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Oscars में भारत की इन फिल्मों ने जीता पुरस्कार, 1983 में मिला था पहला ऑस्कर्स अवॉर्ड
Indian Movies Who Won Oscars Awards: ऑस्कर्स 2025 में भारत की फिल्म अनुजा पुरस्कार नहीं जीत पाई लेकिन इससे पहले बहुत सी फिल्में हैं जिन्होंने भारत का नाम इंटरनेशनल लेवल पर रोशन किया है।
Indian Movies Who Won Oscars Awards: भारत की फिल्म इंडस्ट्री ने इंटरनेशनल लेवल पर बड़ी पहचान बनाई है। ऑस्कर जैसे बड़े पुरस्कारों के जरिए भारतीय फिल्मों ने न सिर्फ राष्ट्रीय, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी छाप छोड़ी है। जहां एक ओर महात्मा गांधी की जीवित गाथा पर आधारित फिल्म गांधी (1982) ने भारत को पहली बार ऑस्कर दिलवाया, वहीं दूसरी ओर स्लमडॉग मिलियनेयर (2008) जैसी फिल्म ने बेहतरीन संगीत और सिनेमैटोग्राफी के लिए अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार जीते। हाल ही में, द एलीफेंट व्हिस्परर्स और आरआरआर जैसी फिल्मों ने भी दुनिया भर में अपनी असरदार कहानी और संगीत से वाहवाही बटोरी। चलिए आपको बताते हैं कौन-कौन सी भारतीय फिल्मों ने भारत को गर्व महसूस कराया है।
‘गांधी’ – एक कालातीत महाकाव्य
1982 में आई गांधी फिल्म में महात्मा गांधी के अहिंसात्मक संघर्ष को दर्शाया गया था। इस फिल्म ने ना ही सिर्फ भारतीय दर्शकों को बल्कि अंतरराष्ट्रीय दर्शकों को भी प्रभावित किया। फिल्म के लिए भानु अथैया ने सर्वश्रेष्ठ कॉस्ट्यूम डिजाइन का ऑस्कर जीता, जो भारतीय सिनेमा के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि थी। ये फिल्म आज भी एक प्रेरणा बनकर जीवित है, जो बताती है कि सत्य और अहिंसा की शक्ति क्या हो सकती है।
सत्यजीत रे को लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड
भारतीय सिनेमा के दिग्गज निर्देशक सत्यजीत रे को 1992 में ऑस्कर अकादमी द्वारा लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से नवाजा गया। सत्यजीत रे की फिल्मों ने भारतीय सिनेमा को दुनिया भर में पहचान दिलाई और उनके काम ने भारतीय फिल्म निर्माताओं को वैश्विक मंच पर एक नई दिशा दी। उनकी शानदार कहानियों और गहरी मानव भावनाओं ने भारतीय सिनेमा को एक सशक्त पहचान दी।
‘स्लमडॉग मिलियनेयर’ ने जीता दिल
2008 में डैनी बॉयल की फिल्म स्लमडॉग मिलियनेयर ने दुनिया भर में धमाल मचाया। मुम्बई के एक झुग्गी के लड़के की कहानी को बयां करने वाली इस फिल्म ने ऑस्कर की 8 श्रेणियों में पुरस्कार जीते। जय हो गीत ने ए. आर. रहमान, गुलजार और रेसुल पूकट्टी को सर्वश्रेष्ठ संगीत, गीत के लिए ऑस्कर दिलवाया। इस फिल्म ने भारतीय सिनेमा को वैश्विक मंच पर प्रभावी तरीके से प्रवेश किया और भारतीय संगीत की ताकत को पूरी दुनिया के सामने रखा।
‘द एलीफेंट व्हिस्परर्स’ – एक भावनात्मक दस्तावेज
‘द एलीफेंट व्हिस्परर्स’ एक डॉक्यूमेंट्री है जो भारत के दक्षिणी हिस्से में एक अनाथ हाथी और उसके देखभाल करने वालों के बीच गहरे रिश्ते को दर्शाती है। कर्तिकी गोंसाल्वेस और गुनीत मोंगा द्वारा निर्मित इस फिल्म ने न सिर्फ भारत बल्कि पूरे विश्व में अपनी कहानी से सभी को भावुक किया। ये फिल्म प्रकृति, संरक्षण और मानवता की महत्वपूर्ण गाथा है।
‘आरआरआर’ – नातू नातू ने ऑस्कर में धमाल मचाया
2022 में एस. एस. राजामौली की फिल्म आरआरआर ने सिनेमा की दुनिया में तहलका मचाया। फिल्म का गाना नातू नातू ने 2023 में सर्वश्रेष्ठ मूल गीत का ऑस्कर जीता। एम एम कीरावानी और चंद्रबोस का ये गीत न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया में एक नई एनर्जी का संचार करने में सफल रहा। इस फिल्म ने भारतीय सिनेमा को वैश्विक स्तर पर एक और मजबूत पहचान दी है।
