होर्मुज में टैक्स तो अंडमान में भी हो वसूली! द‍िग्‍गज बैंकर ने भारत को दी जैसे को तैसा वाली कूटनीतिक सलाह

ईरान, होर्मुज से होकर गुजरने वाी श‍िप्‍स पर टोल टैक्‍स लेने की बात कह रहा है। दिग्गज बैंकर अजय बग्गा ने सोशल मीड‍िया पर यह सलाह दी है क‍ि अगर होर्मुज में टोल लगेगा, तो अंडमान में भी जहाजों से टोल वसूला जाना चाहि‍ए। हिंद महासागर के इस रणनीतिक दांव को लेकर पूरी दुन‍िया में बहस छिड़ गई है।

Strait of Hormuz

ईरान और इजरायल के बीच जारी तनाव अब समुद्र की लहरों तक पहुंच गया है। ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरने वाले जहाजों पर टोल टैक्स वसूलने की खबरों ने वैश्विक व्यापार जगत में खलबली मचा दी है। इस बीच, भारत के दिग्गज मार्केट एक्सपर्ट और बैंकर अजय बग्गा ने भारत सरकार को एक ऐसा साहसिक सुझाव दिया है, जिसने अंतरराष्ट्रीय गलियारों में नई बहस छेड़ दी है।

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अजय बग्गा का कहना है कि अगर ईरान प्राकृतिक जलमार्गों पर वसूली शुरू करता है, तो भारत को भी अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के पास से गुजरने वाले विदेशी जहाजों पर टोल टैक्स लगाने पर विचार करना चाहिए।

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अंतरराष्ट्रीय नियमों की उड़ेगी धज्जियां

बग्गा ने सोशल मीडिया पर चेतावनी दी कि यदि ईरान को होर्मुज में टोल लगाने की छूट मिल गई, तो यह दुनिया भर के समुद्री व्यापार के लिए एक खतरनाक मिसाल होगी। अभी तक केवल पनामा और स्वेज जैसी मानव-निर्मित नहरों पर ही शुल्क लिया जाता है। प्राकृतिक जलमार्ग फ्री ट्रांजिट के लिए खुले रहते हैं। बग्गा ने तर्क दिया कि यदि ईरान की मनमानी मानी गई, तो भविष्य में सिंगापुर मलक्का में और तुर्की बोस्फोरस जलडमरूमध्य में भी टैक्स लगा सकते हैं। ईरान की इस वसूली से प्रति शिपमेंट लगभग 2.5 मिलियन डॉलर (करीब ₹21 करोड़) का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा, जिससे वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतें आसमान छू सकती हैं।

अंडमान का इंदिरा पॉइंट: भारत का सबसे बड़ा रणनीतिक हथियार
अजय बग्गा ने सुझाव दिया है कि भारत को ग्रेट निकोबार द्वीप के इंदिरा पॉइंट के पास अपनी नौसेना तैनात करनी चाहिए। रणनीतिक रूप से यह क्षेत्र बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि इंदिरा पॉइंट से इंडोनेशिया के रोंडो द्वीप की दूरी मात्र 145 किलोमीटर है। यह हिंद महासागर का वह प्रमुख जलमार्ग है जहां से दुनिया का एक बड़ा हिस्सा व्यापार करता है।

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चीन और जापान जैसे देशों को जाने वाला व्यापारिक जहाज यहीं से होकर गुजरता है। अगर भारत यहां टोल लगाना शुरू करता है, तो यह वैश्विक समुद्री राजनीति में भारत को एक सुपरपावर के रूप में स्थापित कर देगा।

चुनौतियां और कूटनीतिक संदेश
हालांकि नेविगेशन की स्वतंत्रता (Freedom of Navigation) के अंतरराष्ट्रीय नियम बहुत सख्त हैं, लेकिन बग्गा का मानना है कि जब दूसरे देश नियम तोड़ रहे हों, तो भारत को भी आक्रामक होना चाहिए। यह कदम न केवल आर्थिक रूप से फायदेमंद होगा, बल्कि उन देशों को भी कड़ा संदेश देगा जो समुद्री रास्तों को अपनी निजी संपत्ति समझने की भूल कर रहे हैं।

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लेखक के बारे में

Vandana Bharti

Vandana Bharti

वन्‍दना भारती News 24 में बतौर ड‍िप्‍टी न्‍यूज एडिटर कार्यरत हैं और मौजूदा समय में बिजनेस डेस्‍क संभाल रही हैं. वन्दना News 24 के लिए स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, कमोडिटी मार्केट, सरकारी योजनाओं पर खबरें लिखती हैं. वन्‍दना ने अपने करियर की शुरुआत दैन‍िक जागरण अखबार से की. इसके बाद देशबंधु अखबार में उन्होंने ब‍िजनेस रिपोर्टिंग में अपनी विशेषज्ञता विकसित की. साल 2010 में उन्होंने ह‍िन्‍दुस्‍तान अखबार में अपनी सेवाएं दीं, जहां उन्होंने ब‍िजनेस पेज के लिए 6 साल तक काम किया. वन्‍दना, आजतक डिजिटल, India.com और News18.com जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स में बिजनेस डेस्क से जुड़ी रही हैं. वन्दना ने दिल्ली विश्वविद्यालय से बीकॉम किया है. कॉमर्स बैकग्राउंड होने के कारण उनकी बिजनेस की खबरों में अच्छी पकड़ है और इन खबरों को वह आसान भाषा में यूजर्स तक पहुंचाती हैं. कितने साल का अनुभव: 18 साल योग्यता: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बी.कॉम और नई द‍िल्‍ली के YMCA संस्‍थान से पत्रकार‍िता में पीजीडीएमए की डिग्री प्राप्त की है.
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