IndusInd Bank Share: इंडसइंड बैंक के खिलाफ PMO और RBI में शिकायत! इनसाइडर ट्रेडिंग के आरोपों के बीच शेयर 2% से ज्यादा टूटे
IndusInd Bank Update 2026: पूर्व जोनल हेड समीर अग्रवाल पर इनसाइडर ट्रेडिंग और गड़बड़ी के आरोपों के बाद इंडसइंड बैंक के शेयरों में भारी गिरावट आई है। हालांकि बैंक ने आरोपों को नकारा।
इंडसइंड बैंक (IndusInd Bank) के लिए आज का कारोबारी दिन काफी मुश्किलों भरा साबित हो रहा है। बुधवार को शुरुआती कारोबार में निजी क्षेत्र के इस दिग्गज बैंक के शेयरों में 2 प्रतिशत से ज्यादा की बड़ी गिरावट दर्ज की गई। बाजार में आई इस कमजोरी की मुख्य वजह बैंक के खिलाफ प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) समेत कई अन्य नियामक एजेंसियों में दर्ज कराई गई एक नई व्हिसलब्लोअर (Whistleblower) शिकायत है।
सुबह 9:22 बजे नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर इंडसइंड बैंक का शेयर 2.64 प्रतिशत या ₹24.05 टूटकर ₹888.45 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह गंभीर शिकायत मई के अंत में भेजी गई थी, जिसके सार्वजनिक होते ही निवेशकों ने बैंक के शेयरों में बिकवाली शुरू कर दी।
इनसाइडर ट्रेडिंग और कॉरपोरेट गवर्नेंस में गड़बड़ी के आरोप
इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, व्हिसलब्लोअर ने अपनी शिकायत में बैंक के भीतर इनसाइडर ट्रेडिंग (Insider Trading), वित्तीय रिकॉर्ड में हेरफेर, ऑडिट रिपोर्ट को दबाने और कॉरपोरेट गवर्नेंस में भारी कमियों के आरोप लगाए हैं। यह शिकायत सिर्फ पीएमओ और आरबीआई ही नहीं, बल्कि सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन ऑफिस (SFIO), नेशनल फाइनेंशियल रिपोर्टिंग अथॉरिटी (NFRA) और अन्य जांच एजेंसियों को भी भेजी गई है।
पूर्व जोनल हेड पर उंगली: शिकायत में मुख्य रूप से इंडसइंड बैंक के पूर्वी भारत के पूर्व जोनल हेड समीर अग्रवाल का नाम सामने आया है। आरोप है कि उन्होंने अपनी कॉरपोरेट बैंकिंग जिम्मेदारियों के दौरान मिली बेहद गोपनीय जानकारियों का इस्तेमाल कर अपने परिवार और जुड़े हुए लोगों के जरिए करीब ₹815 करोड़ के शेयर सौदे किए, जिससे लगभग ₹46 करोड़ का मुनाफा कमाया गया।
केसोराम इंडस्ट्रीज का मामला: शिकायत में विशेष रूप से केसोराम इंडस्ट्रीज (Kesoram Industries) का जिक्र किया गया है। आरोप के मुताबिक, कंपनी में एक बड़ी रणनीतिक डील होने से ठीक पहले समीर अग्रवाल की पत्नी ने उसके 34 लाख से ज्यादा शेयर खरीदे। यह कंपनी अग्रवाल के लोन पोर्टफोलियो का हिस्सा थी, जिससे उन्हें करीब ₹3.26 करोड़ का मुनाफा हुआ।
2000 करोड़ रुपये के अकाउंटिंग मिसमैच के बाद बढ़ीं मुश्किलें
इंडसइंड बैंक के लिए यह विवाद ऐसे समय में आया है जब वह पहले से ही ₹2,000 करोड़ के डेरिवेटिव्स अकाउंटिंग मिसमैच (Discrepancy) के मामले को लेकर नियामकों के रडार पर है। कुछ समय पहले ही बैंक के आंतरिक नियंत्रण और गवर्नेंस स्टैंडर्ड पर सवाल उठे थे, और अब इस नई शिकायत ने बैंक की अंदरूनी कार्यप्रणाली पर चौतरफा दबाव बढ़ा दिया है।
इंडसइंड बैंक ने आरोपों को किया खारिज
इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए इंडसइंड बैंक ने व्हिसलब्लोअर के दावों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। बैंक का कहना है कि शिकायत में उठाए गए सभी मुद्दों की आंतरिक स्तर पर गहन जांच (Duly Examined) की जा चुकी है और नीतियों के अनुसार आवश्यक कदम उठाए गए हैं। चूंकि अभी मामला विभिन्न नियामक स्तरों पर समीक्षा के अधीन है, इसलिए बैंक ने आगे कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। दूसरी तरफ, समीर अग्रवाल की ओर से भी अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
