राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड (NHB) के सब्सिडी नियमों में बदलाव और 15 सितंबर को किसानों द्वारा किए गए विरोध-प्रदर्शन के बाद अब एक बड़ा अपडेट सामने आया है.NHB ने पेंडिंग सब्सिडी दावों (Pending Subsidy Claims) को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर करते हुए एक आधिकारिक बयान (Official Statement) जारी किया है.

यह बयान NHB के प्रबंध निदेशक (Managing Director) कपिल मीणा (IAS) की ओर से जारी किया गया है, जिससे पॉलीहाउस और बागवानी से जुड़े उन हजारों किसानों को राहत मिली है जो पुराने प्रोजेक्ट्स में सब्सिडी कटने के डर से परेशान थे. आइए समझते हैं कि NHB ने अपने इस नए स्पष्टीकरण में क्या-क्या कहा है.

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पुराने और असली दावों पर लागू नहीं होंगे नए नियम

NHB ने साफ किया है कि जिन किसानों के पुराने क्लेम असली (Genuine) पाए जाएंगे, उन पर नए दिशानिर्देशों का पिछली तारीख से असर (Retrospective Effect) नहीं पड़ेगा. इसका मतलब यह है कि अगर आपका केस पात्र (Eligible) है और प्रोजेक्ट पहले ही मंजूर या शुरू हो चुका था, तो उस पर नए नियमों के तहत सब्सिडी कम नहीं की जाएगी.

पुराने नियमों के तहत ही निपटेंगे पात्र मामले
बयान के मुताबिक, सभी योग्य और genuine मामलों का निपटारा पुरानी गाइडलाइन्स और नियमों के तहत ही किया जाएगा. इससे उन किसानों की चिंता दूर हो गई है जिन्होंने पहले की नीतियों को देखकर बैंक लोन लिया था या भारी पूंजी निवेश किया था.

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किन मामलों में नहीं मिलेगी यह राहत?
बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि पुराने नियमों का फायदा केवल उन मामलों को नहीं मिलेगा जहां एक ही परिवार के बार-बार लाभ लेने का गंभीर उल्लंघन पाया गया हो. लाभ के पद (Office of Profit) का दुरुपयोग कर सब्सिडी ली गई हो. ऐसे मामलों को छोड़कर बाकी सभी वैध मामलों को पुरानी नीति के तहत ही प्रोसेस किया जाएगा.

भ्रांतियों को दूर करने की अपील
NHB प्रबंध निदेशक कपिल मीणा (IAS) ने संबंधित अधिकारियों और प्रतिनिधिमंडलों से अपील की है कि वे इस फैसले की जानकारी सभी किसानों तक पहुंचाएं ताकि सब्सिडी को लेकर फैली सभी गलतफहमियां और भ्रम दूर हो सकें.

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