अगर आपने होम लोन, कार लोन या पर्सनल लोन ले रखा है, या फिर बैंक में फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) करा रखा है, तो यह खबर आपके बजट से सीधी जुड़ी है. रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के गवर्नर संजय मल्होत्रा की अगुवाई में हुई मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) की बैठक में रेपो रेट को 5.25% पर स्थिर (Unchanged) रखने का बड़ा फैसला लिया गया है. यानी आरबीआई ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है. आइए, समझते हैं कि आरबीआई ने यह फैसला क्यों लिया और इससे आपकी जेब पर क्या असर पड़ेगा.

RBI ने ब्याज दरों में बदलाव क्यों नहीं किया?

दुनिया भर में चल रही उथल-पुथल और पश्‍च‍िम एशिया (West Asia) में जारी तनाव के कारण वैश्‍व‍िक अर्थव्यवस्था में अनिश्‍च‍ितता का माहौल है. जून महीने में देश की खुदरा महंगाई दर (CPI Inflation) बढ़कर 4.38% पहुंच गई. हालांकि यह आरबीआई के 2% से 6% के दायरे के भीतर है, लेकिन यह आरबीआई के 4% के मध्यम अवधि के लक्ष्य से ऊपर निकल गई है.

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क्रूड ऑयल के दामों में आ रहे उतार-चढ़ाव को देखते हुए आरबीआई ने जल्दबाजी में दरें घटाने या बढ़ाने के बजाय देखो और इंतजार करो (Wait and Watch) की नीति अपनाई है. अमेरिका का फेडरल रिजर्व हो या ऑस्ट्रेलिया, सिंगापुर और यूरोप के केंद्रीय बैंक, सभी महंगाई और कूटनीतिक तनावों के कारण सतर्क रुख अपनाए हुए हैं और ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर रहे हैं.

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आपकी लोन EMI पर क्या होगा असर?

कोई बढ़ोतरी या राहत नहीं: क्‍योंक‍ि रेपो रेट 5.25% पर बरकरार है, इसलिए आपकी मौजूदा होम लोन, कार लोन या पर्सनल लोन की EMI में फिलहाल कोई बदलाव नहीं होगा.

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नई लोन दरें: अगर आप नया लोन लेने की सोच रहे हैं, तो बैंकों की ब्याज दरें फिलहाल उसी स्तर पर बनी रहेंगी जिस पर वे अभी दे रहे थे.

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फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) कराने वालों के लिए क्या खबर है?
बैंकों द्वारा एफडी (Fixed Deposit) पर मिलने वाली ब्याज दरों में भी तुरंत किसी बड़ी कटौती या बढ़ोतरी की संभावना नहीं है. अगर आप एफडी में निवेश करने का मन बना रहे हैं, तो आप मौजूदा अच्छी ब्याज दरों का लाभ उठाने के लिए एफडी बुक कर सकते हैं.

वैश्‍विक चुनौतियों और महंगाई के नए दबावों के बीच आरबीआई का रेपो रेट को 5.25% पर स्थिर रखने का फैसला अर्थव्यवस्था को संतुलन देने के लिए लिया गया है. लोन लेने वालों को ब्याज दरें घटने की राहत भले न मिली हो, लेकिन EMI बढ़ने का झटका भी नहीं लगा है.