटने के बाद राजपाल यादव को कर्ज नहीं चुकाना पड़ेगा. चलिए जानते हैं इसके बारे में.

---विज्ञापन---

हिंदी सिनेमा के मशहूर एक्टर और कॉमेडियन राजपाल यादव चेक बाउंस के कारण काफी सुर्खियों में बने हुए हैं. आज यानी 12 फरवरी को राजपाल यादव कोर्ट में पेश हुए जहां उन्हें कोर्ट से फटकार मिली है. कोर्ट ने  कहा की आपको कर्ज चुकाने के कई मौके दिए गए थें. लेकिन आपने तय समय सीमा पर आपने पैसे वापस नहीं किए, जिसकी वजह से कोर्ट को सख्त कदम उठाने पड़े और सजा को बरकरार रखते हुए सरेंडर का आदेश दे दिया. इसके बाद लोग यह जानना चाहते हैं कि अगर राजपाल यादव को जेल हो गई, तो क्या उनका कर्ज माफ हो जाएगा. उन्हें पैसे नहीं चुकाने पड़ेंगे. चलिए जानते हैं इसके बारे में.

यह भी पढ़ें: ‘राजपाल यादव के पास 50 करोड़ की प्रॉपर्टी…’, केआरके का दावा, पत्नी को लेकर उठाया बड़ा सवाल

---विज्ञापन---

कोर्ट में राजपाल यादव ने क्या कहा

गौरतलब है कि राजपाल यादव ने एक फिल्म बनाने के लिए 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था. लेकिन उनका एक पुराना वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें राजपाल ने इससे साफ इंकार दिया था. लेकिन उन्होंने कोर्ट में इस बात को कबूल कर लिया है कि फिल्म के लिए 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था, जो ब्याज और पेनल्टी के बाद 9 करोड़ हो गई है. अब लोग यह जानना चाह रहे हैं कि अगर एक्टर ने जेल की सजा काट ली, तो क्या उन्हें पैसे नहीं देने होंगे. अगर आपके मन में भी यह सवाल उठ रही है, तो आज हम आपको इसका जवाब बताएंग.

यह भी पढ़ें: जब जीवन में छाया दुख और आर्थिक संकट…, प्रेमानंद जी महाराज की सलाह सुन भावुक हुए थे राजपाल यादव

क्या जेल में सजा काटने के बाद नहीं चुकाने होंगे पैसे

आपके मन में भी यह सवाल उठ रहा है कि अगर राजपाल यादव जो जेल हो गई, तो क्या उन्हें पैसे नहीं चुकाने होंगे. दरअसल कानूनी भाषा में सजा काटने के बाद भी 9 करोड़ रुपये की देनदारी खत्म नहीं होने वाली है. उन्हें सजा काटने के बाद भी 9 करोड़ रुपये का कर्ज चुकाना होगा. आपको बता दें कि चेक बाउंस मामला में (Negotiable Instruments Act, धारा 138) के तहत दो तरह की सजा हो सकती है. 1. जिसमें जेल की सजा सुनाई जाती है या फिर पेनल्टी लगती है. 2. मूलधन के साथ ब्याज और हर्जाना तीनों चुकाना होता है.

---विज्ञापन---
First published on: Feb 12, 2026 09:55 PM

End of Article

About the Author

Shahzad Khan

बिहार के ऐतिहासिक शहर गया जी से ताल्लुक रखने वाले शहजाद News 24 के एंटरटेनमेंट सेक्शन में बतौर सब-एडिटर काम कर रहे हैं. एंटरटेनमेंट जर्लनलिस्ट के तौर पर उनका मकसद होता है कि वो जटिल खबरों को भी आसान भाषा में अपने पाठक के सामने पेश कर सकें. नई फिल्मों से लेकर टीवी गॉसिप तक, मनोरंजन की दुनिया के हर छोटे-बड़े अपडेट पर उनकी पैनी नजर होती है. शहजाद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत Zee News से की थी, जहां वो मनोरंजन के साथ-साथ ऑटो और टेक की खबरों पर भी काम करते थे. उन्होंने ग्रेटर नोएडा के IIMT कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट से पत्रकारिता की पढ़ाई की है. पढ़ाई के दौरान से ही मनोरंजन की खबरों में उनकी खास दिलचस्पी थी. फिल्में और टीवी देखने का शौक था. ऐसे में उन्होंने इसी को अपने प्रोफेशन बना लिया.

Read More
---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola