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‘कोई नहीं जानता उस रात क्या हुआ था’? दिव्या भारती के जाने से इंडस्ट्री को बड़ा नुकसान, 10-12 फिल्मों पर पड़ा असर

हिंदी सिनेमा की टॉप एक्ट्रेसेस में से एक दिव्या भारती अपने समय में इंडस्ट्री पर राज कर रही थी, लेकिन अचानक उनकी मौत की खबर ने हर किसी को चौंका दिया था। दिव्या के जाने से इंडस्ट्री को बड़ा नुकसान हुआ था।

हिंदी सिनेमा के कुछ रहस्य आज भी रहस्य ही बने हुए हैं। फिर चाहे वो सुशांत सिंह राजपूत का सुसाइड केस हो या फिर दिव्या भारती की मौत। आज तक इनकी गुत्थी नहीं सुलझ पाई और सवाल वैसे के वैसे हैं, जिनका जवाब अब शायद ही मिल पाएगा। दिव्या भारती हिंदी सिनेमा की टॉप एक्ट्रेसेस में से एक थी और उन्होंने जो स्टारडम हासिल किया था, वो काबिले-तारीफ था। हालांकि, अचानक आई दिव्या की मौत की खबर ने ना सिर्फ इंडस्ट्री बल्कि पूरे देश को सन्न कर दिया था। दिव्या की मौत से फिल्म इंडस्ट्री को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा था।

शूटिंग के दौरान लगी थी चोट

निर्माता-निर्देशक पहलाज निहलानी, दिव्या को याद करते हुए बताते हैं कि लोग उनकी मौत के बारे में कई तरह की बातें बताते हैं, लेकिन कोई नहीं जानता कि उस रात क्या हुआ था? और यह एक रहस्य ही रहेगा। उन्होंने कहा कि वो मेरे लिए बेटी जैसी थी और मेरे बहुत करीब थीं। एक बार शूटिंग के दौरान उनके पैर में गंभीर चोट लग गई थी, लेकिन फिर भी अगली सुबह वह लंगड़ाती हुई काम पर आ गई थी।

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Divya Bharti

Divya Bharti

10-12 फिल्मों पर पड़ा असर

निहलानी ने बताया कि शूटिंग रद्द होने के कारण मुझे उन्हें जबरदस्ती आराम करने के लिए भेजना पड़ा। दिव्या भारती की मौत ने फिल्म इंडस्ट्री को हिलाकर रख दिया। उनकी लीड रोल वाली कम से कम 10-12 फिल्में फ्लोर पर थीं और तभी अचानक से उनके निधन की खबर आई। उन सभी फिल्मों को बंद करना पड़ा और किसी दूसरी हीरोइन के साथ फिर से शुरू करना पड़ा। उनकी मौत इंडस्ट्री के लिए बहुत बड़ी क्षति थी, उन्होंने जिस चीज को छुआ, वो सोना बन गई।

5 अप्रैल 1993 को हुआ था दिव्या का निधन

गौरतलब है कि 5 अप्रैल 1993 को दिव्या भारती के निधन की खबर आई थी। उस वक्त दिव्या के साथ असलियत में क्या हुआ था? कोई नहीं जानता। पूरी इंडस्ट्री पर राज करने वाली अचानक से सुसाइड कर ले, ये कैसे हो सकता है? ये सवाल सबके मन था, लेकिन हमने यही सुना है और यही हमें बताया गया है। सवाल तो ये भी है कि वो इतनी नशे में कैसे हो सकती है और फिर अपने अपार्टमेंट की खिड़की पर कैसे चढ़ सकती है? इन सवालों के जवाब आज तक किसी को नहीं मिले हैं।

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यह भी पढ़ें- ‘जाट’ की थिएटर में एंट्री होते ही हुई चर्चा… सनी देओल की फिल्म पर क्या बोले एक्स यूजर्स?

First published on: Apr 10, 2025 12:53 PM

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About the Author

Subhash K Jha

सुभाष के झा आजीवन लता मंगेशकर, हिंदी सिनेमा और विश्व सिनेमा के प्रशंसक रहे हैं। उन्होंने पिछले कुछ वर्षों में इलस्ट्रेटेड वीकली ऑफ इंडिया से लेकर E24 तक लगभग हर प्रमुख अंग्रेजी भाषा के प्रकाशन में अपना योगदान दिया है। लेखन के अवसरों की उनकी तलाश जारी है। उनके आदर्श पर उनकी जीवनी पर काम चल रहा है।

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Nancy Tomar

सुभाष के झा आजीवन लता मंगेशकर, हिंदी सिनेमा और विश्व सिनेमा के प्रशंसक रहे हैं। उन्होंने पिछले कुछ वर्षों में इलस्ट्रेटेड वीकली ऑफ इंडिया से लेकर E24 तक लगभग हर प्रमुख अंग्रेजी भाषा के प्रकाशन में अपना योगदान दिया है। लेखन के अवसरों की उनकी तलाश जारी है। उनके आदर्श पर उनकी जीवनी पर काम चल रहा है।

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