भगोड़े नीरव मोदी को UK की अदालत से झटका! Bank of India को चुकाने होंगे 100 करोड़ रुपये; जेल में कटेंगी रातें

यह पूरा विवाद साल 2012 का है, जब बैंक ऑफ इंडिया ने दुबई में स्थित नीरव मोदी की कंपनी डायमंड FZE को एक बड़ा लोन दिया था। अगस्त 2013 में नीरव मोदी ने खुद इस लोन के लिए पर्सनल गारंटर (Personal Guarantor) के तौर पर साइन किए थे।

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55 साल के नीरव मोदी को 19 मार्च 2019 को लंदन में गिरफ्तार किया गया था।

भारत से हजारों करोड़ रुपये लेकर चंपत हुए भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। ब्रिटेन (UK) की एक अदालत ने नीरव मोदी को करारा झटका देते हुए आदेश दिया है कि वह बैंक ऑफ इंडिया (Bank of India) को $10.7 मिलियन (यानी करीब ₹100 करोड़) की भारी-भरकम राशि का भुगतान करे। लंदन की सर्किट कमर्शियल कोर्ट के जज साइमन टिंकलर ने बैंक के दावे को पूरी तरह सही और वैध माना है। नीरव मोदी फिलहाल लंदन की एक जेल में बंद है और भारत प्रत्यर्पण (Extradition) से बचने के लिए कानूनी तिकड़मों में लगा हुआ है, लेकिन इस नए फैसले ने उसकी कमर तोड़ दी है।

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क्या है पूरा मामला?

यह पूरा विवाद साल 2012 का है, जब बैंक ऑफ इंडिया ने दुबई में स्थित नीरव मोदी की कंपनी डायमंड FZE को एक बड़ा लोन दिया था। अगस्त 2013 में नीरव मोदी ने खुद इस लोन के लिए पर्सनल गारंटर (Personal Guarantor) के तौर पर साइन किए थे। यानी कंपनी के पैसे न चुकाने पर जिम्मेदारी नीरव की थी। कोर्ट में नीरव मोदी ने अजीबोगरीब दलीलें दीं। उसने दावा किया कि बैंक का यह नियम उन पर लागू नहीं होता और बैंक ने कभी उनसे पैसों की सही तरीके से मांग ही नहीं की।

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हालांकि, जज साइमन टिंकलर ने नीरव के सभी बहानों को खारिज करते हुए कहा कि मिस्टर मोदी पर्सनल गारंटी के तहत बैंक की मूल राशि $4.1 मिलियन (लगभग ₹38.9 करोड़) और उस पर लगे भारी ब्याज को चुकाने के लिए पूरी तरह उत्तरदायी हैं। उन्होंने ऐसा कोई ठोस कारण नहीं बताया जिससे बैंक को यह राशि न मिले।

भारत लाने की तैयारी: हर पैंतरा हो रहा है फेल
55 साल के नीरव मोदी को 19 मार्च 2019 को लंदन में गिरफ्तार किया गया था। तब से वह सलाखों के पीछे है। भारत सरकार उसे वापस लाने के लिए पूरी ताकत लगा रही है। नीरव मोदी ने हाल ही में भारत के प्रत्यर्पण आदेश को चुनौती देने के लिए एक नया पैंतरा आजमाया था। उसने कोर्ट के एक पुराने फैसले का हवाला देकर दावा किया था कि भारत की जेलों में ‘यातना’ दी जाती है। लेकिन यूके हाई कोर्ट ने भारत सरकार के आश्वासनों पर भरोसा जताते हुए उसकी याचिका को सिरे से खारिज कर दिया।

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भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साफ कर दिया है कि भारत सरकार सभी भगोड़ों को देश के कानून के सामने खड़ा करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और यूके सरकार के साथ लगातार संपर्क में है।

PNB घोटाले का मास्टरमाइंड
नीरव मोदी अपने मामा मेहुल चोकसी (जो वर्तमान में बेल्जियम की जेल में है) के साथ मिलकर पंजाब नेशनल बैंक (PNB) में ₹13,000 करोड़ के महाघोटाले का मुख्य आरोपी है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के अनुसार, इस कुल घोटाले में से अकेले नीरव मोदी ने ₹6,498.20 करोड़ की हेराफेरी की है। यूके के गृह सचिव ने साल 2021 में ही नीरव के भारत प्रत्यर्पण को मंजूरी दे दी थी, लेकिन कानूनी अपीलों के चलते यह मामला लंबे समय से अधर में लटका हुआ है। बहरहाल, लंदन कोर्ट के इस ताजा ₹100 करोड़ के जुर्माने वाले फैसले ने भगोड़े कारोबारी की नींद जरूर उड़ा दी है।

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लेखक के बारे में

Vandana Bharti

Vandana Bharti

वन्‍दना भारती News 24 में बतौर ड‍िप्‍टी न्‍यूज एडिटर कार्यरत हैं और मौजूदा समय में बिजनेस डेस्‍क संभाल रही हैं. वन्दना News 24 के लिए स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, कमोडिटी मार्केट, सरकारी योजनाओं पर खबरें लिखती हैं. वन्‍दना ने अपने करियर की शुरुआत दैन‍िक जागरण अखबार से की. इसके बाद देशबंधु अखबार में उन्होंने ब‍िजनेस रिपोर्टिंग में अपनी विशेषज्ञता विकसित की. साल 2010 में उन्होंने ह‍िन्‍दुस्‍तान अखबार में अपनी सेवाएं दीं, जहां उन्होंने ब‍िजनेस पेज के लिए 6 साल तक काम किया. वन्‍दना, आजतक डिजिटल, India.com और News18.com जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स में बिजनेस डेस्क से जुड़ी रही हैं. वन्दना ने दिल्ली विश्वविद्यालय से बीकॉम किया है. कॉमर्स बैकग्राउंड होने के कारण उनकी बिजनेस की खबरों में अच्छी पकड़ है और इन खबरों को वह आसान भाषा में यूजर्स तक पहुंचाती हैं. कितने साल का अनुभव: 18 साल योग्यता: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बी.कॉम और नई द‍िल्‍ली के YMCA संस्‍थान से पत्रकार‍िता में पीजीडीएमए की डिग्री प्राप्त की है.
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