फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म जोमैटो (Zomato) की पेरेंट कंपनी, एटर्नल ने बुधवार को टॉप लीडरशिप में बदलाव की घोषणा की है. यह चौंका देने वाली खबर है, क्योंकि कंपनी के फाउंडर दीपेंद्र गोयल ने चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर और मैनेजिंग डायरेक्टर के पद से इस्तीफा दे दिया है. दीपिंदर गोयल की जगह अब ब्लिंकिट (Blinkit) के संस्थापक अलबिंदर ढींडसा को 'एटर्नल ग्रुप' का नया CEO नियुक्त किया गया है और ये बदलाव 1 फरवरी, 2026 से लागू होंगे. हालांकि गोयल अब वाइस चेयरमैन का पद संभालेंगे और कंपनी के बोर्ड में डायरेक्टर बने रहेंगे.
कौन हैं वो 7 इंडियन CEO? जो दावोस में ट्रंप के साथ करेंगे डिनर, भारत की दिखाएंगे ताकत
क्यों हुआ ये बदलाव
विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव ब्लिंकिट की जबरदस्त सफलता और ग्रुप में उसकी बढ़ती हिस्सेदारी को देखते हुए किया गया है. अलबिंदर ढींडसा ने क्विक कॉमर्स मार्केट में ब्लिंकिट को लीडर बनाया है, इसीलिए उन्हें अब पूरे ग्रुप की कमान सौंपी जा रही है.
पूरी तरह नहीं छोड़ी कंपनी
दीपिंदर गोयल पूरी तरह से कंपनी नहीं छोड़ रहे हैं. वे अब ग्रुप के चेयरमैन (Executive Chairman) की भूमिका में रहेंगे और बोर्ड के साथ मिलकर लंबी अवधि की रणनीतियों (Strategies) पर ध्यान केंद्रित करेंगे.
क्या है 'एटर्नल' (Eternal)?
यह जोमैटो का एक बड़ा ब्रांड नाम है, जिसके तहत जोमैटो (फूड डिलीवरी), ब्लिंकिट (क्विक कॉमर्स), हाइपरप्योर (B2B) और फीडिंग इंडिया जैसे व्यवसाय संचालित होते हैं.
बाजार पर क्या होगा असर
इस खबर के बाद जोमैटो के शेयरों में हलचल देखी जा रही है क्योंकि निवेशक यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि नए नेतृत्व में कंपनी की भविष्य की दिशा क्या होगी.
फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म जोमैटो (Zomato) की पेरेंट कंपनी, एटर्नल ने बुधवार को टॉप लीडरशिप में बदलाव की घोषणा की है. यह चौंका देने वाली खबर है, क्योंकि कंपनी के फाउंडर दीपेंद्र गोयल ने चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर और मैनेजिंग डायरेक्टर के पद से इस्तीफा दे दिया है. दीपिंदर गोयल की जगह अब ब्लिंकिट (Blinkit) के संस्थापक अलबिंदर ढींडसा को ‘एटर्नल ग्रुप’ का नया CEO नियुक्त किया गया है और ये बदलाव 1 फरवरी, 2026 से लागू होंगे. हालांकि गोयल अब वाइस चेयरमैन का पद संभालेंगे और कंपनी के बोर्ड में डायरेक्टर बने रहेंगे.
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क्यों हुआ ये बदलाव
विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव ब्लिंकिट की जबरदस्त सफलता और ग्रुप में उसकी बढ़ती हिस्सेदारी को देखते हुए किया गया है. अलबिंदर ढींडसा ने क्विक कॉमर्स मार्केट में ब्लिंकिट को लीडर बनाया है, इसीलिए उन्हें अब पूरे ग्रुप की कमान सौंपी जा रही है.
पूरी तरह नहीं छोड़ी कंपनी
दीपिंदर गोयल पूरी तरह से कंपनी नहीं छोड़ रहे हैं. वे अब ग्रुप के चेयरमैन (Executive Chairman) की भूमिका में रहेंगे और बोर्ड के साथ मिलकर लंबी अवधि की रणनीतियों (Strategies) पर ध्यान केंद्रित करेंगे.
क्या है ‘एटर्नल’ (Eternal)?
यह जोमैटो का एक बड़ा ब्रांड नाम है, जिसके तहत जोमैटो (फूड डिलीवरी), ब्लिंकिट (क्विक कॉमर्स), हाइपरप्योर (B2B) और फीडिंग इंडिया जैसे व्यवसाय संचालित होते हैं.
बाजार पर क्या होगा असर
इस खबर के बाद जोमैटो के शेयरों में हलचल देखी जा रही है क्योंकि निवेशक यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि नए नेतृत्व में कंपनी की भविष्य की दिशा क्या होगी.