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पेट्रोल-डीजल पर सरकार का बड़ा फैसला! विंडफॉल टैक्स में हुई कटौती; जानें आप पर क्या होगा असर

केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल के निर्यात पर लगने वाले विंडफॉल टैक्स में कटौती की है. जानिए पेट्रोल, डीजल और ATF पर कितना टैक्स कम हुआ और आम जनता पर इसका क्या असर पड़ेगा.

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Petrol Diesel Price : अंतरराष्ट्रीय बाजार की हलचल के बीच केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल को लेकर एक अहम कदम उठाया है. सरकार ने पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात (Export) पर लगने वाले विंडफॉल टैक्स (Windfall Tax) में बड़ी कटौती का ऐलान किया है. अगर आप सोच रहे हैं कि क्या इससे आपकी गाड़ी की टंकी फुल कराने का खर्च कम होगा या नहीं, तो आइए इस पूरे गणित को एकदम सीधी और आम भाषा में समझते हैं.

क्या-क्या हुआ है बदलाव?

सरकार के नए फैसले के तहत तेल का निर्यात करने वाली कंपनियों को टैक्स में यह राहत दी गई है. पेट्रोल पर लगने वाली लेवी को 1.50 रुपये प्रति लीटर से घटाकर 0.50 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है. यानी सीधे 1 रुपये प्रति लीटर की कटौती की गई है.

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वहीं डीजल के निर्यात पर कुल शुल्क 25 रुपये प्रति लीटर से घटाकर 20 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है. पहले इसमें 24 रुपये स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी (SAED) और 1 रुपये रोड एंड इंफ्रास्ट्रक्चर सेस (RIC) शामिल था, जिसमें से RIC को अब पूरी तरह खत्म कर दिया गया है.

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हवाई ईंधन यानी एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) के निर्यात पर विंडफॉल टैक्स 15 रुपये प्रति लीटर ही रहेगा. बता दें क‍ि सरकार हर 15 दिनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति देखकर इस टैक्स की समीक्षा करती है.

क्या आम जनता और गाड़ियों के दाम पर पड़ेगा असर?
शॉर्ट में जवाब है, नहीं. अगर आप सोच रहे हैं कि आपके शहर के पेट्रोल पंप पर पेट्रोल-डीजल सस्ता होगा, तो ऐसा नहीं है. घरेलू खपत के लिए पेट्रोल और डीजल पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी में कोई बदलाव नहीं किया गया है.

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यह फैसला केवल उन कंपनियों जैसे रिलायंस या अन्य ऑयल रिफाइनरीज पर लागू होता है जो भारत से बाहर कच्चा तेल या रिफाइंड फ्यूल बेचती हैं. इससे उनकी एक्सपोर्ट लागत कम होगी, लेकिन आपके रोज़ाना के पेट्रोल-डीजल के दामों पर इसका कोई सीधा असर नहीं पड़ेगा.

आखिर क्या होता है यह विंडफॉल टैक्स?
आसान शब्दों में समझें तो जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम अचानक बहुत बढ़ जाते हैं, तो तेल रिफाइनिंग करने वाली कंपनियों को बिना किसी एक्स्ट्रा मेहनत के बंपर मुनाफा (Windfall Profit) होने लगता है.

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सरकार इस अप्रत्याशित मुनाफे के एक हिस्से पर अतिरिक्त टैक्स लगाती है, जिसे विंडफॉल टैक्स कहते हैं. इसका मुख्य उद्देश्य देश के भीतर पेट्रोल-डीजल की कमी न होने देना और घरेलू आपूर्ति को प्राथमिकता देना होता है.

First published on: Sep 17, 2026 09:08 AM

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About the Author

Vandana Bharti

वन्‍दना भारती News 24 में बतौर ड‍िप्‍टी न्‍यूज एडिटर कार्यरत हैं और मौजूदा समय में बिजनेस डेस्‍क संभाल रही हैं. वन्दना News 24 के लिए स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, कमोडिटी मार्केट, सरकारी योजनाओं पर खबरें लिखती हैं. वन्‍दना ने अपने करियर की शुरुआत दैन‍िक जागरण अखबार से की. इसके बाद देशबंधु अखबार में उन्होंने ब‍िजनेस रिपोर्टिंग में अपनी विशेषज्ञता विकसित की. साल 2010 में उन्होंने ह‍िन्‍दुस्‍तान अखबार में अपनी सेवाएं दीं, जहां उन्होंने ब‍िजनेस पेज के लिए 6 साल तक काम किया. वन्‍दना, आजतक डिजिटल, India.com और News18.com जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स में बिजनेस डेस्क से जुड़ी रही हैं. वन्दना ने दिल्ली विश्वविद्यालय से बीकॉम किया है. कॉमर्स बैकग्राउंड होने के कारण उनकी बिजनेस की खबरों में अच्छी पकड़ है और इन खबरों को वह आसान भाषा में यूजर्स तक पहुंचाती हैं. कितने साल का अनुभव: 18 साल योग्यता: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बी.कॉम और नई द‍िल्‍ली के YMCA संस्‍थान से पत्रकार‍िता में पीजीडीएमए की डिग्री प्राप्त की है.

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