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बिजनेस

Sensex 900 अंक गिरकर बंद, Nifty 23,800 के नीचे; निवेशकों के 8 लाख करोड़ रुपये डूबे

ऐसा लगता है क‍ि जब तक पश्चिम एशिया से युद्धविराम को लेकर स्पष्ट संकेत नहीं मिलते, तब तक बाजार में अस्थिरता बनी रहेगी। निवेशकों को फिलहाल वेट एंड वॉच (Wait and Watch) की नीति अपनानी चाहिए और जल्दबाजी में बड़े निवेश से बचना चाहिए।

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Written By: Vandana Bharti Updated: Apr 9, 2026 16:07

भारतीय शेयर बाजार के लिए आज का दिन ब्लैक थर्सडे साबित हुआ। बुधवार की शानदार तेजी के बाद, गुरुवार को बाजार ने अपनी पूरी बढ़त गंवा दी और भारी गिरावट के साथ बंद हुआ। पश्चिम एशिया में गहराते तनाव और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सख्त चेतावनी ने निवेशकों के भरोसे को हिला दिया है। सेंसेक्स 931.25 अंक या 1.2 प्रतिशत गिरकर 76,631.65 पर बंद हुआ, जबकि व्यापक निफ्टी 222.25 अंक या 0.93 प्रतिशत गिरकर 23,775.10 पर आ गया। वहीं दोपहर 2:40 बजे तक, BSE सेंसेक्स 1,171.65 अंक (1.51%) गिरकर 76,391.25 पर आ गया था, जबकि Nifty 50 भी 305.20 अंक (1.27%) की गिरावट के साथ 23,692.15 के स्तर पर पहुंच गया था।

बाजार गिरने के 5 बड़े कारण

ट्रंप की शूटिंग वाली चेतावनी: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट कर वैश्विक बाजार में खलबली मचा दी। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना ईरान के पास तब तक तैनात रहेगी जब तक असली समझौता लागू नहीं होता। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शर्तों का पालन नहीं हुआ, तो ऐसी शूटिंग शुरू होगी जिसे दुनिया ने पहले कभी नहीं देखा होगा।

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इजरायल-लेबनान संघर्ष और ईरान की धमकी: ईरान ने साफ कर दिया है कि यदि इजरायल लेबनान पर बमबारी जारी रखता है, तो वह युद्धविराम (Ceasefire) से पीछे हट सकता है। इससे होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के दोबारा बंद होने का खतरा बढ़ गया है, जो वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए जीवन रेखा है।

कच्चे तेल की कीमतों में उछाल: अनिश्चितता के चलते ब्रेंट क्रूड 2.09% बढ़कर $96.73 प्रति बैरल पर पहुंच गया। भारत जैसे तेल आयातक देश के लिए यह महंगाई और राजकोषीय घाटे का बड़ा संकेत है।

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रुपये में बड़ी गिरावट: विदेशी निवेशकों की भारी बिकवाली और युद्ध के डर से भारतीय रुपया 17 पैसे टूटकर 92.71 प्रति डॉलर के रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गया।

FII की लगातार बिकवाली: विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने बाजार से अपना पैसा निकालना जारी रखा है। बुधवार को भी उन्होंने 2811.97 करोड़ रुपये की बिकवाली की थी, जिससे बाजार में लिक्विडिटी कम हो गई है।

सेक्टर और स्टॉक्स का हाल
बैंकिंग सेक्टर: सबसे ज्यादा मार बैंकिंग शेयरों पर पड़ी। HDFC Bank 1.8% और ICICI Bank 1.4% नीचे गिरे।
मिडकैप और स्मॉलकैप: हालांकि बड़े शेयर गिरे, लेकिन स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.3% की मामूली बढ़त देखी गई।
टॉप गेनर: खराब बाजार में भी Honasa Consumer के शेयर अच्छे तिमाही अपडेट के कारण 4% तक चढ़े।

First published on: Apr 09, 2026 03:52 PM

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