Dhruv Rathee Video: यूट्यूबर ध्रुव राठी अक्सर ही किसी ना किसी वजह से चर्चा में आते रहते हैं. इन दिनों ध्रुव अपने एक वीडियो को लेकर चर्चा में हैं. ध्रुव राठी के एक विवादित वीडियो को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट ने अहम निर्देश जारी किए हैं. कोर्ट ने कहा है कि मामले के आदेश पर किसी भी अनदेखी को सख्ती से लिया जाएगा.
दिल्ली हाईकोर्ट ने दिखाई सख्ती
दरअसल, ध्रुव राठी के इस वीडियो पर दिल्ली हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है. अदालत ने सरकार की शिकायत अपीलीय समिति (Grievance Appellate Committee-GAC) को आदेश दिया है कि वो वीडियो हटाने की मांग वाली अपील पर 15 दिनों के भीतर फैसला सुनाए. साथ ही कोर्ट ने ये भी कहा कि उसके आदेश की किसी भी तरह की अनदेखी को गंभीरता से लिया जाएगा.
याचिकाकर्ता का क्या कहना?
बता दें कि ये मामला ध्रुव राठी के इसी साल 21 मार्च को अपलोड किए गए यूट्यूब वीडियो 'क्या हिंदू बीफ खा सकते हैं? केरल स्टोरी 2 का पर्दाफाश' से जुड़ा हुआ है. याचिकाकर्ता वकील अमिता सचदेवा का आरोप है कि इस वीडियो में भगवान राम, माता सीता और भगवान कृष्ण के बारे में कथित तौर पर कहा गया है कि वो मांस और शराब का सेवन करते थे, जिससे करोड़ों लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं.
एएसजी ने क्या कहा?
वहीं, सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की तरफ से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (ASG) चेतन शर्मा ने कहा कि यूट्यूब जैसे इंटरमीडियरी प्लेटफॉर्म को बेहद सावधानी के साथ यूज करना चाहिए. उनका तर्क था कि आपत्तिजनक और नफरत फैलाने वाले कंटेंट को तुरंत हटाया जाना चाहिए था.
समाज में फूट डालने वाला कंटेंट
उन्होंने अदालत से कहा कि ध्रुव राठी का वीडियो नुकसान पहुंचाने वाला है और समाज में फूट डालने वाला कंटेंट है. इतना ही नहीं बल्कि एएसजी ने ये भी कहा है कि या तो गूगल खुद वीडियो हटाने का फैसला कर लें या फिर अदालत इस मामले में उचित आदेश पारित करेगी. साथ ही उन्होंने कहा कि ऐसे कंटेंट को मंच नहीं मिलना चाहिए, जो बहुसंख्यक समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाता हो.
अगले 15 दिनों में क्या फैसला होगा?
इस मामले में गूगल की तरफ से आए वकील ने अदालत को बताया कि कंपनी अपना जवाब याचिकाकर्ता को दे चुकी है और इस मामले में GAC के सामने अपील भी दायर कर दी गई है. इसके बाद जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने GAC को 15 दिनों के भीतर अपील पर फैसला लेने का निर्देश दिया है. फिलहाल हाईकोर्ट ने वीडियो हटाने पर कोई अंतिम फैसला नहीं दिया है. अब देखने वाली बात होगी कि इस पर अगले 15 दिनों में क्या फैसला आता है.
यह भी पढ़ें- Aamir Khan ने कंफर्म की तीसरी शादी, प्राइवेट सेरेमनी में होंगे फंक्शन, जल्द खत्म होगा इंतजार
Dhruv Rathee Video: यूट्यूबर ध्रुव राठी अक्सर ही किसी ना किसी वजह से चर्चा में आते रहते हैं. इन दिनों ध्रुव अपने एक वीडियो को लेकर चर्चा में हैं. ध्रुव राठी के एक विवादित वीडियो को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट ने अहम निर्देश जारी किए हैं. कोर्ट ने कहा है कि मामले के आदेश पर किसी भी अनदेखी को सख्ती से लिया जाएगा.
दिल्ली हाईकोर्ट ने दिखाई सख्ती
दरअसल, ध्रुव राठी के इस वीडियो पर दिल्ली हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है. अदालत ने सरकार की शिकायत अपीलीय समिति (Grievance Appellate Committee-GAC) को आदेश दिया है कि वो वीडियो हटाने की मांग वाली अपील पर 15 दिनों के भीतर फैसला सुनाए. साथ ही कोर्ट ने ये भी कहा कि उसके आदेश की किसी भी तरह की अनदेखी को गंभीरता से लिया जाएगा.
याचिकाकर्ता का क्या कहना?
बता दें कि ये मामला ध्रुव राठी के इसी साल 21 मार्च को अपलोड किए गए यूट्यूब वीडियो ‘क्या हिंदू बीफ खा सकते हैं? केरल स्टोरी 2 का पर्दाफाश’ से जुड़ा हुआ है. याचिकाकर्ता वकील अमिता सचदेवा का आरोप है कि इस वीडियो में भगवान राम, माता सीता और भगवान कृष्ण के बारे में कथित तौर पर कहा गया है कि वो मांस और शराब का सेवन करते थे, जिससे करोड़ों लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं.
एएसजी ने क्या कहा?
वहीं, सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की तरफ से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (ASG) चेतन शर्मा ने कहा कि यूट्यूब जैसे इंटरमीडियरी प्लेटफॉर्म को बेहद सावधानी के साथ यूज करना चाहिए. उनका तर्क था कि आपत्तिजनक और नफरत फैलाने वाले कंटेंट को तुरंत हटाया जाना चाहिए था.
समाज में फूट डालने वाला कंटेंट
उन्होंने अदालत से कहा कि ध्रुव राठी का वीडियो नुकसान पहुंचाने वाला है और समाज में फूट डालने वाला कंटेंट है. इतना ही नहीं बल्कि एएसजी ने ये भी कहा है कि या तो गूगल खुद वीडियो हटाने का फैसला कर लें या फिर अदालत इस मामले में उचित आदेश पारित करेगी. साथ ही उन्होंने कहा कि ऐसे कंटेंट को मंच नहीं मिलना चाहिए, जो बहुसंख्यक समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाता हो.
अगले 15 दिनों में क्या फैसला होगा?
इस मामले में गूगल की तरफ से आए वकील ने अदालत को बताया कि कंपनी अपना जवाब याचिकाकर्ता को दे चुकी है और इस मामले में GAC के सामने अपील भी दायर कर दी गई है. इसके बाद जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने GAC को 15 दिनों के भीतर अपील पर फैसला लेने का निर्देश दिया है. फिलहाल हाईकोर्ट ने वीडियो हटाने पर कोई अंतिम फैसला नहीं दिया है. अब देखने वाली बात होगी कि इस पर अगले 15 दिनों में क्या फैसला आता है.
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