मुंबई: हफ्ते के पहले ही दिन भारतीय शेयर बाजार ताश के पत्तों की तरह ढह गया। दोपहर 12:30 बजे तक सेंसेक्स 1,958 अंक (2.63%) गिरकर 72,574 के स्तर पर आ गया, वहीं निफ्टी 629 अंक (2.72%) की गोता लगाकर 22,484 पर पहुंच गया। यह अप्रैल 2025 के बाद निफ्टी का सबसे निचला स्तर है। बाजार की हालत का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि गिरने वाले शेयरों की संख्या बढ़ने वालों के मुकाबले 6 गुना ज्यादा रही।
दिग्गज शेयरों में मची भगदड़
HDFC Bank: चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती के इस्तीफे के बाद बैंक के शेयर में 2.5% की और गिरावट आई। पिछले दो सत्रों में यह पहले ही 7% से ज्यादा टूट चुका था।
SBI: इनकम टैक्स विभाग से ₹6,337 करोड़ का टैक्स डिमांड नोटिस मिलने के बाद देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक का शेयर 3.6% लुढ़क गया।
बाजार गिराने वाले 6 सबसे बड़े विलेन
कच्चा तेल $113 के पार: ब्रेंट क्रूड $112.9 प्रति बैरल पर पहुंच गया है। भारत अपनी जरूरत का 85% तेल आयात करता है, ऐसे में महंगा तेल महंगाई बढ़ाता है और रुपये को कमजोर करता है।
FII की महा-बिकवाली: विदेशी निवेशक हर घंटे ₹1,000 करोड़ का माल बेच रहे हैं। मार्च में अब तक ₹90,000 करोड़ से ज्यादा की निकासी हो चुकी है।
India VIX में उछाल: बाजार में डर को मापने वाला इंडेक्स ‘India VIX’ 15% बढ़कर 26 के स्तर पर पहुंच गया है, जो जून 2024 के बाद सबसे ज्यादा है।
रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर: डॉलर के मुकाबले रुपया 41 पैसे टूटकर 93.94 के ऐतिहासिक निचले स्तर पर पहुंच गया है।
युद्ध का डर: अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ता तनाव और ‘हॉर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) से सप्लाई रुकने के खतरे ने ग्लोबल मार्केट को डरा दिया है।
ग्लोबल मार्केट में हाहाकार: जापान का निक्केई 4.6% और दक्षिण कोरिया का कोस्पी 6% तक टूट गया, जिसका असर भारतीय बाजार पर भी दिखा।
मिडकैप और स्मॉलकैप की भी शामत
बड़ी कंपनियों के साथ-साथ छोटे और मझोले शेयरों में भी भारी बिकवाली रही। निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 3.82% और मिडकैप 100 में 3.45% की गिरावट दर्ज की गई, जिससे रिटेल निवेशकों को भारी नुकसान हुआ है।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स?
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, निफ्टी अब 22,560 के स्तर को टेस्ट कर सकता है। अगर गिरावट जारी रही तो यह 22,000 तक भी जा सकता है। बाजार में रिकवरी तभी आएगी जब निफ्टी दोबारा 23,179 के पार निकलेगा।










