पश्चिमी एशिया (West Asia) में जारी युद्ध और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की आसमान छूती कीमतों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की जनता से एक बड़ी और महत्वपूर्ण अपील की है। तेलंगाना में एक जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने नागरिकों से आग्रह किया है कि वे पेट्रोल डीजल की खपत कम करें और जहां तक संभव हो, सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें।
प्रधानमंत्री की अपील के मुख्य बिंदु:
ईंधन की बचत: पीएम ने नागरिकों से कहा कि अगर बहुत जरूरी न हो तो निजी वाहनों का उपयोग कम करें। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे मेट्रो ट्रेनों और सार्वजनिक बसों जैसे साधनों को प्राथमिकता दें।
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वर्क फ्रॉम होम (WFH): प्रधानमंत्री ने सुझाव दिया कि जहां संभव हो, कर्मचारी और कंपनियां फिर से वर्क फ्रॉम होम (घर से काम) की संस्कृति को अपनाएं। इससे सड़कों पर गाड़ियां कम उतरेंगी और देश का कीमती ईंधन बचेगा।
कारपूलिंग को बढ़ावा: उन्होंने ऑफिस जाने वालों से कारपूल (Carpool) करने का आग्रह किया, ताकि एक ही रूट पर चलने वाली कई गाड़ियों के बजाय एक ही गाड़ी का उपयोग हो।
ईवी (EV) का इस्तेमाल: पीएम ने इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग पर जोर दिया ताकि पेट्रोलियम उत्पादों पर भारत की निर्भरता कम हो सके।
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क्यों जरूरी है यह अपील?
ग्लोबल क्रूड संकट: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें $100 के पार पहुंच चुकी हैं। भारत अपनी जरूरत का 85% तेल आयात करता है।
विदेशी मुद्रा पर दबाव: तेल की बढ़ती कीमतों के कारण भारत को अधिक विदेशी मुद्रा (डॉलर) खर्च करनी पड़ रही है, जिसका असर देश के राजकोषीय घाटे पर पड़ता है।
महंगाई का डर: अगर ईंधन की खपत कम नहीं की गई, तो ट्रांसपोर्टेशन महंगा होने से आम जरूरतों की चीजों के दाम भी बढ़ सकते हैं।
आर्थिक देशभक्ति का समय
प्रधानमंत्री ने देशवासियों को याद दिलाया कि जिस तरह से भारत ने मिलकर कोरोना संकट का सामना किया था, उसी तरह अब इस ऊर्जा संकट से निपटने के लिए हर नागरिक का योगदान जरूरी है। उन्होंने कहा कि ईंधन बचाना न केवल पर्यावरण के लिए अच्छा है, बल्कि यह वर्तमान समय में देश के प्रति एक बड़ी सेवा है।










