Digvijay Rathee Evicted From Bigg Boss 18: सलमान खान के रिएलिटी शो ‘बिग बॉस 18’ में हाल ही में काफी ड्रामा देखने को मिला। शो से दिग्विजय राठी को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। दिग्विजय को जनता के वोटों के आधार पर नहीं बल्कि घरवालों की वोटिंग के हिसाब से बाहर किया गया है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये पहली बार नहीं था जब किसी मजबूत कंटेस्टेंट को बिना जनता की वोटिंग के ही बेघर कर दिया गया। इससे पहले भी कई कंटेस्टेंट्स के साथ बिग बॉस ऐसा ही कर चुके हैं। चलिए आपको बताते हैं ऐसे ही 5 कंटेस्टेंट जिन्हें फैंस के वोटों ने नहीं बल्कि मेकर्स की साजिश ने बाहर किया।
लवकेश कटारिया
बिग बॉस ओटीटी 2 में लवकेश कटारिया को भी इसी तरह बाहर का रास्ता दिखाया गया था। लवकेश की सोशल मीडिया पर जबरदस्त फैन फॉलोइंग थी। इसके अलावा एल्विश यादव की पूरी एल्विश आर्मी भी उनके सपोर्ट में थी लेकिन इसके बावजूद उन्हें मेकर्स ने टॉप 5 में भी शामिल नहीं होने दिया था। उससे पहले ही घरवालों के वोटों के आधार पर उन्हें बाहर कर दिया गया था।
अनुराग डोबाल
बिग बॉस 17 में भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला था जब जनता के वोट्स के आधार पर एल्विश यादव के दोस्त और मशहूर यूट्यूबर अनुराग डोबाल को मेकर्स बाहर नहीं निकाल पा रहे थे। अनुराग को निकालने के लिए उस वक्त को घर की कैप्टन ईशा मालवीय को सीधे-सीधे कह दिया गया था जिसका योगदान सबसे कम है, उसे आप बेघर कर दीजिए। हालांकि उस समय ईशा ने ऐश्वर्या शर्मा को निकाल दिया था लेकिन उसके अगले ही हफ्ते घरवालों के वोटों के जरिए ही अनुराग भी बाहर कर दिए गए थे।
विशाल पांडे
विशाल पांडे के साथ भी बिग बॉस ओटीटी 3 में कुछ यही देखने को मिला था। उनकी भी बहुत बड़ी फैन फॉलोइंग थी लेकिन मेकर्स ने उन्हें टॉप 5 से पहले ही बाहर का रास्ता दिखा दिया था। विशाल को जनता के वोटों के आधार पर नहीं निकाला गया था।
अंकित गुप्ता
बिग बॉस 16 में अंकित गुप्ता के साथ भी बिग बॉस के मेकर्स ने कुछ ऐसा ही किया था। प्रियंका चाहर चौधरी के साथ अंकित को काफी पॉपुलेरिटी मिली थी, ऐसे में अगर जनता के हाथ में होता तो अंकित कभी बाहर नहीं जाते लेकिन शिव ठाकरे, साजिद खान के पूरे ग्रुप ने उन्हें वोट आउट करके बाहर निकाल दिया था।
अभिनव शुक्ला
बिग बॉस 14 में अभिनव शुक्ला को भी घर में आए सपोर्टर्स के जरिए ही बाहर निकाला गया था। रुबिना दिलैक के पति अभिनव शो में काफी ज्यादा पसंद किए जा रहे थे। ऐसे में उन्हें कम से कम फाइनल तक तो जाना ही था लेकिन उन्हें उससे पहले ही घर में ही वोटिंग के जरिए बेघर कर दिया गया।