Indian Movies Who Won Oscars Awards: भारत की फिल्म इंडस्ट्री ने इंटरनेशनल लेवल पर बड़ी पहचान बनाई है। ऑस्कर जैसे बड़े पुरस्कारों के जरिए भारतीय फिल्मों ने न सिर्फ राष्ट्रीय, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी छाप छोड़ी है। जहां एक ओर महात्मा गांधी की जीवित गाथा पर आधारित फिल्म गांधी (1982) ने भारत को पहली बार ऑस्कर दिलवाया, वहीं दूसरी ओर स्लमडॉग मिलियनेयर (2008) जैसी फिल्म ने बेहतरीन संगीत और सिनेमैटोग्राफी के लिए अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार जीते। हाल ही में, द एलीफेंट व्हिस्परर्स और आरआरआर जैसी फिल्मों ने भी दुनिया भर में अपनी असरदार कहानी और संगीत से वाहवाही बटोरी। चलिए आपको बताते हैं कौन-कौन सी भारतीय फिल्मों ने भारत को गर्व महसूस कराया है।
‘गांधी’ – एक कालातीत महाकाव्य
1982 में आई गांधी फिल्म में महात्मा गांधी के अहिंसात्मक संघर्ष को दर्शाया गया था। इस फिल्म ने ना ही सिर्फ भारतीय दर्शकों को बल्कि अंतरराष्ट्रीय दर्शकों को भी प्रभावित किया। फिल्म के लिए भानु अथैया ने सर्वश्रेष्ठ कॉस्ट्यूम डिजाइन का ऑस्कर जीता, जो भारतीय सिनेमा के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि थी। ये फिल्म आज भी एक प्रेरणा बनकर जीवित है, जो बताती है कि सत्य और अहिंसा की शक्ति क्या हो सकती है।
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सत्यजीत रे को लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड
भारतीय सिनेमा के दिग्गज निर्देशक सत्यजीत रे को 1992 में ऑस्कर अकादमी द्वारा लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से नवाजा गया। सत्यजीत रे की फिल्मों ने भारतीय सिनेमा को दुनिया भर में पहचान दिलाई और उनके काम ने भारतीय फिल्म निर्माताओं को वैश्विक मंच पर एक नई दिशा दी। उनकी शानदार कहानियों और गहरी मानव भावनाओं ने भारतीय सिनेमा को एक सशक्त पहचान दी।
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‘स्लमडॉग मिलियनेयर’ ने जीता दिल
2008 में डैनी बॉयल की फिल्म स्लमडॉग मिलियनेयर ने दुनिया भर में धमाल मचाया। मुम्बई के एक झुग्गी के लड़के की कहानी को बयां करने वाली इस फिल्म ने ऑस्कर की 8 श्रेणियों में पुरस्कार जीते। जय हो गीत ने ए. आर. रहमान, गुलजार और रेसुल पूकट्टी को सर्वश्रेष्ठ संगीत, गीत के लिए ऑस्कर दिलवाया। इस फिल्म ने भारतीय सिनेमा को वैश्विक मंच पर प्रभावी तरीके से प्रवेश किया और भारतीय संगीत की ताकत को पूरी दुनिया के सामने रखा।
‘द एलीफेंट व्हिस्परर्स’ – एक भावनात्मक दस्तावेज
‘द एलीफेंट व्हिस्परर्स’ एक डॉक्यूमेंट्री है जो भारत के दक्षिणी हिस्से में एक अनाथ हाथी और उसके देखभाल करने वालों के बीच गहरे रिश्ते को दर्शाती है। कर्तिकी गोंसाल्वेस और गुनीत मोंगा द्वारा निर्मित इस फिल्म ने न सिर्फ भारत बल्कि पूरे विश्व में अपनी कहानी से सभी को भावुक किया। ये फिल्म प्रकृति, संरक्षण और मानवता की महत्वपूर्ण गाथा है।
‘आरआरआर’ – नातू नातू ने ऑस्कर में धमाल मचाया
2022 में एस. एस. राजामौली की फिल्म आरआरआर ने सिनेमा की दुनिया में तहलका मचाया। फिल्म का गाना नातू नातू ने 2023 में सर्वश्रेष्ठ मूल गीत का ऑस्कर जीता। एम एम कीरावानी और चंद्रबोस का ये गीत न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया में एक नई एनर्जी का संचार करने में सफल रहा। इस फिल्म ने भारतीय सिनेमा को वैश्विक स्तर पर एक और मजबूत पहचान दी है।