रुपये को बचाने के लिए मैदान में उतरा RBI! डॉलर के मुकाबले ऑल-टाइम लो पर पहुंचे रुपये को संभालने के लिए बनाया ये मेगा एक्शन प्लान

डॉलर के मुकाबले ₹97 के ऐतिहासिक निचले स्तर पर पहुंचे भारतीय रुपये को बचाने के लिए आरबीआई (RBI) ने बड़ा एक्शन प्लान तैयार किया है। जानिए डॉलर की बिकवाली और एनआरआई निवेश समेत रिजर्व बैंक के 3 बड़े कदम।

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रुपये की मजबूती के ल‍िए आरबीआई ने उठाए ये कदम

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पिछले कुछ दिनों से अंतरराष्ट्रीय बाजारों में मची उथल-पुथल और पश्चिम एशिया के संकट के कारण भारतीय रुपया (Indian Rupee) लगातार कमजोर हो रहा है। हाल ही में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले इतिहास के सबसे निचले स्तर यानी ₹97 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। रुपये की इस गिरती सेहत ने सरकार और बाजार दोनों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। लेकिन अब देश का केंद्रीय बैंक यानी रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) रुपये को इस गिरावट से उबारने के लिए पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। आरबीआई ने रुपये की मजबूती और विदेशी मुद्रा बाजार को स्थिर करने के लिए एक मेगा एक्शन प्लान तैयार किया है।

क्या है RBI का मेगा एक्शन प्लान?

रिजर्व बैंक रुपये की गिरावट को रोकने के लिए कई मोर्चों पर एक साथ काम कर रहा है:

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डॉलर की भारी बिकवाली (Dollar Intervention)
जब बाजार में डॉलर की मांग बहुत ज्यादा बढ़ जाती है, तो रुपया कमजोर होने लगता है। इसे रोकने के लिए आरबीआई अपने विदेशी मुद्रा भंडार (Foreign Exchange Reserves) से अमेरिकी डॉलर को बाजार में बेचना शुरू कर रहा है। बाजार में डॉलर की सप्लाई बढ़ने से डॉलर की मनमानी थमेगी और रुपये को संभलने का मौका मिलेगा।

एनआरआई (NRI) निवेश को आकर्षित करना
आरबीआई विदेशों में रहने वाले भारतीयों (Non-Resident Indians) को भारत के बैंकों में पैसा जमा करने के लिए प्रोत्साहित करने की योजना बना रहा है। इसके लिए एनआरआई फिक्स्ड डिपॉजिट (FCNR-B खातों) पर ब्याज दरों को आकर्षक बनाया जा सकता है, ताकि देश में विदेशी करेंसी (डॉलर) का फ्लो तेजी से बढ़े।

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FPIs) के लिए नियमों में ढील
साल 2026 में विदेशी निवेशक भारतीय शेयर बाजार से लगातार अपना पैसा निकाल रहे हैं, जिससे रुपया कमजोर हुआ है। आरबीआई अब विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) के लिए भारतीय सरकारी बॉन्ड और डेट मार्केट में निवेश के नियमों को और आसान बनाने जा रहा है, ताकि विदेशी फंड्स की भारत में वापसी हो सके।

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रुपये का मजबूत होना आपके लिए क्यों है जरूरी?
अगर आरबीआई का यह एक्शन प्लान कामयाब रहता है और रुपया वापस मजबूत होता है, तो इसका सीधा फायदा आम जनता को मिलेगा:

महंगाई पर लगेगी लगाम: भारत जो कच्चा तेल, खाने का तेल और इलेक्ट्रॉनिक सामान विदेशों से खरीदता है, वो सस्ते हो जाएंगे। इससे देश में कुल महंगाई कम होगी।

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विदेश घूमना और पढ़ाई होगी सस्ती: अगर रुपया मजबूत होता है, तो विदेशों में बच्चों की पढ़ाई की फीस और वहां घूमने का खर्च काफी कम हो जाएगा।

एक्सपर्ट्स का क्या है कहना?
आर्थिक विश्लेषकों का मानना है कि भारत का विदेशी मुद्रा भंडार इस समय काफी मजबूत स्थिति में है, इसलिए आरबीआई के पास बाजार में दखल देने की पूरी ताकत है। हालांकि, पश्चिम एशिया (मिड-ईस्ट) का तनाव जब तक पूरी तरह शांत नहीं होता, तब तक कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी रह सकती हैं, जो रुपये के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। लेकिन आरबीआई के इन कदमों से रुपये में आ रही तेज गिरावट पर तुरंत ब्रेक जरूर लग जाएगा।

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लेखक के बारे में

Vandana Bharti

Vandana Bharti

वन्‍दना भारती News 24 में बतौर ड‍िप्‍टी न्‍यूज एडिटर कार्यरत हैं और मौजूदा समय में बिजनेस डेस्‍क संभाल रही हैं. वन्दना News 24 के लिए स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, कमोडिटी मार्केट, सरकारी योजनाओं पर खबरें लिखती हैं. वन्‍दना ने अपने करियर की शुरुआत दैन‍िक जागरण अखबार से की. इसके बाद देशबंधु अखबार में उन्होंने ब‍िजनेस रिपोर्टिंग में अपनी विशेषज्ञता विकसित की. साल 2010 में उन्होंने ह‍िन्‍दुस्‍तान अखबार में अपनी सेवाएं दीं, जहां उन्होंने ब‍िजनेस पेज के लिए 6 साल तक काम किया. वन्‍दना, आजतक डिजिटल, India.com और News18.com जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स में बिजनेस डेस्क से जुड़ी रही हैं. वन्दना ने दिल्ली विश्वविद्यालय से बीकॉम किया है. कॉमर्स बैकग्राउंड होने के कारण उनकी बिजनेस की खबरों में अच्छी पकड़ है और इन खबरों को वह आसान भाषा में यूजर्स तक पहुंचाती हैं. कितने साल का अनुभव: 18 साल योग्यता: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बी.कॉम और नई द‍िल्‍ली के YMCA संस्‍थान से पत्रकार‍िता में पीजीडीएमए की डिग्री प्राप्त की है.
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