भले ही आज शेयर बाजार में भारी गिरावट देखी गई हो, लेकिन लंबी अवधि के निवेशकों के लिए एक बहुत बड़ी और सकारात्मक खबर सामने आई है। दिग्गज ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म मॉर्गन स्टेनली (Morgan Stanley) ने भारतीय शेयर बाजार पर अपना भरोसा जताते हुए भविष्य के लिए बुलिश (Bullish) रुख बरकरार रखा है। मॉर्गन स्टेनली का अनुमान है कि दिसंबर 2026 के अंत तक BSE सेंसेक्स 1.1 लाख (1,10,000) के जादुई आंकड़े को छू सकता है।
क्यों है तेजी की उम्मीद? मॉर्गन स्टेनली के 5 बड़े तर्क
ऐतिहासिक रूप से सस्ता बाजार: ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि पिछले 12 महीनों में भारतीय बाजार का प्रदर्शन इतिहास के सबसे खराब दौर में रहा है। इस गिरावट ने निवेशकों के लिए एक शानदार ‘एंट्री पॉइंट’ (Entry Point) तैयार कर दिया है। सोने (Gold) की कीमत के मुकाबले भी सेंसेक्स फिलहाल अपने सबसे सस्ते स्तर पर है।
कंपनियों के मुनाफे में सुधार: मॉर्गन स्टेनली के अनुसार, भारतीय कंपनियों के मुनाफे का चक्र (Earnings Upcycle) फिर से शुरू हो गया है। वित्त वर्ष 2028 तक सेंसेक्स की कंपनियों की कमाई में 17% की सालाना बढ़ोतरी (Compounding) होने की उम्मीद है।
FPI और घरेलू निवेशक: पिछले कुछ महीनों में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) की स्थिति कमजोर हुई है, लेकिन घरेलू निवेशकों का भरोसा अडिग है। बाजार में लिक्विडिटी (नकदी) की स्थिति बेहतर रहने की उम्मीद है।
नीतिगत स्पष्टता और AI का असर: भारत में नीतिगत माहौल स्थिर है और सरकार का फोकस रिफॉर्म्स पर है। ब्रोकरेज ने यह भी कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस्तेमाल से कंपनियों की कार्यकुशलता बढ़ रही है, जिसका असर भविष्य में उनके मुनाफे पर दिखेगा।
रुपये की मजबूती: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने रुपये को लेकर जो कदम उठाए हैं, उससे बाजार का सेंटिमेंट सुधरा है। रुपया फिलहाल अंडरवैल्यूड है, जिससे सुधार की काफी गुंजाइश है।
सेंसेक्स के लिए तीन बड़े टारगेट (Target for Dec 2026)
मॉर्गन स्टेनली ने तीन अलग-अलग परिस्थितियों (Scenarios) के आधार पर लक्ष्य तय किए हैं:
- बेस केस (Base Case): 95,000 अंक (इसकी संभावना सबसे अधिक है)।
- बुल केस (Bull Case): 1,07,000 से 1,10,000 अंक (यदि ग्लोबल और घरेलू हालात बहुत बेहतर रहते हैं)।
- बियर केस (Bear Case): 76,000 अंक (यदि नकारात्मक परिस्थितियां बनी रहती हैं)।
निवेशकों के लिए क्या है संदेश?
मॉर्गन स्टेनली का मानना है कि वर्तमान गिरावट एक अस्थाई दौर है। भारत के मध्यम अवधि के विकास की संभावनाएं मजबूत हैं और बाजार की ‘वैल्यूएशन’ अब निवेश के लिहाज से आकर्षक हो गई है।










