Dabur Neem Toothpaste News: क्या आप भी इस्तेमाल करते हैं डाबर का नीम टूथपेस्ट? बॉम्बे हाई कोर्ट ने लेबलिंग पर लगाई रोक

Dabur Neem Toothpaste Lawsuit: बॉम्बे हाई कोर्ट ने डाबर को टूथपेस्ट पैकेट पर NEEM को मुख्य ब्रांड के रूप में इस्तेमाल करने से रोका. जानिए ज्योति लैब्स के मुकदमे और कोर्ट के फैसले का पूरा सच.

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Court Order on Dabur: डाबर के नीम टूथपेस्ट पर बॉम्बे हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, जानिए अब पैकेट पर क्या बदलेगा?

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अगर आप अपने दांतों की सफाई के लिए डाबर (Dabur) का नीम टूथपेस्ट इस्तेमाल करते हैं, तो यह खबर आपके लिए काफी जरूरी है. बॉम्बे हाई कोर्ट (Bombay High Court) ने एक बड़े फैसले में डाबर इंडिया लिमिटेड को अपने नीम टूथपेस्ट के पैकेट और लेबल पर NEEM (नीम) शब्द को मुख्य ब्रांड पहचान (Central Brand Identifier) के रूप में इस्तेमाल करने से रोक दिया है. यह आदेश ज्योति लैब्स (Jyothy Labs Ltd.) द्वारा दायर किए गए ट्रेडमार्क उल्लंघन के मुकदमे के बाद आया है.

कोर्ट ने डाबर पर क्या रोक लगाई?

जस्टिस आरिफ एस. डॉक्टर की बेंच ने इस मामले पर फैसला सुनाते हुए स्थिति साफ की. कोर्ट ने कहा कि डाबर अपने प्रोडक्ट पर नीम शब्द का इस्तेमाल एक घटक (Ingredient/Descriptive term) के रूप में कर सकता है. डाबर अब पैकेट पर NEEM को इतने बड़े और प्रमुख तरीके से नहीं छाप सकता, जिससे वह उसका अपना मुख्य ब्रांड या ट्रेडमार्क लगने लगे. अदालत ने डाबर को इस आदेश के खिलाफ अपील करने के लिए 6 हफ्ते का समय दिया है.

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ज्योति लैब्स ने क्यों दर्ज कराया मुकदमा?
एफएमसीजी (FMCG) क्षेत्र की जानी-मानी कंपनी ज्योति लैब्स (Jyothy Labs) ने मुंबई हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. उनका तर्क था क‍ि डाबर जिस तरह से अपने पैकेट पर NEEM शब्द को बड़े फॉन्ट में मुख्य पहचान बनाकर छाप रहा है, उससे ग्राहकों के बीच यह भ्रम पैदा हो सकता है कि यह प्रोडक्ट ज्योति लैब्स या उनके सहयोगियों का है.

ज्योति लैब्स मार्गों (Margo) जैसे नीम-बेस्ड पर्सनल केयर ब्रांड्स का स्वामित्व रखती है. गौरतलब है कि नीम (NEEM) ट्रेडमार्क का इतिहास 1920 के दशक में कलकत्ता केमिकल कंपनी से जुड़ा रहा है, जिससे उनकी ऐतिहासिक और व्यावसायिक पहचान जुड़ी है.

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डाबर इंडिया के पास अब क्या-क्या विकल्प हैं?
अदालत के इस अंतरिम आदेश के बाद डाबर के पास दो विकल्प हैं:

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  1. अपील का रास्ता: डाबर अगले 6 हफ्तों के भीतर ऊपरी अदालत में अपील कर सकता है. कंपनी यह तर्क दे सकती है कि ‘नीम’ एक आम और प्राकृतिक घटक है, और पैकेट पर ‘डाबर’ का लोगो साफ दिखाई देता है जिससे कोई भ्रम नहीं होता.
  2. पैकेजिंग में बदलाव: अगर अपील में राहत नहीं मिलती है, तो डाबर को अपने टूथपेस्ट के डिब्बे और ट्यूब से ‘NEEM’ के बड़े फॉन्ट वाले लोगो को हटाना होगा और केवल साधारण शब्दों में लिखना होगा.

इस फैसले से आपके टूथपेस्ट के अंदर के पेस्ट या क्‍वालिटी पर कोई असर नहीं पड़ेगा, लेकिन आने वाले दिनों में जब आप बाजार से डाबर का नीम टूथपेस्ट खरीदेंगे, तो आपको उसकी पैकेजिंग और डिब्बे की डिजाइन बदली हुई नजर आ सकती है.

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लेखक के बारे में

Vandana Bharti

Vandana Bharti

वन्‍दना भारती News 24 में बतौर ड‍िप्‍टी न्‍यूज एडिटर कार्यरत हैं और मौजूदा समय में बिजनेस डेस्‍क संभाल रही हैं. वन्दना News 24 के लिए स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, कमोडिटी मार्केट, सरकारी योजनाओं पर खबरें लिखती हैं. वन्‍दना ने अपने करियर की शुरुआत दैन‍िक जागरण अखबार से की. इसके बाद देशबंधु अखबार में उन्होंने ब‍िजनेस रिपोर्टिंग में अपनी विशेषज्ञता विकसित की. साल 2010 में उन्होंने ह‍िन्‍दुस्‍तान अखबार में अपनी सेवाएं दीं, जहां उन्होंने ब‍िजनेस पेज के लिए 6 साल तक काम किया. वन्‍दना, आजतक डिजिटल, India.com और News18.com जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स में बिजनेस डेस्क से जुड़ी रही हैं. वन्दना ने दिल्ली विश्वविद्यालय से बीकॉम किया है. कॉमर्स बैकग्राउंड होने के कारण उनकी बिजनेस की खबरों में अच्छी पकड़ है और इन खबरों को वह आसान भाषा में यूजर्स तक पहुंचाती हैं. कितने साल का अनुभव: 18 साल योग्यता: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बी.कॉम और नई द‍िल्‍ली के YMCA संस्‍थान से पत्रकार‍िता में पीजीडीएमए की डिग्री प्राप्त की है.
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