इंडसइंड बैंक (IndusInd Bank) के लिए आज का कारोबारी दिन काफी मुश्किलों भरा साबित हो रहा है। बुधवार को शुरुआती कारोबार में निजी क्षेत्र के इस दिग्गज बैंक के शेयरों में 2 प्रतिशत से ज्यादा की बड़ी गिरावट दर्ज की गई। बाजार में आई इस कमजोरी की मुख्य वजह बैंक के खिलाफ प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) समेत कई अन्य नियामक एजेंसियों में दर्ज कराई गई एक नई व्हिसलब्लोअर (Whistleblower) शिकायत है।
सुबह 9:22 बजे नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर इंडसइंड बैंक का शेयर 2.64 प्रतिशत या ₹24.05 टूटकर ₹888.45 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह गंभीर शिकायत मई के अंत में भेजी गई थी, जिसके सार्वजनिक होते ही निवेशकों ने बैंक के शेयरों में बिकवाली शुरू कर दी।
इनसाइडर ट्रेडिंग और कॉरपोरेट गवर्नेंस में गड़बड़ी के आरोप
इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, व्हिसलब्लोअर ने अपनी शिकायत में बैंक के भीतर इनसाइडर ट्रेडिंग (Insider Trading), वित्तीय रिकॉर्ड में हेरफेर, ऑडिट रिपोर्ट को दबाने और कॉरपोरेट गवर्नेंस में भारी कमियों के आरोप लगाए हैं। यह शिकायत सिर्फ पीएमओ और आरबीआई ही नहीं, बल्कि सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन ऑफिस (SFIO), नेशनल फाइनेंशियल रिपोर्टिंग अथॉरिटी (NFRA) और अन्य जांच एजेंसियों को भी भेजी गई है।
---विज्ञापन---
पूर्व जोनल हेड पर उंगली: शिकायत में मुख्य रूप से इंडसइंड बैंक के पूर्वी भारत के पूर्व जोनल हेड समीर अग्रवाल का नाम सामने आया है। आरोप है कि उन्होंने अपनी कॉरपोरेट बैंकिंग जिम्मेदारियों के दौरान मिली बेहद गोपनीय जानकारियों का इस्तेमाल कर अपने परिवार और जुड़े हुए लोगों के जरिए करीब ₹815 करोड़ के शेयर सौदे किए, जिससे लगभग ₹46 करोड़ का मुनाफा कमाया गया।
केसोराम इंडस्ट्रीज का मामला: शिकायत में विशेष रूप से केसोराम इंडस्ट्रीज (Kesoram Industries) का जिक्र किया गया है। आरोप के मुताबिक, कंपनी में एक बड़ी रणनीतिक डील होने से ठीक पहले समीर अग्रवाल की पत्नी ने उसके 34 लाख से ज्यादा शेयर खरीदे। यह कंपनी अग्रवाल के लोन पोर्टफोलियो का हिस्सा थी, जिससे उन्हें करीब ₹3.26 करोड़ का मुनाफा हुआ।
2000 करोड़ रुपये के अकाउंटिंग मिसमैच के बाद बढ़ीं मुश्किलें
इंडसइंड बैंक के लिए यह विवाद ऐसे समय में आया है जब वह पहले से ही ₹2,000 करोड़ के डेरिवेटिव्स अकाउंटिंग मिसमैच (Discrepancy) के मामले को लेकर नियामकों के रडार पर है। कुछ समय पहले ही बैंक के आंतरिक नियंत्रण और गवर्नेंस स्टैंडर्ड पर सवाल उठे थे, और अब इस नई शिकायत ने बैंक की अंदरूनी कार्यप्रणाली पर चौतरफा दबाव बढ़ा दिया है।
---विज्ञापन---
इंडसइंड बैंक ने आरोपों को किया खारिज
इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए इंडसइंड बैंक ने व्हिसलब्लोअर के दावों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। बैंक का कहना है कि शिकायत में उठाए गए सभी मुद्दों की आंतरिक स्तर पर गहन जांच (Duly Examined) की जा चुकी है और नीतियों के अनुसार आवश्यक कदम उठाए गए हैं। चूंकि अभी मामला विभिन्न नियामक स्तरों पर समीक्षा के अधीन है, इसलिए बैंक ने आगे कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। दूसरी तरफ, समीर अग्रवाल की ओर से भी अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।