इस वित्त मंत्री ने तोड़ी थी अंग्रेजों की 53 साल पुरानी परंपरा, पहले शाम 5 बजे पेश होता था बजट; फिर बदला समय

समय परिवर्तन के साथ बजट की तारीख में भी क्रांतिकारी बदलाव आया. 2017 तक फरवरी के अंतिम कार्य दिवस पर पेश होने वाला बजट अरुण जेटली ने 1 फरवरी को शिफ्ट कर दिया.

Budget 2026 date

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केंद्रीय बजट 2026 के पेश होने में अब महज कुछ दिन बाकी हैं. 1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सुबह 11 बजे संसद में देश की अर्थव्यवस्था का लेखा-जोखा पेश करेंगी. यह समय आज की पीढ़ी के लिए नॉर्मल लगता है, लेकिन स्वतंत्र भारत के शुरुआती दशकों में बजट हमेशा शाम 5 बजे आता था. लेकिन क्या आप जानते हैं कि अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में 53 वर्षों से चली आ रही इस परंपरा का अंत हुआ और बजट को एक नए समय पर पेश करने का चलन शुरू हुआ.

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आपकी जानकारी के लिए बता दें कि शाम 5 बजे बजट पेश किए जाने की इस परंपरा को साल 1999 में यशवंत सिन्हा ने तोड़ा, जो तत्कालीन अटल सरकार में केंद्रीय वित्त मंत्री थे. यशवंत सिन्हा ने पहली बार सदन में सुबह 11 बजे बजट पेश किया. इस परिवर्तन ने न सिर्फ समयसूची बदली, बल्कि आर्थिक नीति निर्माण की प्रक्रिया को भी आधुनिक रूप प्रदान किया.

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अंग्रेजी हुकूमत की याद दिलाता था ये समय


बहुत कम लोग जानते हैं कि ब्रिटिश काल से चली आ रही इस शाम 5 बजे की प्रथा का लिंक यूनाइटेड किंगडन की राजधानी लंदन के टाइम जोन से जुड़ा था. दरअसल, जब भारत में शाम 5 बजते हैं तो उसी समय लंदन की घड़ी में सुई सुबह 11 बजे का इशारा करती हैं. आजादी से पहले शाम पांच बजे पेश होने वाले बजट पर ब्रिटिश अधिकारी भी अपनी राय रख पाते थे. स्वतंत्रता के बाद भी यह रिवाज बरकरार रहा, क्योंकि वित्तीय बाजारों और वैश्विक संवाद की आवश्यकता इसी समय पर निर्भर थी.

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20वीं सदी में बदला इतिहास


हालांकि, 20वीं सदी के अंत तक भारत आर्थिक स्थिति से एक मजबूत देश बन चुका था. तत्कालीन वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने तर्क दिया कि सुबह का समय स्टॉक मार्केट, उद्योगपतियों और जनता को बेहतर अवसर देगा, जिससे बजट विश्लेषण और उसे लागू करने में गति आएगी. इस निर्णय ने भारतीय अर्थव्यवस्था को वैश्विक पटल पर और अधिक प्रतिस्पर्धी बनाया.

समय परिवर्तन के साथ तारीख में भी बदलाव


समय परिवर्तन के साथ बजट की तारीख में भी क्रांतिकारी बदलाव आया. 2017 तक फरवरी के अंतिम कार्य दिवस पर पेश होने वाला बजट अरुण जेटली ने 1 फरवरी को शिफ्ट कर दिया. इसका कारण बताया गया कि 1 अप्रैल से शुरू होने वाले वित्तीय वर्ष से पहले सरकार को बजट इंप्लीमेंट करने के लिए काफी समय मिल जाएगा. पहले फरवरी-अप्रैल के बीच केवल सिर्फ 30-35 दिन का ही गैप मिलता था, जिसमें नीतिगत घोषणाओं को लागू करना चुनौतीपूर्ण होता था.

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लेखक के बारे में

Akarsh Shukla

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला न्यूज 24 के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हुए हैं. मूल रूप से नोएडा, उत्तर प्रदेश के रहने वाले आकर्ष ने पत्रकारिता का सफर 2016 में प्रिंट मीडिया से शुरू हुआ, बाद में उन्होंने डिजिटल मीडिया का रुख किया. आकर्ष शुक्ला ने गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री हासिल की. आकर्ष ने दिल्ली के अखबार वूमेन एक्सप्रेस में काम किया. इसके बाद नवोदय टाइम्स, ओपेरा न्यूज, वनइंडिया, इंडिया डॉट कॉम (जी मीडिया ग्रुप) में विभिन्न पदों पर कार्य किया. आकर्ष शुक्ला अक्टूबर, 2025 से न्यूज24 से जुड़े हुए हैं, जहां वो मुख्य रूप से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय और राजनीति से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं. इसके साथ ही आकर्ष शिफ्ट हेड के तौर पर टीम का नेतृत्व भी करते हैं. आकर्ष ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के अलावा संसद से जुड़ी खबरों को कवर किया है. उनकी राजनीति में गहरी रुचि है, इस कारण वह राजनीति से जुड़ी खबरों को आसान शब्दों में लिखने में माहिर हैं. डिग्री और डिप्लोमा: आकर्ष शुक्ला ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक (BA) की डिग्री के बाद गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. आकर्ष शुक्ला ने DICS इंस्टीट्यूट से कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में 2 साल का डिप्लोमा भी किया है. पत्रकारिता में अनुभव: 10 वर्ष से अधिक
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