Share Market Today, 21 July: सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत सुस्त रही और दोपहर तक बाजार लाल निशान में चला गया. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक सेंसेक्स (Sensex) करीब 250 अंक टूट गया, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी (Nifty) 24200 के अहम सपोर्ट लेवल के नीचे फिसलकर कारोबार कर रहा है. कच्चे तेल (Crude Oil) की बढ़ती कीमतों और बैंकिंग सेक्टर के बड़े दिग्गजों में बिकवाली के कारण निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई है.
शेयर बाजार में गिरावट की 4 मुख्य वजहें
पहली वजह: कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में उछाल
मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में जारी तनाव और भू-राजनीतिक (Geopolitical) चिंताओं की वजह से ब्रेंट क्रूड ऑयल (Brent Crude) की कीमतें 90 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गई हैं. भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा कच्चा तेल आयातक देश है. क्रूड की कीमतें बढ़ने से देश में महंगाई बढ़ने, व्यापार घाटा चौड़ा होने और कंपनियों के मुनाफे पर दबाव आने का खतरा बढ़ जाता है.
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दूसरी वजह: विदेशी निवेशकों (FIIs) की लगातार बिकवाली
विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) भारतीय शेयर बाजार से लगातार पैसे निकाल रहे हैं. सोमवार को विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने 1121 करोड़ रुपये के भारतीय शेयर बेचे. हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने 1312 करोड़ रुपये (13.12 बिलियन रुपये) की खरीदारी करके बाजार को संभालने की कोशिश की, लेकिन गिरावट को रोक नहीं सके.
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तीसरी वजह: HDFC Bank के शेयरों में भारी गिरावट
बाजार के सबसे भारी-भरकम (Heavyweight) शेयर एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) में लगातार दूसरे दिन गिरावट देखने को मिली. जून तिमाही के नतीजों में मार्जिन कमजोर रहने के कारण मंगलवार को शेयर 1.3 फीसदी और टूट गया, जबकि सोमवार को इसमें 5.1 फीसदी की बड़ी गिरावट आई थी. बैंक के शेयर में बिकवाली से निफ्टी और सेंसेक्स दोनों पर भारी दबाव पड़ा.
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चौथी वजह: टेक्निकल लेवल और अनिश्चितता
मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, जब तक निफ्टी मजबूती के साथ 24,250 का स्तर पार नहीं कर लेता, तब तक बाजार में यह सुस्ती और दबाव बना रह सकता है. जब तक वैश्विक अनिश्चितता और भू-राजनीतिक तनाव कम नहीं होते, तब तक बाजार में सीमित दायरे में ही उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा.