Saif Ali Khan Attacker Got Arrested: मुंबई पुलिस को सैफ अली खान पर हमले के आरोपी मोहम्मद शरीफुल इस्लाम की गिरफ्तारी में एक अहम सुराग मिला, जो एक यूपीआई ट्रांजेक्शन के जरिए पाया गया। ये ट्रांजेक्शन गूगल पे के जरिए एक स्टॉल पर पराठे और पानी की बोतल के लिए किया गया था, जो मुंबई के वर्ली इलाके में सेंचुरी मिल के पास था। इस ट्रांजेक्शन ने पुलिस को इस अपराधी तक पहुंचने में मदद की और तीन दिनों बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। क्या रहा पूरा मामला, चलिए आपको बताते हैं।
यूपीआई पेमेंट से पकड़ा गया आरोपी
सूत्रों के मुताबिक इस यूपीआई भुगतान ने पुलिस को आरोपी के मोबाइल नंबर तक पहुंचाया। इसके बाद पुलिस ने मोबाइल नंबर को ट्रेस किया और यह पता चला कि वो नंबर ठाणे से जुड़ा हुआ था। वहां कुछ और सुराग मिले, जिससे पुलिस को एक घने मंग्रोव के जंगल में स्थित एक मजदूर कैंप के पास आरोपी का ठिकाना मिला। पुलिस की 100 सदस्यीय टीम ने वहां सर्च ऑपरेशन शुरू किया, लेकिन जैसे ही वो ऑपरेशन पूरा करने वाले थे, एक पुलिसकर्मी ने फिर से तलाशी लेने का फैसला किया।
अंधेरे में एक टॉर्च की रोशनी ने पुलिस को जमीन पर सोते हुए व्यक्ति की ओर इशारा किया। जैसे ही पुलिस अधिकारी उस व्यक्ति के पास पहुंचे, उसने भागने की कोशिश की, लेकिन उसे पकड़ लिया गया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि जब उसने टीवी और यूट्यूब पर अपने फोटो देखे, तो वो डर गया और ठाणे भाग गया क्योंकि उसने वहां एक बार में काम किया था और वो इलाके से परिचित था।
पुलिस ने इस तरह से पकड़ा आरोपी
वर्ली में पुलिस को CCTV फुटेज में आरोपी एक स्टॉल पर खड़ा दिखाई दिया, जहां वो स्टॉल मालिक से दो बार बात करता हुआ दिखा। पुलिस ने इस फुटेज के आधार पर स्टॉल मालिक की तलाश शुरू की। जिसमें स्टॉल मालिक नवीन एक्का के बारे में पता चला। नवीन को पुलिस ने खोज निकाला और उसने पुलिस को बताया कि आरोपी ने रात को ही परांठे और पानी की बोतल के लिए यूपीआई पेमेंट किया था। इस जानकारी से पुलिस को आरोपी के मोबाइल नंबर का सुराग मिला, जो उन्हें ठाणे स्थित एक मजदूर कैंप तक ले गया।
इस चूक से पकड़ा गया आरोपी
यहां पुलिस ने और ज्यादा टीमों को तैनात किया और खोज शुरू की, लेकिन आरोपी वहां से भाग चुका था। पुलिस को ये भी पता चला कि आरोपी ने रात 10 बजे अपने फोन को बंद कर दिया था, जिससे उसकी लोकेशन का पता लगाना मुश्किल हो गया, लेकिन जैसे ही उसने नवीन की शॉप पर यूपीआई ट्रांजेक्शन करने के लिए फोन खोला, वैसे ही पुलिस को उसकी लोकेशन मिल गई, जिससे उसका पीछा करना और ट्रेस करना आसान हो गया।