Petrol Diesel Latest Price: मिडिल ईस्ट में ईरान-इजरायल युद्ध की भीषण आग अब भारतीय ईंधन बाजार को झुलसाने लगी है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें $100 प्रति बैरल के पार पहुंचने के बाद निजी तेल कंपनियों ने हाथ खड़े कर दिए हैं। Shell India और Nayara Energy जैसी प्राइवेट कंपनियों ने 1 अप्रैल से पेट्रोल और डीजल के दामों में जो बढ़ोतरी की है, उसने आम आदमी को करंट लगा दिया है।
डीजल में 25.01 रुपये की रिकॉर्ड बढ़त
प्राइवेट फ्यूल रिटेलर Shell India ने डीजल की कीमतों में 25.01 रुपये प्रति लीटर का चौंकाने वाला इजाफा किया है। इस बढ़ोतरी के बाद बेंगलुरु जैसे शहरों में कीमतें आसमान छू रही हैं। सूत्रों के मुताबिक, अगर अंतरराष्ट्रीय हालात नहीं सुधरे, तो डीजल ₹148 से ₹165 तक भी जा सकता है।
- रेगुलर डीजल: ₹123.52 प्रति लीटर
- प्रीमियम डीजल: ₹133.52 प्रति लीटर
पेट्रोल भी हुआ बेकाबू: 119 रुपये के पार
Shell India ने पेट्रोल की कीमतों में भी 7.41 रुपये प्रति लीटर की भारी वृद्धि की गई है। बेंगलुरु में रेगुलर पेट्रोल अब 119.85 रुपये प्रति लीटर और प्रीमियम पेट्रोल 129.85 रुपये प्रति लीटर पर बिक रहा है।
क्यों लगी कीमतों में आग?
ईरान-इजरायल युद्ध: 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद से ब्रेंट क्रूड की कीमतों में 60% की तेजी आई है।
होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में तनाव: भारत अपनी जरूरत का 88% तेल आयात करता है और सप्लाई का मुख्य रास्ता (होर्मुज) युद्ध की वजह से अनिश्चितता के घेरे में है।
प्राइवेट कंपनियों की मजबूरी: सरकारी तेल कंपनियों ने फिलहाल रेट स्थिर रखे हैं क्योंकि उन्हें घाटे की भरपाई के लिए सरकारी मदद मिलती है, लेकिन प्राइवेट कंपनियों (Shell, Nayara) को ऐसा कोई सपोर्ट नहीं मिलता, इसलिए उन्होंने पूरा बोझ ग्राहकों पर डाल दिया है।










