---рд╡рд┐рдЬреНрдЮрд╛рдкрди---

рд╢реЗрдпрд░ рдмрд╛рдЬрд╛рд░ рдореЗрдВ рдЖрдИ рд╕реБрдирд╛рдореА рдХрд╛ рдЬрд┐рдореНрдореЗрджрд╛рд░ рдХреМрди? рднрд╛рд░рдд рд╕реЗ рдЬрд╛рдкрд╛рди рддрдХ рд╕рдмрд╕реЗ рдмреЬрд╛ рд╕рд╡рд╛рд▓

рдЗрд╕ рд╕рдкреНрддрд╛рд╣ рдХреА рд╢реБрд░реБрдЖрдд рд╢реЗрдпрд░ рдмрд╛рдЬрд╛рд░ рдХреЗ рд▓рд┐рдП рдХрд┐рд╕реА рд╕рджрдореЗ рд╕реЗ рдХрдо рдирд╣реАрдВ рд╣реИред рдЦреБрд▓рддреЗ рдХреЗ рд╕рд╛рде рд╣реА рдмрд╛рдЬрд╛рд░ рдХреНрд░реИрд╢ рд╣реЛ рдЧрдпрд╛ рд╣реИред рд╕реЗрдВрд╕реЗрдХреНрд╕ рдФрд░ рдирд┐рдлреНрдЯреА рдмреЬреА рдЧрд┐рд░рд╛рд╡рдЯ рдХреЗ рд╕рд╛рде рдХрд╛рд░реЛрдмрд╛рд░ рдХрд░ рд░рд╣реЗ рд╣реИрдВред рдХреЗрд╡рд▓ рднрд╛рд░рдд рд╣реА рдирд╣реАрдВ, рджреБрдирд┐рдпрд╛ рднрд░ рдХреЗ рдмрд╛рдЬрд╛рд░реЛрдВ рдореЗрдВ рд╕реБрдирд╛рдореА рдЖрдИ рд╣реБрдИ рд╣реИред рдЦреБрдж рдЕрдореЗрд░рд┐рдХрд╛ рдХрд╛ рдмрд╛рдЬрд╛рд░ рднреА рдмреЬреЗ рдиреБрдХрд╕рд╛рди рдореЗрдВ рд╣реИред

---рд╡рд┐рдЬреНрдЮрд╛рдкрди---

दुनिया भर के शेयर बाजार आज बड़ी गिरावट का सामना कर रहे हैं। भारत का बाजार एकदम से इतना नीचे चला गया है, जिसकी किसी ने उम्मीद भी नहीं की थी। शुरुआती कारोबार में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स 3000 और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी करीब 1000 अंक गिर गए थे। पिछले दो-तीन सत्रों से मार्केट दबाव में था, लेकिन दबाव इतना ज्यादा बढ़ जाएगा यह किसी ने नहीं सोचा था।

अपने ‘घर’ में घिरे ट्रंप

दुनिया भर में मचे इस हाहाकार के लिए एक ही शख्स जिम्मेदार है – डोनाल्ड ट्रंप। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीतियों ने ग्लोबल अर्थव्यवस्था को संकट में धकेल दिया है। खुद अमेरिकी इकोनॉमी भी मुश्किल में फंस गई है। तमाम एक्सपर्ट्स अमेरिका में मंदी की चेतावनी दे चुके हैं। अपने घर में ही ट्रंप का विरोध शुरू हो गया है। यूएस फेड के चीफ जेरोम पॉवेल का कहना है कि ट्रंप के नए टैरिफ उम्मीद से ज्यादा बड़े हैं और इससे महंगाई एवं आर्थिक विकास दोनों पर बुरा असर पड़ सकता है। उन्होंने चेताया है कि इससे बेरोजगारी बढ़ने का खतरा उत्पन्न हो गया है।

---विज्ञापन---

नए खतरे की आहट

ट्रंप के टैरिफ के जवाब में चीन ने भी अमेरिकी आयात पर 34% टैरिफ का ऐलान किया है। साथ ही उसने अमेरिका की 10 कंपनियों के ट्रेड पर भी बैन लगा दिया है। डोनाल्ड ट्रंप चीन के इस कदम से तिलमिलाए हुए हैं। ऐसे में उनके पलटवार करने की आशंका भी उत्पन्न हो गई है। इस वजह से दुनिया एक नए खतरे की दहलीज पर जा पहुंची है। वहीं, वैश्विक मंदी के डर से कच्चे तेल की कीमतों में भी गिरावट आई है। ब्रेंट क्रूड 3.16% गिरकर 63.51 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। जबकि WTI क्रूड 3.45% गिरकर 59.85 डॉलर पर आ गया है।

हर जगह एक जैसा हाल

भारत के सेंसेक्स में करीब 3000 अंकों की गिरावट आई है। वहीं, जापान का Nikkei 225 6.04%, हांगकांग का Hang Seng 11.55%, चीन का शंघाई 6.85%, कोरिया का KOSPI 4.97% और ताइवान का TAIEX 9.70% लुढ़का है। इससे पहले, अमेरिकी बाजार भी भारी गिरावट के साथ बंद हुए थे। इससे यह पता चलता है कि अमेरिकी निवेशक भी डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीतियों से सहमत नहीं हैं और उन्हें भी वही डर सता रहा है, जो दुनिया के बाकी देशों में है।

---विज्ञापन---

निवेशकों में बढ़ा डर

भारत का वोलैटिलिटी इंडेक्स (India VIX) 55% से ज्यादा उछलकर 21 के पार चला गया है, जो निवेशकों के बीच डर बढ़ने का संकेत है। दूसरे शब्दों में कहें तो निवेशक ट्रंप टैरिफ के प्रभाव को लेकर डरे हुए हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि ट्रंप टैरिफ के जवाब में दूसरे देशों की कार्रवाई से हालात और भी ज्यादा खराब हो सकते हैं। इसलिए निवेशक घबराए हुए हैं और बिकवाली कर रहे हैं।

अब आगे क्या?

मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि अभी अगले कुछ दिनों तक ऐसा ही माहौल रहने की संभावना है। ऐसे में निवेशकों को धैर्य बनाए रखना है। उन्हें घबराहट में बिकवाली से बचना चाहिए। साथ ही इस गिरावट को निवेश का मौका समझकर बड़े निवेश से भी दूर रहना चाहिए, क्योंकि यहां से बाजार कहां जाएगा फिलहाल कुछ भी कहना मुश्किल है। अगले कुछ दिन बाजार के लिए अहम हैं।

---विज्ञापन---

यह भी पढ़ें – शेयर बाजार में बड़ी गिरावट के 5 प्रमुख कारण, निवेशकों के करोड़ों रुपये पल में स्वाहा

First published on: Apr 07, 2025 11:46 AM

End of Article

About the Author

---рд╡рд┐рдЬреНрдЮрд╛рдкрди---
рд╕рдВрдмрдВрдзрд┐рдд рдЦрдмрд░реЗрдВ
Sponsored Links by Taboola